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Rohtak News: निंदाना में 40 साल बाद मिला असल मालिकों को हक, विरोध करने लाइसेंसी पिस्तौल लेकर पहुंचा युवक

Tue, 25 Jun 2024 11:02 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 11:02 PM IST
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Real owners got rights in condemnation after 40 years, young man arrived with licensed pistol to protest
25महम01...निंदाना में कब्जा कार्रवाई के दौरान मौजूद ग्रामीण व प्रशासन। संवाद
महम। चकबंदी के बाद चली आ रही कब्जा कार्रवाई में मंगलवार को प्रशासन ने सबसे बड़ी सफलता मिली। तहसीलदार अजीत कलकल के नेतृत्व में प्रशासन ने नेशनल हाईवे नंबर 152 डी के पास पिछले 40 साल से जमीन पर कब्जा मिलने की बाट जोह रहे असल मालिकों को कब्जा दिलाया। तहसीलदार ने बताया कि सरकार द्वारा सरप्लस के तहत अलॉट की गई जमीन पर अभी तक किलाबंदी के बगैर असल मालिक काबिज नहीं हो सके थे। ऐसे दर्जनों लोगों को कब्जा दिलाया गया है। इसी कड़ी में 5 एकड़ जमीन हरियाणा सरकार की थी। उस पर सरकार का कब्जा किया गया है।
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पिस्तौल लेकर कब्जा कार्रवाई का विरोध करने पहुंचा युवक
कब्जा कार्रवाई का विरोध भी किया गया लेकिन भारी पुलिस बल होने के कारण उनकी एक नहीं चली। एक युवक लाइसेंसी पिस्तौल लेकर कब्जा कार्रवाई का विरोध करने के लिए पहुंचा। पुलिस ने उसे काबू कर लिया। हालांकि बाद में चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया गया। तहसीलदार ने कहा कि युवक लाइसेंसी पिस्तौल लेकर पहुंचा था, लेकिन किसी को दिखाने जैसी कोई बात नहीं थी। इसके बावजूद भी उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। ग्रामीण मास्टर महेंद्र का कहना है कि सरप्लस की जमीन पर काबिज लोग ही सबसे ज्यादा चकबंदी का विरोध कर रहे थे। क्योंकि वे मालिकाना हक से ज्यादा जमीन पर काबिज थे। सालों बाद असल मालिकों को उनका हक मिला है।
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