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Rohtak News: वैश्य पब्लिक स्कूल ने 4200 सीड बॉल और 2500 बीज किए दान
Tue, 21 Jul 2026 09:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 21 Jul 2026 09:41 PM IST
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33 : अभियान से जुड़कर बीज दान करते वैश्य पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग के विद्यार्थी। स्रोत स्कूल
रोहतक। अमर उजाला और सुनो नहरों की पुकार मिशन के संयुक्त अभियान से वैश्य पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी व शिक्षक जुड़े। मंगलवार को उन्होंने 4200 सीड बॉल और 2500 से अधिक बीज दान किए। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अभियान के संस्थापक डॉ. अनुज नरवाल और स्वयंसेवक समन्वयक रविंद्र नांदल को विद्यालय में आमंत्रित किया गया था।
विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने मिलकर यह योगदान दिया। दान किए गए बीजों में जामुन, इमली, चीकू, नीम और आड़ू जैसे फलदार व छायादार वृक्षों के बीज शामिल थे। प्री-नर्सरी की छात्रा परीशा गोयल ने भी सीड बॉल बनाने में भागीदारी की। डॉ. अनुज और रविंद्र ने इस योगदान को बीजदान से बढ़कर बताया। उन्होंने कहा कि यह आने वाली पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित करने का सशक्त प्रयास है। विद्यालय की प्राचार्या सुषमा सुहाग के नेतृत्व में पूरा विद्यालय परिवार इस अभियान से जुड़ा। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी विजेता शर्मा ने बताया कि उप-प्राचार्या रीतू बत्रा और प्राथमिक प्रभारी नीलम तायल ने विद्यार्थियों को बीज एकत्रित करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की भागीदारी
विद्यालय के स्टाफ सदस्यों प्रीति, सरिता, सीमा, शिखा, गुंजन और नीतिका ने भी बीजदान अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने इस अभियान को मजबूत बनाया। कक्षा 10वीं के दक्ष, एलकेजी की छाया, तीसरी कक्षा के अनन्या, दृष्टि, खुशांत, अक्षित बंसल, आयुष, देव, पितांबर, गौरांग, देवयांश, हितांश, दुर्गा, विधि, रेयाना और वान्या सहित अनेक विद्यार्थियों ने बीज एकत्रित किए। ऐसे अभियान बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करते हैं। यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी का उदाहरण है।
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गूलर वृक्ष के औषधीय गुण
डॉ. सिंकी शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, बॉटनी विभाग, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रोहतक ने गूलर को एक महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष बताया, जिसका आयुर्वेद में प्राचीन काल से उपयोग होता रहा है। इसकी छाल, फल, पत्तियां और दूध औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। गूलर की छाल का काढ़ा दस्त, पेचिश और मधुमेह के प्रबंधन में सहायक है। इसके फल पाचन शक्ति बढ़ाने, रक्त की कमी दूर करने और शरीर को पोषण देने में उपयोगी माने जाते हैं। वृक्ष का दूध घाव भरने और त्वचा संबंधी समस्याओं में पारंपरिक रूप से लगाया जाता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, सूजन-रोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं।
बीजदान के लिए संपर्क
अभियान के तहत शहर में बीज बैंक बनाए गए हैं। सुभाष चौक स्थित अमर उजाला सिटी कार्यालय एक प्रमुख बीज बैंक है। सीड बॉल की जानकारी भेजने के लिए दो व्हाट्सएप नंबर उपलब्ध हैं। ये नंबर 7419610102 और 9416077781 हैं। यह पहल लोगों को आसानी से बीजदान करने का अवसर प्रदान करती है।
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विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने मिलकर यह योगदान दिया। दान किए गए बीजों में जामुन, इमली, चीकू, नीम और आड़ू जैसे फलदार व छायादार वृक्षों के बीज शामिल थे। प्री-नर्सरी की छात्रा परीशा गोयल ने भी सीड बॉल बनाने में भागीदारी की। डॉ. अनुज और रविंद्र ने इस योगदान को बीजदान से बढ़कर बताया। उन्होंने कहा कि यह आने वाली पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित करने का सशक्त प्रयास है। विद्यालय की प्राचार्या सुषमा सुहाग के नेतृत्व में पूरा विद्यालय परिवार इस अभियान से जुड़ा। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी विजेता शर्मा ने बताया कि उप-प्राचार्या रीतू बत्रा और प्राथमिक प्रभारी नीलम तायल ने विद्यार्थियों को बीज एकत्रित करने के लिए प्रेरित किया।
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शिक्षकों और विद्यार्थियों की भागीदारी
विद्यालय के स्टाफ सदस्यों प्रीति, सरिता, सीमा, शिखा, गुंजन और नीतिका ने भी बीजदान अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने इस अभियान को मजबूत बनाया। कक्षा 10वीं के दक्ष, एलकेजी की छाया, तीसरी कक्षा के अनन्या, दृष्टि, खुशांत, अक्षित बंसल, आयुष, देव, पितांबर, गौरांग, देवयांश, हितांश, दुर्गा, विधि, रेयाना और वान्या सहित अनेक विद्यार्थियों ने बीज एकत्रित किए। ऐसे अभियान बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करते हैं। यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी का उदाहरण है।
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गूलर वृक्ष के औषधीय गुण
डॉ. सिंकी शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, बॉटनी विभाग, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रोहतक ने गूलर को एक महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष बताया, जिसका आयुर्वेद में प्राचीन काल से उपयोग होता रहा है। इसकी छाल, फल, पत्तियां और दूध औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। गूलर की छाल का काढ़ा दस्त, पेचिश और मधुमेह के प्रबंधन में सहायक है। इसके फल पाचन शक्ति बढ़ाने, रक्त की कमी दूर करने और शरीर को पोषण देने में उपयोगी माने जाते हैं। वृक्ष का दूध घाव भरने और त्वचा संबंधी समस्याओं में पारंपरिक रूप से लगाया जाता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, सूजन-रोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं।
बीजदान के लिए संपर्क
अभियान के तहत शहर में बीज बैंक बनाए गए हैं। सुभाष चौक स्थित अमर उजाला सिटी कार्यालय एक प्रमुख बीज बैंक है। सीड बॉल की जानकारी भेजने के लिए दो व्हाट्सएप नंबर उपलब्ध हैं। ये नंबर 7419610102 और 9416077781 हैं। यह पहल लोगों को आसानी से बीजदान करने का अवसर प्रदान करती है।

33 : अभियान से जुड़कर बीज दान करते वैश्य पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग के विद्यार्थी। स्रोत स्कूल

33 : अभियान से जुड़कर बीज दान करते वैश्य पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग के विद्यार्थी। स्रोत स्कूल

33 : अभियान से जुड़कर बीज दान करते वैश्य पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग के विद्यार्थी। स्रोत स्कूल