{"_id":"5776d8f14f1c1bd34979b14c","slug":"year-cut-in-disputes-now-11-months-remaining-begins-on-election-haenge","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवादों में कट गया साल, अब 11 माह बचे ताे हाेंगे चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवादों में कट गया साल, अब 11 माह बचे ताे हाेंगे चुनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 02 Jul 2016 02:26 AM IST
विज्ञापन
वैश्य संस्था
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबी जद्दोजहद के बाद वैश्य संस्था की गवर्निंग बॉडी के चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। खास बात यह है कि जो भी दावेदार मैदान में होगा, उसे केवल 11 माह ही सत्ता का सुख मिलेगा। इसके बाद संस्था में अगले वर्ष फिर से कॉलेजियम चुनाव होंगे। यही कारण है कि इतने कम समय को लेकर संभावित प्रत्याशियों में भी कोई खुशी का माहौल नहीं है।
बता दें कि वैश्य संस्था में तीन साल के लिए चुनी गई गवर्निंग बॉडी पिछले वर्ष भंग हो गई थी। तभी से संस्था में बार-बार चुनाव की मांग उठ रही थी। लेकिन किसी न किसी कारण हर बार चुनाव अधर में लटकता गया। पिछले साल से अब तक का समय विवादों में कट गया। विवादों पर थोड़ा विराम लगते ही प्रशासन ने चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। 15 जुलाई को गवर्निंग बॉडी का चुनाव होना है। इस चुनाव की तह तक जाएं तो गवर्निंग बॉडी के पदाधिकारियों को मात्र 11 माह की सत्ता हासिल होगी, क्योंकि नियमानुसार गवर्निंग बॉडी का समय तीन साल का होता है, जो अगले साल जुलाई में पूरा हो रहा है। पिछले साल समय से पहले गवर्निंग बॉडी भंग होने के कारण यह चुनाव कराए जा रहे हैं। इतना कम समय होने के बाद संभावित प्रत्याशियों में कोई खुशी का माहौल नहीं दिख रहा। न ही प्रत्याशियों में चुनाव शेड्यूल जारी होने पर कोई उत्साह है।
जाट संस्था के स्टे ने भी डराया
एक तरफ जाट संस्था के चुनाव पर स्टे लगा दिया गया तो दूसरी तरफ उसी दिन वैश्य संस्था का चुनाव शेड्यूल जारी किया गया है। ऐसे में वैश्य संस्था के संभावित प्रत्याशियों को डर सता रहा है कि कही इस बार भी चुनाव पर हाईकोर्ट का स्टे न आ जाए। क्योंकि संस्था के कॉलेजियम सदस्य प्रवीण जिंदल ने सदस्यता खत्म करने के मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस दायर कर रखा है। इसकी सुनवाई 7 जुलाई को होनी है।
विज्ञापन
यूं बोले सदस्य
हाईकोर्ट में केस दायर करने वाले प्रवीण जिंदल का कहना है कि सदस्यता खत्म करने का प्रशासन को कोई अधिकार नहीं है। मैंने अपना केस हाईकोर्ट में दायर कर रखा है। इसकी सुनवाई 7 जुलाई को होनी है। ऐसे में प्रशासन को या तो 105 कॉलेजियम का चुनाव कराना होगा, अन्यथा हाईकोर्ट से स्टे लाया जाएगा।
संभावित प्रत्याशी राजेंद्र बंसल का कहना है कि अभी चुनाव को लेकर कोई उत्साह नहीं है। 7 जुलाई को हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही अच्छे तरीके से चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि चुनाव को लेकर शनिवार को मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
सदस्य अजय गुप्ता का कहना है कि संस्था की कमान भले ही किसी के भी हाथ में आए, लेकिन प्रधान निष्पक्ष और साफ छवि का होना चाहिए। संस्था में पहले बहुत घपले और फर्जीवाड़े हो चुके हैं। ऐसे में संस्था के हित को देखते हुए साफ छवि वाले प्रत्याशी का ही चुनाव करें।
विज्ञापन
बता दें कि वैश्य संस्था में तीन साल के लिए चुनी गई गवर्निंग बॉडी पिछले वर्ष भंग हो गई थी। तभी से संस्था में बार-बार चुनाव की मांग उठ रही थी। लेकिन किसी न किसी कारण हर बार चुनाव अधर में लटकता गया। पिछले साल से अब तक का समय विवादों में कट गया। विवादों पर थोड़ा विराम लगते ही प्रशासन ने चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। 15 जुलाई को गवर्निंग बॉडी का चुनाव होना है। इस चुनाव की तह तक जाएं तो गवर्निंग बॉडी के पदाधिकारियों को मात्र 11 माह की सत्ता हासिल होगी, क्योंकि नियमानुसार गवर्निंग बॉडी का समय तीन साल का होता है, जो अगले साल जुलाई में पूरा हो रहा है। पिछले साल समय से पहले गवर्निंग बॉडी भंग होने के कारण यह चुनाव कराए जा रहे हैं। इतना कम समय होने के बाद संभावित प्रत्याशियों में कोई खुशी का माहौल नहीं दिख रहा। न ही प्रत्याशियों में चुनाव शेड्यूल जारी होने पर कोई उत्साह है।
विज्ञापन
जाट संस्था के स्टे ने भी डराया
एक तरफ जाट संस्था के चुनाव पर स्टे लगा दिया गया तो दूसरी तरफ उसी दिन वैश्य संस्था का चुनाव शेड्यूल जारी किया गया है। ऐसे में वैश्य संस्था के संभावित प्रत्याशियों को डर सता रहा है कि कही इस बार भी चुनाव पर हाईकोर्ट का स्टे न आ जाए। क्योंकि संस्था के कॉलेजियम सदस्य प्रवीण जिंदल ने सदस्यता खत्म करने के मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस दायर कर रखा है। इसकी सुनवाई 7 जुलाई को होनी है।
विज्ञापन
यूं बोले सदस्य
हाईकोर्ट में केस दायर करने वाले प्रवीण जिंदल का कहना है कि सदस्यता खत्म करने का प्रशासन को कोई अधिकार नहीं है। मैंने अपना केस हाईकोर्ट में दायर कर रखा है। इसकी सुनवाई 7 जुलाई को होनी है। ऐसे में प्रशासन को या तो 105 कॉलेजियम का चुनाव कराना होगा, अन्यथा हाईकोर्ट से स्टे लाया जाएगा।
संभावित प्रत्याशी राजेंद्र बंसल का कहना है कि अभी चुनाव को लेकर कोई उत्साह नहीं है। 7 जुलाई को हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही अच्छे तरीके से चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि चुनाव को लेकर शनिवार को मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
सदस्य अजय गुप्ता का कहना है कि संस्था की कमान भले ही किसी के भी हाथ में आए, लेकिन प्रधान निष्पक्ष और साफ छवि का होना चाहिए। संस्था में पहले बहुत घपले और फर्जीवाड़े हो चुके हैं। ऐसे में संस्था के हित को देखते हुए साफ छवि वाले प्रत्याशी का ही चुनाव करें।