फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   RS politics in haryana

राज्यसभा चुनाव से पहले गरमाई हरियाणा की राजनीति

Wed, 29 Jan 2014 01:13 PM IST
Updated Wed, 29 Jan 2014 01:13 PM IST
विज्ञापन
RS politics in haryana

कांग्रेस ने हरियाणा की अपने हिस्से की राज्यसभा की इकलौती सीट से केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री कुमारी सैलजा को उम्मीदवार बनाया है।

विज्ञापन


उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सैलजा ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। 51 वर्षीय कुमारी सैलजा ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के सचिव और रिटर्निंग अफसर सुमित कुमार के सामने नामांकन पत्र भरा।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा, शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल, परिवहन मंत्री आफताब अहमद, सीपीएस रामकिशन गुर्जर, विधायक बीबी बत्तरा, डीके बंसल, आनंद कौशिक, जयतीर्थ दहिया और जगबीर मलिक ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नामांकन पत्र भरने के समय प्रदेश कांग्रेस प्रभारी डॉ शकील अहमद, प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद मुलाना, राज्यसभा सदस्य ईश्वर सिंह, विधायक नरेश सेलवाल, राजपाल भूखड़ी भी उपस्थित थे।

सैलजा, कश्यप का निर्विरोध चुना जाना तय

RS politics in haryana

हरियाणा से राज्यसभा के लिए दो सीटों का चुनाव होना है। कांग्रेस के पास 46 विधायक हैं। उन्हें सात निर्दलीय और एक बीएसपी विधायक का समर्थन है। इनेलो और अकाली दल के 31 विधायक हैं।

कांग्रेस की तरफ से केवल कुमारी सैलजा ने नामांकन पत्र भरा है। इनेलो के कवरिंग उम्मीदवार बलदेव वाल्मीकि नामांकन पत्र वापस ले लेंगे तो इनेलो के राम कुमार कश्यप उम्मीदवार रह जाएंगे।

रिटर्निंग अफसर सुमित कुमार ने बताया कि 29 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 31 जनवरी को शाम तीन बजे नामांकन पत्र वापसी के बाद अगर दो उम्मीदवार रहे तो उसी दिन दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।

कांग्रेस नेतृत्व ने दिया हुड्डा को झटका

RS politics in haryana

कांग्रेस ने हरियाणा की राज्यसभा की सीट से कुमारी सैलजा को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि हरियाणा की बदली राजनीतिक परिस्थिति में उन्हें राज्य कांग्रेस संगठन की भी कमान दी जा सकती है।

उधर सैलजा को उम्मीदवार बना कर पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे को बीते करीब नौ साल में पहली बार करारा झटका दिया है। मुख्यमंत्री खुद रामप्रकाश या राज्य पीसीसी के अध्यक्ष फूलचंद मुलाना को राज्यसभा प्रत्याशी बनाने के लिए सोमवार की शाम तक प्रयासरत थे।

हुड्डा की कोशिश सैलजा-चौधरी बीरेंद्र सिंह खेमे के ईश्वर सिंह की राह भी रोकने की थी। मगर आलाकमान ने नामांकन की अंतिम तिथि से चंद घंटे पहले सैलजा के नाम पर मुहर लगा कर हुड्डा खेमे को निराश कर दिया।

क्या ये है संतुलन बनाने की कवायद?

RS politics in haryana

आलाकमान के इस कदम को राज्य की राजनीति में हुड्डा और सैलजा खेमे में संतुलन बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इस सीट को राज्य के दोनों गुटों ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था।

मुख्यमंत्री ने सोमवार की शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर अंतिम कोशिश भी की। उधर ईश्वर सिंह को दूसरा कार्यकाल दिए जाने का दबाव डाल रही सैलजा ने रणनीति में बदलाव करते हुए खुद अपना नाम आगे बढ़ा दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष की करीबी होने के कारण यूपीए सरकार के दोनों कार्यकाल में मंत्री का पद हासिल करने वाली सैलजा के इस अनुरोध को पार्टी नेतृत्व टाल नहीं पाया।

उधर, हुड्डा समर्थकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में अंबाला सीट को अपने लिए सुरक्षित न पाने के बाद सैलजा ने पहले तो अपनी सीट बदलने की कोशिश की। मगर इसमें कामयाब न होने के बाद राज्यसभा के लिए दावेदारी पेश कर दी।

बहरहाल, चूंकि बीते नौ साल में पहली बार सैलजा खेमे ने मुख्यमंत्री खेमे को शिकस्त दी है, इसलिए चुनाव से ठीक पहले इस खेमे में उत्साह है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अब बदली राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी नेतृत्व सैलजा को पीसीसी अध्यक्ष बना सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed