{"_id":"cb69c925717cb87c2bfd3ab96c16881e","slug":"young-scientists-award","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश के युवा वैज्ञानिकों को अवार्ड देकर नवाजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश के युवा वैज्ञानिकों को अवार्ड देकर नवाजा
रोहतक/ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2013 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया (एएमआई) के 54वें वार्षिक
विज्ञापन
सम्मेलन के समापन पर महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में कई वैज्ञानिकों को
पुरस्कार प्रदान किए गए।
एएमआई लुई पास्चर अवार्ड नैचुरल प्रोडक्ट्स (पीरामल इंटरप्राइजेस) के सीनियर ग्रुप हेड डॉ. गिरीश महाजन को प्रदान किया गया। एएमआई प्रो. जीरंगा स्वामी अवार्ड यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद के प्लांट साइंसेज विभाग के प्रोफेसर डॉ. अप्पा राव पोडिले को प्रदान किया गया। एएमआई बेस्ट यूनिट अवार्ड का प्रथम पुरस्कार सीएफटीआरआई (मैसूर) को और द्वितीय पुरस्कार आईआईटी यूनि (ओडिशा) को मिला।
एएमआई युवा वैज्ञानिक पुरस्कार के तहत एग्रीकल्चरल माइक्रोबायेलॉजी वर्ग में डॉ. प्रवीण राही (नेशनल सेंटर फॉर सेल साइंस, पुणे) को, इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी के लिए भुवनेश श्रीवास्तव (दिल्ली विवि, दक्षिण परिसर) को, इनवायरमेंटल माइक्रोबायोलॉजी के लिए डॉ. अभिलाष (नेशनल मैट्रालॉजिकल लैब, जमशेदपुर) को, मेडिकल एंड वेटेनरी माइक्रोबायोलॉजी में यूआईईटी (मदवि) के डॉ. कश्यप कुमार दुबे को, डेरी एंड फूड माइक्रोबायोलॉजी के लिए डॉ. अमृता मिश्रा (के आईआईटी यूनि, भुवनेश्वर) को और मॉलीक्युलर माइक्रोबायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के लिए चिरंजीव बैनर्जी (बीआईटी, मेसरा, रांची) को अवार्ड मिला।
युवा वैज्ञानिक अवार्ड सीमा पटेल, ए मजूमदार, अरुण गोयल को और एम सरिता, ए अरोड़ा व लता को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। एएमआई डॉ. आरएस राणा मेमोरियल बेस्ट पोस्टर अवार्ड सरिता कुमारी तथा देवेंद्र कुमार चौधरी (एमआईटीएस, लक्ष्मणगढ़, सीकर) को दिया गया। एएसएम बेस्ट पोस्टर अवार्ड नितिश कुमार महतो (जमशेदपुर) को मिला। एएमआई पोस्टर अवार्ड संतोष बाबू एवं अन्य (आईएआरआई, नई दिल्ली), प्रीति जैन एवं टीम (जैव रसायन, मदवि), प्रदीप कुमार एवं अन्य (सीडीएलयू, सिरसा), प्रतिभा गुप्ता एवं टीम (बीआईटी, मेसरा, रांची), दीप्ति सिंह एवं अन्य (माइक्रोबायोलॉजी, मदवि) और भुवनेश श्रीवास्तव (दिल्ली विवि, दक्षिण परिसर) को प्रदान किया गया।
विदेशियों संग मिलकर एमडीयू में होंगे शोध
रोहतक। राज्यपाल एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगन्नाथ पहाड़िया ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास ने मानव जीवन के उत्थान में नए क्षितिज तय किए हैं। माइक्रोबायोलॉजी सरीखा एडवांस्ड विज्ञान मानव जीवन को बेहतर बना रहा है। जरूरत है कि इस वैज्ञानिक ज्ञान के उपयोगी पक्ष को जनमानस के कल्याण के लिए इस्तेमाल करने की। पहाड़िया बुधवार को एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया (एएमआई) के 54वें वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह में बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी का स्वास्थ्य, चिकित्सा विज्ञान, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, वानिकी, पर्यावरण प्रबंधन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। मदवि के कुलपति एचएस चहल ने कहा कि विश्वविद्यालय शीर्ष विदेशी वैज्ञानिक संस्थानों के साथ शोध सहभागिता के लिए करार करेगा। समापन समारोह से पूर्व एएमआई अवार्ड प्रजेंटेशन सत्र आयोजित किया गया। एएमआई के महासचिव प्रो. टीके अध्या ने इस सत्र का संचालन किया और पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की। एएमआई अध्यक्ष प्रो. रूपलाल ने इन विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए।
