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Rohtak News: नहरों से पानी चोरी से टेल के जलघ सूखे, सिंचाई विभाग ने पकड़े 60 मामले
Sat, 18 Jul 2026 02:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:53 AM IST
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सांपला में नहर से पानी चोरी के रबड़ पाइप उठाती सिंचाई विभाग की टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सांपला। नहरी पानी चोरी के कारण टेल सूखी रहने लगी है। तीन दिन पहले नहर में छोड़ा गया पानी अभी तक जलघरों तक नहीं पहुंचा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत शुक्रवार को नहरी पानी चोरी के 60 मामले पकड़े गए।
भालौठ माइनर में करीब 900 क्यूसेक पानी चल रहा है जो एक सप्ताह तक चलेगा। खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए यह पानी चोरी किया जा रहा है। इलाके में पिछले दो माह से पेयजल संकट गहराया हुआ है।
सिंचाई विभाग की टीमों ने अब तक पानी चोरी के 150 से अधिक मामले पकड़े हैं। पानी की चोरी रोकने के लिए दिन-रात नहरों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों को कई जगह किसानों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है।
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शुक्रवार को कार्यकारी अभियंता अरुण मुंजाल ने रबड़ पाइप से पानी चोरी पकड़ी। जसराना माइनर में कंसाला गांव से आगे पानी नहीं पहुंचा है। मोरखेड़ी, हसनगढ़, समचाना, भैंसरु और दहकौरा के किसान पानी का इंतजार कर रहे हैं। शहर के अलावा सभी गांवों में जलघर खाली पड़े हैं। कई कॉलोनियों में चार से पांच दिन में पेयजल आपूर्ति हो रही है।
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सांपला। नहरी पानी चोरी के कारण टेल सूखी रहने लगी है। तीन दिन पहले नहर में छोड़ा गया पानी अभी तक जलघरों तक नहीं पहुंचा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत शुक्रवार को नहरी पानी चोरी के 60 मामले पकड़े गए।
भालौठ माइनर में करीब 900 क्यूसेक पानी चल रहा है जो एक सप्ताह तक चलेगा। खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए यह पानी चोरी किया जा रहा है। इलाके में पिछले दो माह से पेयजल संकट गहराया हुआ है।
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सिंचाई विभाग की टीमों ने अब तक पानी चोरी के 150 से अधिक मामले पकड़े हैं। पानी की चोरी रोकने के लिए दिन-रात नहरों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों को कई जगह किसानों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है।
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शुक्रवार को कार्यकारी अभियंता अरुण मुंजाल ने रबड़ पाइप से पानी चोरी पकड़ी। जसराना माइनर में कंसाला गांव से आगे पानी नहीं पहुंचा है। मोरखेड़ी, हसनगढ़, समचाना, भैंसरु और दहकौरा के किसान पानी का इंतजार कर रहे हैं। शहर के अलावा सभी गांवों में जलघर खाली पड़े हैं। कई कॉलोनियों में चार से पांच दिन में पेयजल आपूर्ति हो रही है।