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Rohtak News: हाईकोर्ट पहुंचीं सेशन जज बोलीं-रोहतकियों का अपना ही अंदाज, उम्रभर नहीं भूल पाऊंगी

Wed, 07 Jan 2026 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:54 AM IST
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Sessions judge reached
19...सेशन जज नीरजा कुलवंत कलसन जिला बार में आयोजित सम्मान समारोह को संबो​धित करते हुए व मौजूद न
रोहतक। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति बनीं सेशन जज नीरजा कुलवंत कलसन मंगलवार को विदाई समारोह में भावुक हो गईं। रोचक किस्से सुनाकर अधिवक्ताओं के साथ खूब ठहाके भी लगाए। कहा, ढाई साल में यहां जो सम्मान और स्नेह मिला है, उसे भूल नहीं पाऊंगी।
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जिला अदालत की सेशन जज नीरजा कुलवंत कलसन आठ जनवरी को हाईकोर्ट में शपथ लेंगी। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जिला बार ने हॉल में विदाई समारोह रखा। यहां सेशन जज ने कहा, रोहतकियों का अलग ही अंदाज है। मेरी भी मान ली और अपनी भी चला ली।
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कहा, बार ने इतना मान-सम्मान और स्नेह दिया। करीब ढाई साल पहले रोहतक में तैनाती हुई तो जो भी सुनता, कहता-क्या है रोहतक में। एक अलग तरह से नाम लेते रोहतक का। लेकिन, रोहतक मेरे लिए नया नहीं था। कभी कोई दिक्कत भी नहीं आई। यहां का कार्यकाल अविस्मरणीय रहा।
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वकीलों का शत-प्रतिशत सहयोग मिला। बार से जो सम्मान और स्नेह मिला, उसे ताउम्र नहीं भुला सकती। यहां रहते काफी सुधार कराए। ऐसे प्रयास करती रहूंगी।
इस मौके पर बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन डॉ. विजेंद्र अहलावत ने कहा कि सेशन जज के कार्यकाल में बार-बेंच के बीच यादगार तालमेल रहा। बार प्रधान दीपक हुड्डा ने कहा कि कभी कोई समस्या आई भी तो सेशन जज ने तुरंत समाधान निकाल लिया।
विदाई समारोह में उपायुक्त सचिन गुप्ता, निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा, एडीसी नरेंद्र कुमार, जिला बार के महासचिव राजकरण पंघाल, उप प्रधान अजय ओहल्यान, सह सचिव डिंपल अरोड़ा, लाइब्रेरी इंचार्ज अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।

वकील बोले...मैं तो मिलकर ही जाऊंगा
सेशन जज ने दो रोचक किस्से सुनाए। कहा, रोहतकियों का अपना ही अंदाज है। एक वकील कोर्ट में मिलने आए। मैंने उन्हें संदेश भिजवाया कि अभी फैसला लिखवा रही हूं, बाद में मिलूंगी। वकील साहब अड़ गए कि मैं तो मिलकर ही जाऊंगा, फैसला लिखवाने में चाहे जितना समय लग जाए। दूसरे किस्से में सेशन जज ने कहा, एक वकील कोर्ट में आकर बोले मैडम जी, आज बहस नहीं होगी। मैंने कहा, आपकी मर्जी की ही तारीख दी थी। फिर क्यों? वकील साहब बोले, आज पार्टी है। अब पार्टी में जाएं या बहस की तैयारी करें। दोनों किस्से सुनकर अधिवक्ताओं ने खूब तालियां बजाईं।
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