Haryana: MDU में CM के खिलाफ विद्यार्थियों ने की नारेबाजी, मुख्यमंत्री बोले- बहुत हुआ इन्हें बाहर करो
विद्यार्थियों ने बस चलाने की मांग को लेकर भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए। पुसिल युवाओं को सभागार से खींचकर निकाल ले गई। ई-टेंडरिंग का विरोध कर रहे सरपंच भी हिरासत में लिए गए। पूर्व खेल मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन भी किया गया।
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हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में स्वामी दयानंद जयंती समारोह में उस समय असहज हालात हो गए, जब दर्शक दीर्घा में बैठे करीब 10 छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने ही गांव से कॉलेज तक रोडवेज बसों चलाने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। जबकि विवि के बाहर ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सरपंचों को पांच घंटे हिरासत में रखा।
इसके साथ पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सामाजिक संगठन विवि के बाहर सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। एसपी उदय सिंह मीना ने बताया कि नारेबाजी करने वाले छात्र-छात्राओं से पूछताछ की जा रही है। जरूरत पड़ी तो केस भी दर्ज किया जाएगा।
बुधवार को एमडीयू में स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल बतौर मुख्य अतिथि मंच पर बोलने आए थे। मुख्यमंत्री के मंच पर आते ही गांवों से शहर के कालेजों में पढ़ने आने वाली दर्शक दीर्घा में बैठी कुछ छात्राओं ने रोडवेज बसें चलाने की मांग शुरू कर दी।
छात्राओं ने साफ कहा कि छात्राओं के लिए रूटों पर बस सुविधा नहीं है। इस पर सीएम ने कहा कि लगता है किसी राजनीतिक कार्यक्रम का जोश आ गया है। कृपा करके अपने स्थान पर बैठ जाएं। इससे आगे बढ़ेंगे तो गजब होगा। नारेबाजी सुनकर सीएम ने कहा कि बहुत हुआ। इन्हें बाहर करो। इसके बाद पुलिस बल विद्यार्थियों को बाहर ले गया।
यहां से उन्हें एक वाहन से अर्बन एस्टेट थाने ले जाया गया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद उन्हें पूछताछ कर छोड़ दिया गया। छात्र एकता मंच ने कहा कि पुलिस ने कार्यकर्ता अजय, मनीषा, पूनम को हिरासत में लिया। उन्हें अर्बन एस्टेट थाने में रखा गया है। दोपहर डेढ़ बजे पुलिस ले गई थी। शाम करीब पौने पांच बजे पुलिस टीम अपने वाहन से विद्यार्थियों को एमडीयू के गेट नंबर दो के बाहर छोड़ गई।
सरपंचों को पुलिस ने पांच घंटे हिरासत में रखा
ई-टेंडरिंग के विरोध में 16 जनवरी से आंदोलनरत सरपंच एसोसिएशन के सदस्य बुधवार को मुख्यमंत्री से मिलने एमडीयू पहुंचे। सीएम के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए देवीलाल पार्क में एकत्रित हुए किसानों की भनक लगने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर इधर-उधर भागते सरपंचों को पुलिस ने दौड़कर पकड़ा। कुछ सरपंच एमडीयू के गेट नंबर-दो पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों व पुलिस के बीच काफी देर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस जहां सरपंचों को रोकने की मशक्कत कर रही थी, वहीं सरपंच मुख्यमंत्री से मिलने की जिद्द पर अड़े रहे।
इसके चलते करीब आधे घंटे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की व कहासुनी होती रही। आखिर में सरपंच सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे तो पुलिस ने उन्हें पकड़कर उठाया और हिरासत में लेकर अर्बन एस्टेट थाना पहुंची। सीएस के जाने तक उन्हें यहीं रखा गया।
इनसो ने सीएम को सौंपे कुलपति के खिलाफ दस्तावेज
इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने बुधवार को एमडीयू पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराते हुए कुलपति के खिलाफ दस्तावेज उन्हें सौंपे। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष का आरोप है कि कुलपति के खिलाफ अनेक मामले हैं। शैक्षणिक योग्यता और अनुभव संबंधी प्रमाण पत्र तक गलत हैं। विजिलेंस मामले के अलावा यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगे हैं। इसी दौरान किसी ने सीएम को एक पैन ड्राइव भी दिया है। लाल रंग के पैन ड्राइव में युवाओं ने कुलपति के खिलाफ पुख्ता दस्तावेज होने का दावा किया गया है।
कोच के उत्पीड़न मामले में सीएम काफिले को दिखाए काले झंडे
महिला कोच के उत्पीड़न मामले में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बुधवार को नागरिक एकता मंच के बैनर तले मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 21 फरवरी को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पूर्व खेल मंत्री के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाते समय सामाजिक संगठनों व पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सामाजिक संगठनों के सदस्य बीच सड़क पर बैठ गए। इन्हें पुलिस बड़ी मुश्किल से हटाया और घसीटकर बस में चढ़ाया। पुलिस ने करीब चार घंटे हिरासत में रखा। इसके बाद उन्हें एमडीयू के पास ही छोड़ दिया गया।