{"_id":"48c7594a7eac376bc264424451a80d1f","slug":"sumit-selected-bharat-kesari-dangal","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत केसरी दंगल विजेता बना कारौर का सुमित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत केसरी दंगल विजेता बना कारौर का सुमित
रोहतक/ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2013 08:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को खिलाड़ियों को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए भारत केसरी दंगल के विजेता पहलवानों को मौके पर ही हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर नियुक्त करने का तोहफा दिया।
मुख्यमंत्री रोहतक में प्रथम चौ. रणबीर सिंह यादगार भारत केसरी कुश्ती प्रतियोगिता में शिरकत करने पहुंचे। इससे पहले उन्होंने राजीव गांधी खेल परिसर का उद्घाटन किया और परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की आदमकद प्रतिमा का भी अनावरण किया।
स्वतंत्रता सेनानी चौ. रणबीर सिंह के 100वें जन्मदिवस पर आयोजित कुश्ती दंगल में 21 लाख रुपये की राशि के साथ भारत केसरी खिताब छत्रसाल स्टेडियम दिल्ली के प्रशिक्षु और कारौर गांव निवासी सुमित पहलवान ने जीता।
विज्ञापन
सतपाल अखाड़ा रोहतक के प्रशिक्षु और दूबलधन गांव निवासी सत्यव्रत 11 लाख रुपये की राशि के साथ उपविजेता रहे।
मुख्यमंत्री ने दंगल में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले सतेंद्र को छह लाख रुपये और चौथा स्थान प्राप्त करने वाले जोगेंद्र को चार लाख रुपये की राशि प्रदान की।
प्रतिभागी सभी पहलवानों को दस-दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि बांटी गई। सीएम ने मंच से भारत केसरी विजेता पहलवान को हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर और उपविजेता को सब इंस्पेक्टर भर्ती करने का ऐलान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी अलग अनोखी पहचान बनाई है।
प्रदेश सरकार ने लगातार राज्य में शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अहम कदम उठाएं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन से ही लगातार शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 2016 में रियो में होने वाले ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले प्रदेश के खिलाड़ी को 5 करोड़, रजत पदक विजेता को 3 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये की राशि बतौर इनाम देगी।
ओलंपिक पदक विजेताओं को प्रदेश सरकार की ओर से हरियाणा पुलिस में सीधे डीएसपी के पद पर नियुक्ति भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाज में उसका पारंपरिक खेल अहम भूमिका रखता है और कुश्ती और कबड्डी का जन्मदाता हरियाणा है।
हरियाणा के पहलवानों ने विश्व की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता ओलंपिक तक में पदक हासिल कर प्रदेश के नौजवानों की ताकत का अहसास करवाया है।
अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को करना था लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे शुभारंभ समारोह में नहीं पहुंच पाए।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्यातिथि इन्द्र सिंह हुड्डा ने किया और शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता महम के विधायक आनंद सिंह दांगी ने की।
इस अवसर पर हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष पीवी राठी, राज्यसभा सांसद शादीलाल बत्तरा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र, विधायक भारत भूषण बत्तरा, शकुंतला खटक, श्रीकृष्ण हुड्डा, डॉ. रघबीर कादयान, नरेश शर्मा, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक भरत सिंह बेनीवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कुलदीप नंबरदार, सुखेंद्र हुड्डा, शेर सिंह, चक्रवर्ती शर्मा, संदीप तंवर, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी रविंद्र हुड्डा, सूर्यदेव दहिया और जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष जयदीप धनखड़ उपस्थित रहे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री रोहतक में प्रथम चौ. रणबीर सिंह यादगार भारत केसरी कुश्ती प्रतियोगिता में शिरकत करने पहुंचे। इससे पहले उन्होंने राजीव गांधी खेल परिसर का उद्घाटन किया और परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की आदमकद प्रतिमा का भी अनावरण किया।
विज्ञापन
स्वतंत्रता सेनानी चौ. रणबीर सिंह के 100वें जन्मदिवस पर आयोजित कुश्ती दंगल में 21 लाख रुपये की राशि के साथ भारत केसरी खिताब छत्रसाल स्टेडियम दिल्ली के प्रशिक्षु और कारौर गांव निवासी सुमित पहलवान ने जीता।
विज्ञापन
सतपाल अखाड़ा रोहतक के प्रशिक्षु और दूबलधन गांव निवासी सत्यव्रत 11 लाख रुपये की राशि के साथ उपविजेता रहे।
मुख्यमंत्री ने दंगल में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले सतेंद्र को छह लाख रुपये और चौथा स्थान प्राप्त करने वाले जोगेंद्र को चार लाख रुपये की राशि प्रदान की।
प्रतिभागी सभी पहलवानों को दस-दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि बांटी गई। सीएम ने मंच से भारत केसरी विजेता पहलवान को हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर और उपविजेता को सब इंस्पेक्टर भर्ती करने का ऐलान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी अलग अनोखी पहचान बनाई है।
प्रदेश सरकार ने लगातार राज्य में शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अहम कदम उठाएं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन से ही लगातार शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 2016 में रियो में होने वाले ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले प्रदेश के खिलाड़ी को 5 करोड़, रजत पदक विजेता को 3 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये की राशि बतौर इनाम देगी।
ओलंपिक पदक विजेताओं को प्रदेश सरकार की ओर से हरियाणा पुलिस में सीधे डीएसपी के पद पर नियुक्ति भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाज में उसका पारंपरिक खेल अहम भूमिका रखता है और कुश्ती और कबड्डी का जन्मदाता हरियाणा है।
हरियाणा के पहलवानों ने विश्व की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता ओलंपिक तक में पदक हासिल कर प्रदेश के नौजवानों की ताकत का अहसास करवाया है।
अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को करना था लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे शुभारंभ समारोह में नहीं पहुंच पाए।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्यातिथि इन्द्र सिंह हुड्डा ने किया और शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता महम के विधायक आनंद सिंह दांगी ने की।
इस अवसर पर हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष पीवी राठी, राज्यसभा सांसद शादीलाल बत्तरा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र, विधायक भारत भूषण बत्तरा, शकुंतला खटक, श्रीकृष्ण हुड्डा, डॉ. रघबीर कादयान, नरेश शर्मा, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक भरत सिंह बेनीवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कुलदीप नंबरदार, सुखेंद्र हुड्डा, शेर सिंह, चक्रवर्ती शर्मा, संदीप तंवर, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी रविंद्र हुड्डा, सूर्यदेव दहिया और जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष जयदीप धनखड़ उपस्थित रहे।