उपद्रव ने विदेशों तक लगाया हरियाणा की साख पर बट्टा
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उपद्रव ने विदेशों तक हरियाणा की साख पर बट्टा लगा दिया है। उद्योगों में तोड़फोड़ और आगजनी की गूंज जर्मनी, अमेरिका, आस्ट्रेलिया तक पहुंच गई है। ऑटोमोबाइल्स का अधिकतर सामान बनाने वाले रोहतक में फैक्ट्रियों को नुकसान के कारण देश-विदेश में ऑटोमोबाइल्स पार्ट्स पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। नट-बोल्ट बाजार पर बुरा असर पड़ेगा। उद्यमियों को नुकसान होने के साथ ही सप्लाई भी नियमित नहीं हो पा रही है।
रोहतक में ऑटोमोबाइल्स पार्ट्स और नट-बोल्ट बनाने की कई फैक्ट्रियां हैं। यहां से न केवल देश बल्कि विदेशों में सप्लाई होती है। हरियाणा ऑटोमोबाइल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जगमोहन मित्तल के अनुसार यहां से ऑटोमोबाइल्स पार्ट्स की आपूर्ति जर्मनी, अमेरिका और आस्ट्रेलिया सहित कई देशों में होती है। लेकिन पिछले कई दिनों से सभी जगह की सप्लाई बंद है।
बाइक, कार, ट्रैक्टर, कृषि यंत्र पार्ट्स के उत्पादन पर फर्क पड़ा है। जाम से जहां लगभग 2000 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, फैक्ट्रियों और शोरूम में तोड़फोड़ से 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। अब जाम भले ही खुल गया हो, लेकिन कई फैक्ट्रियों में नुकसान के कारण ऑटोमोबाइल्स पार्ट्स का उत्पादन ठप हो गया है। इससे समस्या बढ़ गई है, यह समस्या केवल अपने देश तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विदेशों तक पार्ट्स की समस्या होगी। यह स्थिति भी जल्द सुधरती नहीं दिख रही है।
वहीं, विदेशों से मिलने वाले आर्डर को पहले यह कहकर रोका गया था कि हरियाणा में जाम है और यहां से पार्ट्स का निकलना मुश्किल है। लेकिन अब विदेशी कांट्रेक्टरों को फैक्ट्री में तोड़फोड़ और आगजनी की जानकारी मिली है तो वे भी काफी अचंभित हैं। वहीं, जिन फैक्ट्रियों में नुकसान हुआ है, उनमें दोबारा उत्पादन शुरू होने तक देश और विदेश में ऑटोमोबाइल्स पार्ट्स की किल्लत दूर नहीं होती दिख रही है। इस उत्पात से विदेश तक हरियाणा की छवि धूमिल हुई है।
फैक्ट्री को तहस-नहस करने से उत्पादन ठप
आईएमटी में माइक्रो पजेशन स्क्रू लिमिटेड के एमडी रूमेश विग ने बताया कि उपद्रवियों ने कई फैक्ट्रियों को आग लगा दी है। उनकी फैक्ट्री में उपद्रवी घुस गए और इलेक्ट्रानिक कंट्रोल रूम, जनरेटर, एडमिन ब्लॉक और अन्य सामान तोड़ दिया। इससे पांच दिनों से उत्पादन ठप है। जब तक सामान को विदेश से एयरलिफ्ट नहीं कराया जाएगा, तब तक उत्पादन ठप ही रहेगा। इससे देश और विदेश में जाने वाले ऑटोमोबाइल्स पार्ट्स की सप्लाई काफी प्रभावित हो रही है।