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राजकुमार सैनी को टिकट देनी वाली पार्टी को जवाब देंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:56 AM IST
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जसिया में धरनास्थल पर मंच से भाषण के दौरान अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक
- फोटो : amar ujala
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जसिया में धरनास्थल पर मंच से भाषण के दौरान अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समाज शांतिपूर्वक तरीके से हक मांग रहा है, लेकिन सांसद राजकुमार सैनी जैसे लोग उन्हें उकसा रहे हैं। ऐसे लोगों को नहीं मालूम कि जितनी बयानबाजी करेंगे, उससे जाट समाज एकजुट ही होगा। उन्होंने धरनारत लोगों से आह्वान किया कि ऐसे लोगों को राजनीतिक मार मारी जानी चाहिए। राजनीति के जरिये उन्हें जवाब दिया जाए और दिखा दिया जाए कि समाज की एकजुटता क्या होती है। सैनी जैसे लोगों को टिकट देने वाली पार्टी का कड़ा जवाब दिया जाए। इस पर सभी ने एकजुट होकर सहमति जताई।
सरकार से वार्ता करने वालों को बताया जयचंद
यशपाल मलिक ने सरकार से वार्ता करने वालों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों से वार्ता कर रही है, जिसका धरने से लेनादेना ही नहीं है। ऐसे लोग सरकार के लड्डू और खाना खाकर वापस आ जाते हैं। अगर इन लोगों में हिम्मत थी तो 17 तारीख की वार्ता के बाद धरने खत्म करा लेते। उन्होंने कहा कि ऐसे जयचंद ही समाज को कमजोर करने का काम करते हैं, लेकिन अब इन लोगों पता चल गया है कि समाज उनके साथ कितना है।
जला पूरा हरियाणा, एसआईटी वित्तमंत्री की कोठी पर
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाए गए। मंच से वक्ताओं ने कहा कि फरवरी माह में पूरा प्रदेश जला, लेकिन सरकार को केवल वित्तमंत्री की कोठी दिखाई दे रही है। वित्तमंत्री की कोठी के लिए एसआईटी बना दी गई। मलिक ने कहा कि वित्तमंत्री से भी वार्ता की जाएगी कि जो मुकदमा कराया है उसे वापस लिया जाए।
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नौकरी और एडमिशन में रिजर्व रखें 10 प्रतिशत सीटें
यशपाल मलिक ने मंच से यह भी बताया कि उन्होंने सरकार से मांग की है कि जब तक जाट आरक्षण पर कोर्ट से फैसला नहीं आता, तब तक यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में चल रहे एडमिशन में 10 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखी जाएं। नौकरियों में 10 फीसदी सीटें रिजर्व की जाएंगी।
गिरफ्तारियों की दोबारा जांच पर लोगों ने जताया विरोध
जिस समय यशपाल मलिक ने यह कहा कि गिरफ्तारियों पर सरकार ने दोबारा से जांच का आश्वासन दिया है, इस पर लोग भड़क गए। लोगों ने इसका विरोध जताया। हालांकि बाद में मलिक ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है। इतनी जल्दी खत्म नहीं हो सकती। फिर भी यदि आप मेरी बात से सहमत नहीं हैं तो जो चाहें कर सकते हैं। उसके लिए आप स्वतंत्र हैं। उनकी इस बात के बाद सभी ने सहमति जता दी।
धरना खत्म होते ही इंटरनेट सेवा बहाल
जसिया में 5 जून को धरना शुरू होने से एक दिन पहले ही जिला प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवा बंद करा दी थी। तीन दिन पहले एसएमएस सेवा तो बहाल हो गई, लेकिन जसिया धरने पर बढ़ती भीड़ को देखकर जिला प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद रखा। रविवार शाम जैसे ही धरना खत्म हुआ उसके एक घंटा बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। डीसी अतुल कुमार ने बताया कि इंटरनेट सेवाओं को पहले की तरह सुचारू कर दिया गया है।
तैनात रहेंगे अर्द्धसैनिक बल
जसिया में जाट समाज के धरने को लेकर सरकार तो परेशान थी ही, मौके पर तैनात फोर्स की भी परेशानी कम नहीं थी। पुलिस के साथ-साथ अर्द्धसैनिक बल के जवान दिन-रात डटे थे। रविवार को जैसे ही धरना खत्म होने की घोषणा हुई तो सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी सरकार की तरफ से फोर्स को हटाने के आदेश जारी नहीं हुए हैं। इसीलिए अर्द्धसैनिक बल की कंपनियां जिलों में ही रहेंगी।
