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अब पुलिस वाले भी छेड़ेंगे आंदोलन
रोहतक/ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2013 10:51 PM IST
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हरियाणा पुलिस संगठन व सिपाही एवं मुख्य सिपाही एसोसिएशन ने सरकार को
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चेताया है कि अगर ग्रेड नहीं दिया तो वे और उनका परिवार वोट नहीं देंगे।
अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाने के लिए पुलिस कर्मचारियों ने पांच फरवरी को हुडा कांप्लेक्स में महासम्मेलन करने का फैसला लिया है। इस सम्मेलन में रिटायर कर्मचारियों को भी बुलाया गया है। एसोसिएशन के सदस्य सभी थाना और चौकियों में जाकर इस बारे में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
हरियाणा पुलिस संगठन व सिपाही एवं मुख्य सिपाही एसोसिएशन के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। संगठन के प्रधान दिलावर सिंह ने कहा कि अनुशासन के नाम पर कमजोर दिखाई देने वालों को सरकार कमजोर समझने की भूल न करे। पुलिसकर्मी आने वाले चुनावों में अपनी ताकत का अहसास करवा देंगे। पुलिस संगठन ने सरकार के सामने 11 सूत्रीय एजेंडा रखा है। दिलावर सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस के निरीक्षक को पंजाब व चंडीगढ़ के एक सिपाही के बराबर वेतन दिया जा रहा है। जब पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश में पुलिसकर्मियों को पे-ग्रेड के अनुसार वेतन दिया जा रहा है तो हरियाणा में क्यों नहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में दी गई पांच हजार रुपये की बढ़ोतरी को नाकाफी बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों का पे-ग्रेड लागू करे। उन्होंने कहा कि इस बारे में आंदोलन की रूपरेख तय करने के लिए हुडा कांप्लेक्स में पांच फरवरी को महासम्मेलन बुलाया गया है। इस महासम्मेलन में विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी व सेवारत कर्मचारियों के परिवार से कम से कम एक सदस्य जरूर शामिल होगा।
ये हैं मुख्य मांगें
पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल के बराबर वेतनमान दिया जाए, आईआरबी को जिलों में बदलने, धर्मबीर राष्ट्रीय पुलिस आयोग की रिपोर्ट लागू करे, पैनल के अस्पतालों में पैरा मेडिकल की तरह सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मेडिकल बिल से निजात दिलाने, पैरा मिलट्री फोर्स की तरह 2006 से बंद पेंशन लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा सभी पुलिस कर्मचारियों को हुडा में किस्तों में मकान देने, रिटायर पुलिस कर्मचारियों को बस पास सुविधा जारी रखी जाए, भ्रष्टाचार की जननी बी-1 परीक्षा बंद कर पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर दी जाए, पुलिस कर्मचारियों के तबादले पीपीआर के तहत की जाए, पुलिस कर्मचारियों के बच्चों को भर्ती में दस फीसदी आरक्षण दिया जाए।
अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाने के लिए पुलिस कर्मचारियों ने पांच फरवरी को हुडा कांप्लेक्स में महासम्मेलन करने का फैसला लिया है। इस सम्मेलन में रिटायर कर्मचारियों को भी बुलाया गया है। एसोसिएशन के सदस्य सभी थाना और चौकियों में जाकर इस बारे में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
हरियाणा पुलिस संगठन व सिपाही एवं मुख्य सिपाही एसोसिएशन के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। संगठन के प्रधान दिलावर सिंह ने कहा कि अनुशासन के नाम पर कमजोर दिखाई देने वालों को सरकार कमजोर समझने की भूल न करे। पुलिसकर्मी आने वाले चुनावों में अपनी ताकत का अहसास करवा देंगे। पुलिस संगठन ने सरकार के सामने 11 सूत्रीय एजेंडा रखा है। दिलावर सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस के निरीक्षक को पंजाब व चंडीगढ़ के एक सिपाही के बराबर वेतन दिया जा रहा है। जब पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश में पुलिसकर्मियों को पे-ग्रेड के अनुसार वेतन दिया जा रहा है तो हरियाणा में क्यों नहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में दी गई पांच हजार रुपये की बढ़ोतरी को नाकाफी बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों का पे-ग्रेड लागू करे। उन्होंने कहा कि इस बारे में आंदोलन की रूपरेख तय करने के लिए हुडा कांप्लेक्स में पांच फरवरी को महासम्मेलन बुलाया गया है। इस महासम्मेलन में विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी व सेवारत कर्मचारियों के परिवार से कम से कम एक सदस्य जरूर शामिल होगा।
ये हैं मुख्य मांगें
पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल के बराबर वेतनमान दिया जाए, आईआरबी को जिलों में बदलने, धर्मबीर राष्ट्रीय पुलिस आयोग की रिपोर्ट लागू करे, पैनल के अस्पतालों में पैरा मेडिकल की तरह सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मेडिकल बिल से निजात दिलाने, पैरा मिलट्री फोर्स की तरह 2006 से बंद पेंशन लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा सभी पुलिस कर्मचारियों को हुडा में किस्तों में मकान देने, रिटायर पुलिस कर्मचारियों को बस पास सुविधा जारी रखी जाए, भ्रष्टाचार की जननी बी-1 परीक्षा बंद कर पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर दी जाए, पुलिस कर्मचारियों के तबादले पीपीआर के तहत की जाए, पुलिस कर्मचारियों के बच्चों को भर्ती में दस फीसदी आरक्षण दिया जाए।