ये रहे उपस्थित
समापन समारोह में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रत्यूष शुक्ला ने संगोष्ठी संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. आरसी कुहाड़ ने एएमआई के बारे में बताया। इस दौरान प्रो. जूलियो पोलायना, प्रो. विक्टर डी रीटा, एएमआई अध्यक्ष प्रो. रूप लाल, पं. बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति प्रो. एसएस सांगवान, पीजीआईएमएस निदेशक प्रो. चांद सिंह ढुल, रजिस्ट्रार यूएचएस प्रो. सरला हुड्डा, मदवि रजिस्ट्रार प्रो. एसपी वत्स, जिला उपायुक्त डा. अमित अग्रवाल, एसपी राजेश दुग्गल, प्रो. एसपी खटकड़, डॉ. राजीव कपूर और डॉ. पूजा गुलाटी समेत अन्य मौजूद रहे। इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के लगभग 2000 डेलीगेट्स ने भाग लिया। विश्व के दस अंतरराष्ट्रीय माइक्रोबायोलॉजी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस संगोष्ठी में शिरकत की।
माउंट आबू ब्वॉयज हॉस्टल का उद्घाटन
राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने बुधवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में माउंट आबू ब्वॉयज हॉस्टल का उद्घाटन किया। माउंट आबू हॉस्टल 17 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित हुआ है। 10,177 वर्ग मीटर कवर्ड क्षेत्र वाले इस हॉस्टल में 300 कमरों की व्यवस्था है। वार्डन कार्यालय, स्टाफ कार्यालय, कॉमन रूम, स्टडी रूम, डाइनिंग हाल, रसोई घर, डोरमैटरी, गुसलखाने सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं इस दो मंजिला भवन में है। इस उद्घाटन समारोह में मदवि के ब्वॉयज हॉस्टल के प्रोवोस्ट प्रो. एसएस चाहर, कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स, कार्यकारी अभियंता जगदीश दहिया, डॉ. उमेंद्र मलिक समेत विवि के आला अधिकारी मौजूद रहे।
एएमआई लुई पास्चर अवार्ड नैचुरल प्रोडक्ट्स (पीरामल इंटरप्राइजेस) के सीनियर ग्रुप हेड डॉ. गिरीश महाजन को प्रदान किया गया। एएमआई प्रो. जीरंगा स्वामी अवार्ड यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद के प्लांट साइंसेज विभाग के प्रोफेसर डॉ. अप्पा राव पोडिले को प्रदान किया गया। एएमआई बेस्ट यूनिट अवार्ड का प्रथम पुरस्कार सीएफटीआरआई (मैसूर) को और द्वितीय पुरस्कार आईआईटी यूनि (ओडिशा) को मिला।
एएमआई युवा वैज्ञानिक पुरस्कार के तहत एग्रीकल्चरल माइक्रोबायेलॉजी वर्ग में डॉ. प्रवीण राही (नेशनल सेंटर फॉर सेल साइंस, पुणे) को, इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी के लिए भुवनेश श्रीवास्तव (दिल्ली विवि, दक्षिण परिसर) को, इनवायरमेंटल माइक्रोबायोलॉजी के लिए डॉ. अभिलाष (नेशनल मैट्रालॉजिकल लैब, जमशेदपुर) को, मेडिकल एंड वेटेनरी माइक्रोबायोलॉजी में यूआईईटी (मदवि) के डॉ. कश्यप कुमार दुबे को, डेरी एंड फूड माइक्रोबायोलॉजी के लिए डॉ. अमृता मिश्रा (के आईआईटी यूनि, भुवनेश्वर) को और मॉलीक्युलर माइक्रोबायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के लिए चिरंजीव बैनर्जी (बीआईटी, मेसरा, रांची) को अवार्ड मिला।
