सर छोटूराम जयंती: जसिया में यशपाल मलिक व जिला स्तर के जाट नेताओं ने की शिरकत, समाज के दिग्गज नेता नहीं आए
जसिया में आयोजित कार्यक्रम में समाज के दिग्गज नेता नहीं आए। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सुबह ही इंकार कर दिया था। दोपहर बाद तक अभय चौटाला व पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह भी नहीं पहुंचे।
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रोहतक के जसिया में सर छोटूराम जयंती पर जाट समाज के दिग्गज नेता नहीं पहुंचे। सुबह ही पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आने का कार्यक्रम स्वास्थ्य कारणों के चलते रद्द हो गया था। दोपहर बाद इनेलो नेता अभय चौटाला व पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह भी नहीं पहुंच सके। हालांकि जाट संघर्ष समिति के नेता यशपाल मलिक ने दावा किया था कि महाराष्ट्र से एनसीपी नेता सोनिया दलाल व दिल्ली से आप के विधायक बिजेंद्र कादयान भी आ रहे हैं। ऐसे में कार्यक्रम को यशपाल मलिक व दूसरे जाट आरक्षण संघर्ष समिति व जाट सेवा संघ से जुड़े नेताओं ने ही संबोधित किया।
बता दें कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति व छोटूराम सेवा संघ की तरफ से 10 दिसंबर को जसिया में छोटूराम जयंती मनाने की घोषणा की गई थी। जयंती पर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह, इनेलो नेता एवं विधायक अभय चौटाला, जजपा नेता अजय चौटाला, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित जाट समाज की अन्य हस्तियों को आमंत्रित किया था।
जयंती कार्यक्रम से दो दिन पहले जसिया गांव में सरपंच ओमप्रकाश हुड्डा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि यशपाल मलिक को जसिया में नहीं घुसने दिया जाएगा। शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच छोटूराम धाम पर पंचायत हुई, जिसमें मिलकर छोटूराम जयंती मनाने की सहमति बन गई।
सरपंच ओमप्रकाश हुड्डा व यशपाल मलिक ने संयुक्त बयान जारी किया था कि अब उनके बीच कोई मतभेद नहीं रहा है। मलिक का ग्रामीण विरोध नहीं करेंगे। शनिवार को छोटूराम जयंती के लिए टेंट व कुर्सी लगाई गई। मलिक ने मुख्य अतिथियों से खुद बात की।
हालांकि सुबह राज्यपाल सत्यपाल मलिक की तरफ से बताया गया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। आयोजकों ने दोपहर तक बताए रखा कि पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह व अभय चौटाला जरूर आ रहे हैं। दोपहर बीरेंद्र सिंह के आने की संभावना खत्म् हुई तो बताया गया ढाई बजे तक अभय चौटाला पहुंच जाएंगे। हालांकि चार बजे तक कोई बड़ा नेता कार्यक्रम में नहीं आ सका।