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पांच माह से पीजीआईएमएस में नहीं है एंटी रेबीज इंजेक्शन

Wed, 23 Jun 2021 02:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 02:18 AM IST
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There is no anti rabies injection in PGIMS since five months
पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग में पिछले पांच माह से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं हैं। इसकी मुख्य वजह इंजेक्शन सप्लाई करने वाली फर्म का समय पर इंजेक्शन उपलब्ध न करवाने पर संस्थान की ओर से ब्लैक लिस्टेड किया जाना है। यहीं नहीं अधिकारियों ने निजी फर्म की जमानत राशि जब्त करते हुए दूसरी फर्म को ऑर्डर दिया है। इसका खामियाजा रोजाना आपात विभाग में आने वाले डॉग बाइट के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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पीजीआईएमएस में आसपास के जिलों के मरीज भी उपचार के लिए आते हैं। इनकी संख्या रोजाना औसतन 10 से 20 रहती है। लेकिन संस्थान में आने के बावजूद मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिल पाता और उन्हें बाहर निजी मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन लाना पड़ता है। आपात विभाग में पहली डोज भी न होने की वजह से इंजेक्शन सप्लाई करने वाली फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। यह फर्म पिछले पांच माह से इंजेक्शन सप्लाई नहीं कर रही है। अब दूसरी फर्म को ऑर्डर दिया गया है, लेकिन अभी इंजेक्शन के आने का इंतजार है।
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बाजार में 350 से 400 रुपये कीमत
एंटी रेबीज इंजेक्शन बाजार में 350 से 400 रुपये में मिलते हैं। इसमें मरीज को पांच इंजेक्शन लगवाने जरूरी होते हैं। पीजीआईएमएस में यह इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध था। जबकि जिला अस्पताल में 100 रुपये की फीस पर यह इंजेक्शन लगाया जाता है।
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ओपीडी आने वाले मरीजों को नहीं मिल रहीं दवाएं
पीजीआईएमएस में मेडिसिन, हड्डी, महिला रोग समेत पांच ओपीडी खुल रही हैं। इन ओपीडी में पहले की तुलना में अब कोरोनाकाल में कम मरीज आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन रोगियों को भी पर्चे पर लिखी सारी दवाएं नहीं मिल रही हैं। यहां किसी को ब्लड प्रेशर की दवा नहीं मिल रही तो अस्थमा रोगियों को इंहेलर। मंगलवार को ओपीडी में आए रोगियों ने बताया कि सामान्य दवाएं तो मिल रही हैं मगर मर्ज की खास दवा नहीं मिल रही है। मजबूरन वह बाजार से दवा खरीदते हैं। स्टोर इंचार्ज संजय कुमार ने बताया कि मर्ज के हिसाब से रुटीन में दी जाने वाली दवाएं तो मिल रही हैं और स्टॉक की कोई कमी नहीं है।

पांच माह पहले एंटी रेबीज इंजेक्शन की सप्लाई करने वाली फर्म को ऑर्डर दिया था, मगर उसने आपूर्ति नहीं की। दो बार रिमाइंडर भी भेजा गया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फर्म को ब्लैक लिस्टेड करके जमा राशि (सिक्योरिटी मनी) जब्त कर ली गई है। अब दूसरी फर्म को ऑर्डर जारी किया है। उम्मीद है कि जल्द वैक्सीन की सप्लाई हो जाएगी। इसके अलावा ओपीडी में भी दवाओं की कमी के बारे में जानकारी ली जाएगी और इसे पूरा कराया जाएगा।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस रोहतक
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