युवा वैज्ञानिक अवार्ड सीमा पटेल, ए मजूमदार, अरुण गोयल को और एम सरिता, ए अरोड़ा व लता को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। एएमआई डॉ. आरएस राणा मेमोरियल बेस्ट पोस्टर अवार्ड सरिता कुमारी तथा देवेंद्र कुमार चौधरी (एमआईटीएस, लक्ष्मणगढ़, सीकर) को दिया गया। एएसएम बेस्ट पोस्टर अवार्ड नितिश कुमार महतो (जमशेदपुर) को मिला। एएमआई पोस्टर अवार्ड संतोष बाबू एवं अन्य (आईएआरआई, नई दिल्ली), प्रीति जैन एवं टीम (जैव रसायन, मदवि), प्रदीप कुमार एवं अन्य (सीडीएलयू, सिरसा), प्रतिभा गुप्ता एवं टीम (बीआईटी, मेसरा, रांची), दीप्ति सिंह एवं अन्य (माइक्रोबायोलॉजी, मदवि) और भुवनेश श्रीवास्तव (दिल्ली विवि, दक्षिण परिसर) को प्रदान किया गया।
विदेशियों संग मिलकर एमडीयू में होंगे शोध
रोहतक। राज्यपाल एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगन्नाथ पहाड़िया ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास ने मानव जीवन के उत्थान में नए क्षितिज तय किए हैं। माइक्रोबायोलॉजी सरीखा एडवांस्ड विज्ञान मानव जीवन को बेहतर बना रहा है। जरूरत है कि इस वैज्ञानिक ज्ञान के उपयोगी पक्ष को जनमानस के कल्याण के लिए इस्तेमाल करने की। पहाड़िया बुधवार को एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया (एएमआई) के 54वें वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह में बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी का स्वास्थ्य, चिकित्सा विज्ञान, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, वानिकी, पर्यावरण प्रबंधन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। मदवि के कुलपति एचएस चहल ने कहा कि विश्वविद्यालय शीर्ष विदेशी वैज्ञानिक संस्थानों के साथ शोध सहभागिता के लिए करार करेगा। समापन समारोह से पूर्व एएमआई अवार्ड प्रजेंटेशन सत्र आयोजित किया गया। एएमआई के महासचिव प्रो. टीके अध्या ने इस सत्र का संचालन किया और पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की। एएमआई अध्यक्ष प्रो. रूपलाल ने इन विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए।
ये रहे उपस्थित
समापन समारोह में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रत्यूष शुक्ला ने संगोष्ठी संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. आरसी कुहाड़ ने एएमआई के बारे में बताया। इस दौरान प्रो. जूलियो पोलायना, प्रो. विक्टर डी रीटा, एएमआई अध्यक्ष प्रो. रूप लाल, पं. बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति प्रो. एसएस सांगवान, पीजीआईएमएस निदेशक प्रो. चांद सिंह ढुल, रजिस्ट्रार यूएचएस प्रो. सरला हुड्डा, मदवि रजिस्ट्रार प्रो. एसपी वत्स, जिला उपायुक्त डा. अमित अग्रवाल, एसपी राजेश दुग्गल, प्रो. एसपी खटकड़, डॉ. राजीव कपूर और डॉ. पूजा गुलाटी समेत अन्य मौजूद रहे। इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के लगभग 2000 डेलीगेट्स ने भाग लिया। विश्व के दस अंतरराष्ट्रीय माइक्रोबायोलॉजी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस संगोष्ठी में शिरकत की।
माउंट आबू ब्वॉयज हॉस्टल का उद्घाटन
राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने बुधवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में माउंट आबू ब्वॉयज हॉस्टल का उद्घाटन किया। माउंट आबू हॉस्टल 17 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित हुआ है। 10,177 वर्ग मीटर कवर्ड क्षेत्र वाले इस हॉस्टल में 300 कमरों की व्यवस्था है। वार्डन कार्यालय, स्टाफ कार्यालय, कॉमन रूम, स्टडी रूम, डाइनिंग हाल, रसोई घर, डोरमैटरी, गुसलखाने सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं इस दो मंजिला भवन में है। इस उद्घाटन समारोह में मदवि के ब्वॉयज हॉस्टल के प्रोवोस्ट प्रो. एसएस चाहर, कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स, कार्यकारी अभियंता जगदीश दहिया, डॉ. उमेंद्र मलिक समेत विवि के आला अधिकारी मौजूद रहे।