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चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ रोहतक में फूटा गुस्सा
रोहतक/ब्यूरो
Updated Sun, 22 Dec 2013 06:50 PM IST
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स्कूली छात्रा से सामूहिक दुराचार के आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के जवानों के विरोध में विभिन्न संगठनों ने जिले में प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के पुतले फूंके। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए।
रविवार को जनवादी महिला समिति, एसएफ.आई, डीवाईएफआई के सदस्य जसबीर स्मारक में एकत्रित हुए और चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीला बाईपास पहुंचे। इस दौरान जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव राजकुमारी दहिया ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस के जवानों द्वारा एक छात्रा के साथ सामूहिक दुराचार की घिनौनी करतूत सभ्य समाज को शर्मसार कर देने वाली है। रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं तो समाज किससे उम्मीद करे। इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।
एसएफआई के राज्य कार्यकारी सचिव सुमित कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में काउंसिलिंग और संवाद के अभाव में छात्राओं को यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के पुतले फूंके। इस दौरान सोनू, सविता, जिला सचिव अंजू, वीना मलिक जगवंती, सरोज, रामरति, उषा, संतोष, मंजीत और सुनीता मौजूद रहे।
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सरकार से की ये मांगें
पुलिस कर्मियों को महिलाओं व समाज के दबे-कुचले तबकों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। शिक्षण संस्थानों में बच्चों की काउंसिलिंग की विशेष व्यवस्था की जाए। कार्यस्थलों और शिक्षण संस्थानों में यौन शोषण विरोधी कमेटियां बनाई जाएं। स्कूलों में शिकायत पेटियां रखी जाएं और उन्हें खोलने के लिए कमेटियां बनाई जाएं।
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रविवार को जनवादी महिला समिति, एसएफ.आई, डीवाईएफआई के सदस्य जसबीर स्मारक में एकत्रित हुए और चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीला बाईपास पहुंचे। इस दौरान जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव राजकुमारी दहिया ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस के जवानों द्वारा एक छात्रा के साथ सामूहिक दुराचार की घिनौनी करतूत सभ्य समाज को शर्मसार कर देने वाली है। रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं तो समाज किससे उम्मीद करे। इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।
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एसएफआई के राज्य कार्यकारी सचिव सुमित कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में काउंसिलिंग और संवाद के अभाव में छात्राओं को यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के पुतले फूंके। इस दौरान सोनू, सविता, जिला सचिव अंजू, वीना मलिक जगवंती, सरोज, रामरति, उषा, संतोष, मंजीत और सुनीता मौजूद रहे।
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पुलिस कर्मियों को महिलाओं व समाज के दबे-कुचले तबकों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। शिक्षण संस्थानों में बच्चों की काउंसिलिंग की विशेष व्यवस्था की जाए। कार्यस्थलों और शिक्षण संस्थानों में यौन शोषण विरोधी कमेटियां बनाई जाएं। स्कूलों में शिकायत पेटियां रखी जाएं और उन्हें खोलने के लिए कमेटियां बनाई जाएं।