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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर का करें प्रयोग : डॉ. एमएल जाट
Mon, 27 Oct 2025 02:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 27 Oct 2025 02:22 AM IST
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मदीना में कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर आयोजित किसान संगोष्ठी के दौरान
रोहतक। मदीना में कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आईसीएआर महानिदेशक
डॉ. एमएल जाट ने किसानों को हैप्पी सीडर का प्रयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण और भूमि को नुकसान पहुंचता है। हैप्पी सीडर से पराली को खेत में ही मिलाकर उपयोगी बनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान व तकनीकी सहायता प्रदान कर रही हैं।
कार्यक्रम में डीडीजी आईसीएआर डॉ. राजबीर सिंह, डीडीजी एनिमल साइंस डॉ. राघवेंद्र भट्टा, अटारी लुधियाना के डायरेक्टर डॉ. परमिंदर श्योराण और सीनियर को ऑर्डिनेटर डॉ. मीना सिवाच भी उपस्थित रहे।
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डॉ. एमएल जाट ने किसानों को हैप्पी सीडर का प्रयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण और भूमि को नुकसान पहुंचता है। हैप्पी सीडर से पराली को खेत में ही मिलाकर उपयोगी बनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान व तकनीकी सहायता प्रदान कर रही हैं।
कार्यक्रम में डीडीजी आईसीएआर डॉ. राजबीर सिंह, डीडीजी एनिमल साइंस डॉ. राघवेंद्र भट्टा, अटारी लुधियाना के डायरेक्टर डॉ. परमिंदर श्योराण और सीनियर को ऑर्डिनेटर डॉ. मीना सिवाच भी उपस्थित रहे।
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