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होटल व्यवसायी की सजा बरकरार
हरियाणा
Updated Thu, 10 Oct 2013 11:48 PM IST
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कुरुक्षेत्र में वर्ष 2005 में सैफरॉन होटल में खाद्य सामग्री के सैंपल फूड सेफ्टी के मापदंड पर फेल होने के मामले में एक साल पहले चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट रंजना अग्रवाल की ओर से होटल मालिक आनंद बजाज को सुनाई गई एक साल की सजा को सेशन कोर्ट ने बरकरार रखा है।
सेशन कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए सजा को बरकरार रखा और दोषी पर दस हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है।
गौरतलब है कि आठ साल पहले के इस मामले में होटल से मिले आटे के सैंपल फूड सेफ्टी के मापदंड पर खरे नहीं उतरे थे और मामला चीफ ज्यूडिशियल के पास विचाराधीन था। उल्लेखनीय है कि फीलिंग स्टेशन, होटल इंडस्ट्री और अन्य कारोबार से जुड़े आनंद बजाज की गिनती नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी के रूप में होती है।
वर्ष 2005 में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुरुक्षेत्र-पिपली मार्ग पर स्थित सैफरॉन होटल पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने होटल से कई सेंपल लिए थे। जिसमें आटे का सेंपल फेल आने के बाद यह मामला अदालत में विचाराधीन था।
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जिला पानीपत और जिला कुरुक्षेत्र के फूड सेफ्टी आफिसर श्यामलाल ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि 2005 में उन्होंने ही सैफरॉन होटल से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए थे।
सैंपलों की जांच में आटे के सैंपल फेल पाए गए थे। होटल मालिक आनंद बजाज के खिलाफ 7-16 पीएफए एक्ट 1956 के तहत कार्रवाई की गई थी और मामला अदालत में चला गया था।
बहरहाल, होटल व्यवसायी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह जिला के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन है। इस फैसले के बाद जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील गई थी, जिसे अदालत ने वीरवार को खारिज कर दिया।
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सेशन कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए सजा को बरकरार रखा और दोषी पर दस हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है।
गौरतलब है कि आठ साल पहले के इस मामले में होटल से मिले आटे के सैंपल फूड सेफ्टी के मापदंड पर खरे नहीं उतरे थे और मामला चीफ ज्यूडिशियल के पास विचाराधीन था। उल्लेखनीय है कि फीलिंग स्टेशन, होटल इंडस्ट्री और अन्य कारोबार से जुड़े आनंद बजाज की गिनती नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी के रूप में होती है।
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वर्ष 2005 में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुरुक्षेत्र-पिपली मार्ग पर स्थित सैफरॉन होटल पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने होटल से कई सेंपल लिए थे। जिसमें आटे का सेंपल फेल आने के बाद यह मामला अदालत में विचाराधीन था।
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जिला पानीपत और जिला कुरुक्षेत्र के फूड सेफ्टी आफिसर श्यामलाल ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि 2005 में उन्होंने ही सैफरॉन होटल से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए थे।
सैंपलों की जांच में आटे के सैंपल फेल पाए गए थे। होटल मालिक आनंद बजाज के खिलाफ 7-16 पीएफए एक्ट 1956 के तहत कार्रवाई की गई थी और मामला अदालत में चला गया था।
बहरहाल, होटल व्यवसायी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह जिला के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन है। इस फैसले के बाद जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील गई थी, जिसे अदालत ने वीरवार को खारिज कर दिया।