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मुक्का जड़ते ही लगेगा हाई वोल्टेज करंट
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 19 Aug 2015 02:25 AM IST
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छेड़खानी की घटनाओं पर शोहदों को अब वह बिना किसी की मदद के खुद ही सबक सिखा सकेंगी।
छेड़खानी करने वाले युवक को बस एक मुक्का जड़ना होगा और वह हाईवोल्टेज करंट के साथ वहीं पर कुछ देर के लिए ढेर हो जाएगा।
यह सब संभव होगा ‘वुमेन सेफ्टी डिवाइस’ से, जिसे एमडीयू में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के छात्र तैयार कर रहे हैं। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र रविंद्र जांगड़ा और इलेक्ट्रोनिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्र अंकित शर्मा इस डिवाइस को अंतिम रूप देने में लगे हैं।
इंजीनियिरंग डिपार्टमेंट के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर अरुण हुड्डा के निर्देशन में इस डिवाइस को अंगूठी में तैयार किया जा रहा है। डिवाइस को इस तरह से तैयार किया जा रहा कि यह मार्केट में महज एक हजार से 1500 रुपये तक आसानी से मिल जाए।
ये है डिवाइस
डिवाइस को एक सामान्य अंगूठी में सेट किया गया है, जिसका ऑन-ऑफ का सर्किट हथेली में एक बैंडिड की तरह चिपकाया जाएगा। साथ ही नौ वोल्ट की एक नाम मात्र वजन और साइज की बैटरी लड़कियों को अपनी सुविधा अनुसार कपड़े के अंदर या बेल्ट में बांधनी होगी। हथेली में लगे सर्किट से एक वायर बैटरी तक पहुंचाई जाएगी।
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ऐसे काम करेगी डिवाइस
हथेली बंद करते ही डिवाइस एक्टिव हो जाएगी और जैसे ही सामने वाले को मुक्का मारा जाएगा तो अंगूठी शरीर में छूते ही उस युवक को 11 हजार वोल्ट का करंट लगेगा। यह करंट इतना तेज होगा कि कम से कम 15 से 20 सेकेंड के लिए वह उठ नहीं पाएगा। डिवाइस में वोल्टेज को इस तरीके से सेट किया गया है कि वह चार से पांच बार सामने वाले को करंट दे सकती है, लेकिन उसके लिए बटन दबाना होगा। एक बार बटन दबाने पर सिर्फ एक ही बार झटका लगेगा। ऐसा इसलिए किया गया है कि यदि किसी कारणवश खुद को इसका करंट लगता है वह एक बार लगने के बाद ऑफ हो जाए। डिवाइस डिस्चार्ज होने के बाद इसे दोबारा से चार्ज करना होगा।
मच्छर मारने के रैकेट से मिली प्रेरणा
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर अरुण हुड्डा का कहना है कि इस डिवाइस के लिए उन्हें मच्छर मारने वाले रैकेट से प्रेरणा मिली है। जिस प्रकार रैकेट लगते ही मच्छर मर जाता है उसी को ध्यान में रखते हुए यह डिवाइस तैयार की गई है। फिलहाल इसे 11 हजार वोल्टेज में तैयार किया गया है। आने वाले समय में इसे 50 हजार वोल्टेज तक तैयार किया जाएगा।
वर्जन
डिवाइस लगभग तैयार हो चुकी है। उम्मीद है कि इस माह इसे पूरा कर लिया जाएगा। बेटियों को आत्मरक्षा करने में यह बेहद अहम साबित होगी, जिसकी कीमत भी कम रखी गई है।
- अरुण हुड्डा, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर, एमडीयू
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छेड़खानी की घटनाओं पर शोहदों को अब वह बिना किसी की मदद के खुद ही सबक सिखा सकेंगी।
छेड़खानी करने वाले युवक को बस एक मुक्का जड़ना होगा और वह हाईवोल्टेज करंट के साथ वहीं पर कुछ देर के लिए ढेर हो जाएगा।
यह सब संभव होगा ‘वुमेन सेफ्टी डिवाइस’ से, जिसे एमडीयू में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के छात्र तैयार कर रहे हैं। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र रविंद्र जांगड़ा और इलेक्ट्रोनिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्र अंकित शर्मा इस डिवाइस को अंतिम रूप देने में लगे हैं।
इंजीनियिरंग डिपार्टमेंट के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर अरुण हुड्डा के निर्देशन में इस डिवाइस को अंगूठी में तैयार किया जा रहा है। डिवाइस को इस तरह से तैयार किया जा रहा कि यह मार्केट में महज एक हजार से 1500 रुपये तक आसानी से मिल जाए।
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ये है डिवाइस
डिवाइस को एक सामान्य अंगूठी में सेट किया गया है, जिसका ऑन-ऑफ का सर्किट हथेली में एक बैंडिड की तरह चिपकाया जाएगा। साथ ही नौ वोल्ट की एक नाम मात्र वजन और साइज की बैटरी लड़कियों को अपनी सुविधा अनुसार कपड़े के अंदर या बेल्ट में बांधनी होगी। हथेली में लगे सर्किट से एक वायर बैटरी तक पहुंचाई जाएगी।
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ऐसे काम करेगी डिवाइस
हथेली बंद करते ही डिवाइस एक्टिव हो जाएगी और जैसे ही सामने वाले को मुक्का मारा जाएगा तो अंगूठी शरीर में छूते ही उस युवक को 11 हजार वोल्ट का करंट लगेगा। यह करंट इतना तेज होगा कि कम से कम 15 से 20 सेकेंड के लिए वह उठ नहीं पाएगा। डिवाइस में वोल्टेज को इस तरीके से सेट किया गया है कि वह चार से पांच बार सामने वाले को करंट दे सकती है, लेकिन उसके लिए बटन दबाना होगा। एक बार बटन दबाने पर सिर्फ एक ही बार झटका लगेगा। ऐसा इसलिए किया गया है कि यदि किसी कारणवश खुद को इसका करंट लगता है वह एक बार लगने के बाद ऑफ हो जाए। डिवाइस डिस्चार्ज होने के बाद इसे दोबारा से चार्ज करना होगा।
मच्छर मारने के रैकेट से मिली प्रेरणा
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर अरुण हुड्डा का कहना है कि इस डिवाइस के लिए उन्हें मच्छर मारने वाले रैकेट से प्रेरणा मिली है। जिस प्रकार रैकेट लगते ही मच्छर मर जाता है उसी को ध्यान में रखते हुए यह डिवाइस तैयार की गई है। फिलहाल इसे 11 हजार वोल्टेज में तैयार किया गया है। आने वाले समय में इसे 50 हजार वोल्टेज तक तैयार किया जाएगा।
वर्जन
डिवाइस लगभग तैयार हो चुकी है। उम्मीद है कि इस माह इसे पूरा कर लिया जाएगा। बेटियों को आत्मरक्षा करने में यह बेहद अहम साबित होगी, जिसकी कीमत भी कम रखी गई है।
- अरुण हुड्डा, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर, एमडीयू