{"_id":"6903d5c9b988449ac000f443","slug":"training-in-good-clinical-practices-is-essential-dr-sanjay-rohtak-news-c-17-roh1020-753826-2025-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुड क्लीनिकल प्रैक्टिसेस का प्रशिक्षण जरूरी : डाॅ. संजय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुड क्लीनिकल प्रैक्टिसेस का प्रशिक्षण जरूरी : डाॅ. संजय
Fri, 31 Oct 2025 02:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 31 Oct 2025 02:46 AM IST
विज्ञापन
28 ऑनलाइन कार्यशाला में भाग लेते निदेशक डॉ. एसके सिंघल। पीजीआई
रोहतक। पीजीआई में मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट व एमकेएसईएस लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में बायोएथिक्स व गुड क्लीनिकल प्रैक्टिसेस पर 23 से 29 अक्तूबर तक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई। इसका उद्देश्य चिकित्सा अनुसंधान में वैज्ञानिक गुणवत्ता को बढ़ावा देना रहा। इसमें बताया गया कि गुड क्लीनिकल प्रैक्टिसेस का प्रशिक्षण चिकित्सा अनुसंधान में हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।
इसमें विभिन्न राज्यों और संस्थानों से 600 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, पैरामेडिकल, विज्ञान से जुड़े फैकल्टी सदस्य, शोधार्थी, जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स व अन्य शामिल रहे।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए और प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। इसमें यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज सांख्यिकी के प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार शुक्ला ने कार्यशाला में सलाहकार के रूप में भाग लिया। उनके साथ डॉ. सुशील कुमार शुक्ला, श्वेता सिंह व केके सिंह भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इसके मुख्य संरक्षक कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल रहे। इसकी अध्यक्षता निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने की।
विज्ञापन
गुड क्लीनिकल प्रैक्टिसेस का प्रशिक्षण चिकित्सा अनुसंधान में हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। यह अनुसंधान की नैतिकता, पारदर्शिता और वैज्ञानिक वैधता सुनिश्चित करता है। इस कार्यशाला के प्रतिभागियों को हरियाणा मेडिकल काउंसिल की तरफ से 14 क्रेडिट घंटे प्रदान किए जाएंगे।
-डॉ. संजय कुमार, नोडल अधिकारी पैथोलॉजी विभाग
विज्ञापन
इसमें विभिन्न राज्यों और संस्थानों से 600 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, पैरामेडिकल, विज्ञान से जुड़े फैकल्टी सदस्य, शोधार्थी, जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स व अन्य शामिल रहे।
विज्ञापन
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए और प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। इसमें यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज सांख्यिकी के प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार शुक्ला ने कार्यशाला में सलाहकार के रूप में भाग लिया। उनके साथ डॉ. सुशील कुमार शुक्ला, श्वेता सिंह व केके सिंह भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इसके मुख्य संरक्षक कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल रहे। इसकी अध्यक्षता निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने की।
विज्ञापन
गुड क्लीनिकल प्रैक्टिसेस का प्रशिक्षण चिकित्सा अनुसंधान में हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। यह अनुसंधान की नैतिकता, पारदर्शिता और वैज्ञानिक वैधता सुनिश्चित करता है। इस कार्यशाला के प्रतिभागियों को हरियाणा मेडिकल काउंसिल की तरफ से 14 क्रेडिट घंटे प्रदान किए जाएंगे।
-डॉ. संजय कुमार, नोडल अधिकारी पैथोलॉजी विभाग