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रोहतक पीजीआई में एमबीबीएस की 50 और स्थायी सीटों को हरी झंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:33 AM IST
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पीजीआई की रिपोर्ट
- फोटो : amar ujala
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पीजीआईएमएस रोहतक से एमबीबीएस करने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) ने संस्थान में एमबीबीएस की 50 और स्थायी सीटों को हरी झंडी दे दी है। अब पीजीआई में सभी 200 सीटें स्थायी कर दी गई हैं।
दरअसल, पीजीआई में लंबे समय से एमबीबीएस की 150 स्थायी सीटें थीं। कई वर्ष पहले संस्थान की तरफ से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर 50 और स्थायी सीट बढ़ाने की मांग की गई।
उस समय एमसीआई ने 50 सीटें बढ़ाने के लिए मंजूरी दे दी थी, लेकिन उन सीटों को अस्थाई तरीके से ही संचालित करना था। यानि इन सीटों को एमसीआई कभी भी निरस्त कर सकती थी। तभी से संस्थान में 200 सीटों पर एडमिशन हो रहे थे। इस बीच एमसीआई ने लगातार चार साल तक संस्थान में निरीक्षण किया। निरीक्षण में देखा गया कि संस्थान ने जो 50 अस्थायी सीटें बढ़ाई हैं, वे सही हैं या फिर गलत। निरीक्षण में सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद अब एमसीआई ने पूर्व में बढ़ाई गई 50 अस्थायी सीटों को भी स्थायी करने की हरी झंडी दे दी है। इससे संस्थान में खुशी का माहौल है।
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने 50 अस्थायी सीटों को स्थायी कर दिया है। सीटें स्थायी होने के बाद अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
- डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक, हेल्थ यूनिवर्सिटी, रोहतक।
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दरअसल, पीजीआई में लंबे समय से एमबीबीएस की 150 स्थायी सीटें थीं। कई वर्ष पहले संस्थान की तरफ से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर 50 और स्थायी सीट बढ़ाने की मांग की गई।
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उस समय एमसीआई ने 50 सीटें बढ़ाने के लिए मंजूरी दे दी थी, लेकिन उन सीटों को अस्थाई तरीके से ही संचालित करना था। यानि इन सीटों को एमसीआई कभी भी निरस्त कर सकती थी। तभी से संस्थान में 200 सीटों पर एडमिशन हो रहे थे। इस बीच एमसीआई ने लगातार चार साल तक संस्थान में निरीक्षण किया। निरीक्षण में देखा गया कि संस्थान ने जो 50 अस्थायी सीटें बढ़ाई हैं, वे सही हैं या फिर गलत। निरीक्षण में सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद अब एमसीआई ने पूर्व में बढ़ाई गई 50 अस्थायी सीटों को भी स्थायी करने की हरी झंडी दे दी है। इससे संस्थान में खुशी का माहौल है।
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने 50 अस्थायी सीटों को स्थायी कर दिया है। सीटें स्थायी होने के बाद अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
- डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक, हेल्थ यूनिवर्सिटी, रोहतक।