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कर्मचारियों ने ही गायब कर दी 8 लाख यूनिट बिजली, एक सस्पेंड, 5 की जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:19 AM IST
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बिजलीघरों पर सप्लाई को बड़ा खेल चल रहा है। निगम कर्मचारियों ने ही 8 लाख
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यूनिट बिजली गायब कर दी। खास बात ये है कि इतने बड़े स्तर की बिजली कुछ
5-6 दिन में ही गायब कर दी गई। अधिकारियों ने एक माह का रिकॉर्ड मांगा तो
बड़ा घपला समाने आया। अफसरों ने आनन-फानन में एक एसएसए (सब स्टेशन
अटेंडेंट) को सस्पेंड कर दिया है। वहीं पांच के खिलाफ जांच शुरू करा दी गई
है। जांच के बाद ही साफ होगा कि इस बड़े घपले में और कितने कर्मचारियों पर
गाज गिरेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के बिजलीघरों में अधिकारियों की ओर से बिजली सप्लाई का बाकायदा एक चार्ट बनाकर दिया जाता है। बिजलीघर पर शिफ्ट में तैनात होने वाले एसएसए, एसए, एएसए को इस पर अमल करना होता है। क्योंकि बिजलीघर पर बिजली हमेशा रहती है और वहां से शेड्यूल के आधार पर ही कट किया जाता है।
इसके अलावा यह भी पहले ही तय हो जाता है कि उक्त बिजलीघर से कितने यूनिट बिजली किस समय किस इलाके में सप्लाई की जानी है। पूरा हिसाब-किताब रखने के लिए सभी बिजलीघरों पर मीटर लगाए जाते हैं। इस बार भी जनवरी महीने के लिए सब अर्बन डिवीजन एक के अंतर्गत आने वाली तीनों सब डिवीजन महम, कलानौर, सब अर्बन को सप्लाई का पूरा चार्ट बनाकर दिया गया था।
महीना खत्म होने के बाद इनका रिकार्ड अधिकारियों के सामने रखा गया तो हड़कंप मच गया। क्योंकि किसी ने ध्यान नहीं दिया कि तीनों सब डिवीजन के बिजलीघरों ने 8 लाख यूनिट बिजली गायब कर दी। वह बिजली कहां गई, इसके बारे में कोई भी नहीं बता सका। निगम के अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच कराई। सब डिवीजनों से जुड़े बिजलीघरों के सभी फीडर वाले गांवों में बिजली आने व जाने के समय का पता किया गया।
उससे पता चला कि बिजलीघरों से बिजली सप्लाई बहुत ज्यादा कर दी गई है और कर्मचारियों ने सप्लाई का पूरा खेल खेला है। अधिकारी अब बिजली तो वापस नहीं ला सकते थे, लेकिन दोषी कर्मी पर कार्रवाई की तैयारी की गई। आदेश से ज्यादा बिजली सप्लाई का खेल खेलने वाले कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच के बाद लाखनमाजरा बिजली घर के एसएसए दयानंद को सस्पेंड कर दिया गया है।
इसके अलावा महम, कलानौर, सब अर्बन सब डिवीजनों के अंतर्गत आने वाले बिजलीघरों के पांच एसएसए, एसए, एएसए की जांच शुरू करा दी गई है। सभी कर्मियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। बता दें कि 8 लाख यूनिट के कारण निगम को 35 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
लाखनमाजरा बिजलीघर के एसएसए को सस्पेंड कर दिया गया है। क्योंकि उस बिजलीघर से बहुत ज्यादा बिजली की सप्लाई कर दी गई। इससे निगम को भारी नुकसान हुआ है। अभी पांच कर्मियों के खिलाफ जांच चल रही है। दोषी मिलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
धर्मबीर छिकारा, एक्सईएन सब अर्बन डिवीजन एक।
ग्रामीण क्षेत्रों के बिजलीघरों में अधिकारियों की ओर से बिजली सप्लाई का बाकायदा एक चार्ट बनाकर दिया जाता है। बिजलीघर पर शिफ्ट में तैनात होने वाले एसएसए, एसए, एएसए को इस पर अमल करना होता है। क्योंकि बिजलीघर पर बिजली हमेशा रहती है और वहां से शेड्यूल के आधार पर ही कट किया जाता है।
इसके अलावा यह भी पहले ही तय हो जाता है कि उक्त बिजलीघर से कितने यूनिट बिजली किस समय किस इलाके में सप्लाई की जानी है। पूरा हिसाब-किताब रखने के लिए सभी बिजलीघरों पर मीटर लगाए जाते हैं। इस बार भी जनवरी महीने के लिए सब अर्बन डिवीजन एक के अंतर्गत आने वाली तीनों सब डिवीजन महम, कलानौर, सब अर्बन को सप्लाई का पूरा चार्ट बनाकर दिया गया था।
महीना खत्म होने के बाद इनका रिकार्ड अधिकारियों के सामने रखा गया तो हड़कंप मच गया। क्योंकि किसी ने ध्यान नहीं दिया कि तीनों सब डिवीजन के बिजलीघरों ने 8 लाख यूनिट बिजली गायब कर दी। वह बिजली कहां गई, इसके बारे में कोई भी नहीं बता सका। निगम के अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच कराई। सब डिवीजनों से जुड़े बिजलीघरों के सभी फीडर वाले गांवों में बिजली आने व जाने के समय का पता किया गया।
उससे पता चला कि बिजलीघरों से बिजली सप्लाई बहुत ज्यादा कर दी गई है और कर्मचारियों ने सप्लाई का पूरा खेल खेला है। अधिकारी अब बिजली तो वापस नहीं ला सकते थे, लेकिन दोषी कर्मी पर कार्रवाई की तैयारी की गई। आदेश से ज्यादा बिजली सप्लाई का खेल खेलने वाले कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच के बाद लाखनमाजरा बिजली घर के एसएसए दयानंद को सस्पेंड कर दिया गया है।
इसके अलावा महम, कलानौर, सब अर्बन सब डिवीजनों के अंतर्गत आने वाले बिजलीघरों के पांच एसएसए, एसए, एएसए की जांच शुरू करा दी गई है। सभी कर्मियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। बता दें कि 8 लाख यूनिट के कारण निगम को 35 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
लाखनमाजरा बिजलीघर के एसएसए को सस्पेंड कर दिया गया है। क्योंकि उस बिजलीघर से बहुत ज्यादा बिजली की सप्लाई कर दी गई। इससे निगम को भारी नुकसान हुआ है। अभी पांच कर्मियों के खिलाफ जांच चल रही है। दोषी मिलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
धर्मबीर छिकारा, एक्सईएन सब अर्बन डिवीजन एक।