यह बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष
दिल्ली में हुई वार्ता के बाद प्रदेश के सभी धरने खत्म करा दिए गए हैं। सरकार के प्रतिनिधियों ने जो आश्वासन दिया है, यदि उस अवधि में मांग पूरी नहीं होती है तो दोबारा से धरने शुरू किये जाएंगे। प्रदेश में शांतिपूर्ण धरने के लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
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सरकार से वार्ता करने वालों को बताया जयचंद
यशपाल मलिक ने सरकार से वार्ता करने वालों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों से वार्ता कर रही है, जिसका धरने से लेनादेना ही नहीं है। ऐसे लोग सरकार के लड्डू और खाना खाकर वापस आ जाते हैं। अगर इन लोगों में हिम्मत थी तो 17 तारीख की वार्ता के बाद धरने खत्म करा लेते। उन्होंने कहा कि ऐसे जयचंद ही समाज को कमजोर करने का काम करते हैं, लेकिन अब इन लोगों पता चल गया है कि समाज उनके साथ कितना है।
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जला पूरा हरियाणा, एसआईटी वित्तमंत्री की कोठी पर
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाए गए। मंच से वक्ताओं ने कहा कि फरवरी माह में पूरा प्रदेश जला, लेकिन सरकार को केवल वित्तमंत्री की कोठी दिखाई दे रही है। वित्तमंत्री की कोठी के लिए एसआईटी बना दी गई। मलिक ने कहा कि वित्तमंत्री से भी वार्ता की जाएगी कि जो मुकदमा कराया है उसे वापस लिया जाए।
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नौकरी और एडमिशन में रिजर्व रखें 10 प्रतिशत सीटें
यशपाल मलिक ने मंच से यह भी बताया कि उन्होंने सरकार से मांग की है कि जब तक जाट आरक्षण पर कोर्ट से फैसला नहीं आता, तब तक यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में चल रहे एडमिशन में 10 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखी जाएं। नौकरियों में 10 फीसदी सीटें रिजर्व की जाएंगी।
गिरफ्तारियों की दोबारा जांच पर लोगों ने जताया विरोध
जिस समय यशपाल मलिक ने यह कहा कि गिरफ्तारियों पर सरकार ने दोबारा से जांच का आश्वासन दिया है, इस पर लोग भड़क गए। लोगों ने इसका विरोध जताया। हालांकि बाद में मलिक ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है। इतनी जल्दी खत्म नहीं हो सकती। फिर भी यदि आप मेरी बात से सहमत नहीं हैं तो जो चाहें कर सकते हैं। उसके लिए आप स्वतंत्र हैं। उनकी इस बात के बाद सभी ने सहमति जता दी।
धरना खत्म होते ही इंटरनेट सेवा बहाल
जसिया में 5 जून को धरना शुरू होने से एक दिन पहले ही जिला प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवा बंद करा दी थी। तीन दिन पहले एसएमएस सेवा तो बहाल हो गई, लेकिन जसिया धरने पर बढ़ती भीड़ को देखकर जिला प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद रखा। रविवार शाम जैसे ही धरना खत्म हुआ उसके एक घंटा बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। डीसी अतुल कुमार ने बताया कि इंटरनेट सेवाओं को पहले की तरह सुचारू कर दिया गया है।
तैनात रहेंगे अर्द्धसैनिक बल
जसिया में जाट समाज के धरने को लेकर सरकार तो परेशान थी ही, मौके पर तैनात फोर्स की भी परेशानी कम नहीं थी। पुलिस के साथ-साथ अर्द्धसैनिक बल के जवान दिन-रात डटे थे। रविवार को जैसे ही धरना खत्म होने की घोषणा हुई तो सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी सरकार की तरफ से फोर्स को हटाने के आदेश जारी नहीं हुए हैं। इसीलिए अर्द्धसैनिक बल की कंपनियां जिलों में ही रहेंगी।
यह बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष
दिल्ली में हुई वार्ता के बाद प्रदेश के सभी धरने खत्म करा दिए गए हैं। सरकार के प्रतिनिधियों ने जो आश्वासन दिया है, यदि उस अवधि में मांग पूरी नहीं होती है तो दोबारा से धरने शुरू किये जाएंगे। प्रदेश में शांतिपूर्ण धरने के लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति