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स्टेट यूनिवर्सिटी : मूछों की लड़ाई में शिक्षा का बंटाधार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 06 Aug 2016 02:19 AM IST
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स्टेट यूनिवर्सिटी
- फोटो : file photo
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देश की टॉप टेन बिल्डिंग में शामिल और एक से बढ़कर एक संसाधन, लेकिन रिजल्ट जीरो। तीन साल पहले कॉलेज से यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद इस संस्थान का नाम पढ़ाई में भले ही न हुआ। लेकिन धरने-प्रदर्शन और हड़ताल यहां सामान्य सी बात हो चुकी है। हालात यह हैं कि न छात्र पीछे हटने को तैयार और न ही प्रशासन झुकने को। लापरवाही इस हद तक कि छात्रों के सामने प्रशासन बेबस और लाचार नजर आता है। कौन सही है और कौन गलत, यह तो यूनिवर्सिटी ही जान सकती है, लेकिन इतना जरूर है कि मूछों की इस लड़ाई में शिक्षा का बंटाधार जरूर हो रहा है। कुछ ऐसा ही हाल है स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स का।
फिलहाल में यूनिवर्सिटी का हाल देखें तो मांगों को लेकर छात्र गत सप्ताह से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। फिल्म एंड टीवी का कोई भी छात्र क्लास में नहीं जा रहा। छात्रों और प्रबंधन के बीच खींचतान इतनी बढ़ चुकी है कि मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है। 12 जुलाई को यूनिवर्सिटी का सत्र शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत में पढ़ाई पर जोर रहता है, लेकिन यहां शायद ही कोई क्लास लगी हो। छात्र पूरी गलती यूनिवर्सिटी प्रशासन पर थोप रहे हैं तो वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन खुद को पाक-साफ बता रहा है। छात्रों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। छात्रों ने एकजुट होकर कहा कि जब तक वीसी को नहीं हटाया जाएगा वह पीछे नहीं हटेंगे।
हैरत की बात तो यह है कि इतने दिन से चल रहे धरने को खत्म कराने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम भी नहीं उठाया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन इतना सब कुछ होते हुए भी अनदेखी कर रहा है। हां, इतना जरूर है कि हर दिन मीडिया के माध्यम से कभी फीस तो कभी संसाधनों का पक्ष जरूर रख रहा है।
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आरोप : वीसी के बर्ताव से परेशान हैं विद्यार्थी
किसी भी संस्थान के मुखिया की जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रयास किया जाए, लेकिन यहां पर जो रहा है उससे तो नहीं लगता कि शिक्षा की गुणवत्ता में कोई इजाफा हुआ है। छात्रों का आरोप है कि वीसी उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं हैं। अब सवाल यह है कि जब संस्थान का मुखिया ही बच्चों का नहीं सुनेगा तो वह अपनी समस्या किसे बताएंगे। यदि छात्रों के साथ अच्छा बर्ताव किया जाए तो शायद यह हालात ही पैदा नहीं होंगे।
अप्रैल में भी हुई थी हड़ताल
मौजूदा वर्ष में हड़ताल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी वर्ष अप्रैल में छात्रों ने हड़ताल कर दी थी। पिछले साल दो सप्ताह तक हड़ताल चली थी। धरने-प्रदर्शन की तो कोई गिनती ही नहीं है।
विवादों के बीच होगा हर्बल गार्डन का उद्घाटन
छात्र और प्रबंधन के बीच छिड़े वाक युद्ध के बीच यूनिवर्सिटी कैंपस में 8 अगस्त को हर्बल गार्डन का उद्घाटन होगा। उद्घाटन राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर करेंगे। वे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट के विद्यार्थियों की बनाई पेंटिंग की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। कैंपस में पौधारोपण भी किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने कैंपस में 333 पौधे लगाने का संकल्प लिया है।
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फिलहाल में यूनिवर्सिटी का हाल देखें तो मांगों को लेकर छात्र गत सप्ताह से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। फिल्म एंड टीवी का कोई भी छात्र क्लास में नहीं जा रहा। छात्रों और प्रबंधन के बीच खींचतान इतनी बढ़ चुकी है कि मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है। 12 जुलाई को यूनिवर्सिटी का सत्र शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत में पढ़ाई पर जोर रहता है, लेकिन यहां शायद ही कोई क्लास लगी हो। छात्र पूरी गलती यूनिवर्सिटी प्रशासन पर थोप रहे हैं तो वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन खुद को पाक-साफ बता रहा है। छात्रों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। छात्रों ने एकजुट होकर कहा कि जब तक वीसी को नहीं हटाया जाएगा वह पीछे नहीं हटेंगे।
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हैरत की बात तो यह है कि इतने दिन से चल रहे धरने को खत्म कराने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम भी नहीं उठाया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन इतना सब कुछ होते हुए भी अनदेखी कर रहा है। हां, इतना जरूर है कि हर दिन मीडिया के माध्यम से कभी फीस तो कभी संसाधनों का पक्ष जरूर रख रहा है।
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आरोप : वीसी के बर्ताव से परेशान हैं विद्यार्थी
किसी भी संस्थान के मुखिया की जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रयास किया जाए, लेकिन यहां पर जो रहा है उससे तो नहीं लगता कि शिक्षा की गुणवत्ता में कोई इजाफा हुआ है। छात्रों का आरोप है कि वीसी उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं हैं। अब सवाल यह है कि जब संस्थान का मुखिया ही बच्चों का नहीं सुनेगा तो वह अपनी समस्या किसे बताएंगे। यदि छात्रों के साथ अच्छा बर्ताव किया जाए तो शायद यह हालात ही पैदा नहीं होंगे।
अप्रैल में भी हुई थी हड़ताल
मौजूदा वर्ष में हड़ताल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी वर्ष अप्रैल में छात्रों ने हड़ताल कर दी थी। पिछले साल दो सप्ताह तक हड़ताल चली थी। धरने-प्रदर्शन की तो कोई गिनती ही नहीं है।
विवादों के बीच होगा हर्बल गार्डन का उद्घाटन
छात्र और प्रबंधन के बीच छिड़े वाक युद्ध के बीच यूनिवर्सिटी कैंपस में 8 अगस्त को हर्बल गार्डन का उद्घाटन होगा। उद्घाटन राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर करेंगे। वे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट के विद्यार्थियों की बनाई पेंटिंग की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। कैंपस में पौधारोपण भी किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने कैंपस में 333 पौधे लगाने का संकल्प लिया है।