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पीजीआईएमएस : डॉ. गठवाला ने संभाला निदेशक का कार्यभार
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रोहतक। पीजीआईएमएस को नया निदेशक मिला गया है। शिशु रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. गीता गठवाला ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। सोमवार को कार्यभार संभालने के बाद ही मैडम एक्शन मोड में नजर आईं। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते अस्पताल की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संस्थान के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर तय समय में खामियां दूर करने के निर्देश जारी किए। लापरवाही बरते जाने पर सख्त कार्रवाई करने की भी बात कही।
जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि निदेशक सोमवार सुबह सी-ब्लॉक पहुंचीं। यहां निरीक्षण करते हुए कोरोना के संदिग्ध मरीजों को उच्च गुणवत्ता का इलाज उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश दिए। डे केयर का निरीक्षण करने के बाद वे आपातकालीन विभाग पहुंचीं। यहां प्रतिदिन बढ़ रहे बुखार के मरीजों को किसी तरह की परेशानी न होने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों में लक्षणों की पहचान अवश्य की जाए, ताकि कोई भी संदिग्ध मरीज आम मरीजों के बीच में न रहे। इस समय बुखार के मरीज काफी बढ़ रहे हैं। ऐसे में बेड की संख्या बढ़ानी जरूरी है। उन्होंने वार्ड 24, 25 व 26 का निरीक्षण करते हुए वहां जल्द सीलन दूर करने के साथ कार्य समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने वार्ड 15, 16, 17 व 20 का निरीक्षण करते हुए डोनिंग व डोफिंग के एरिया चिह्नित किए। ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
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एंबुलेंस चालकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए
निदेशक ने नए कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया व एंबुलेंस चालकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने कहा कि निदेशक ने मनोरोग विभाग का निरीक्षण कर वहां सभी बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट्स लगाने के निर्देश दिए। इस मौके पर डॉ. एसके सिंघल, डीएमएस डॉ. सुखबीर, डॉ. महेश माहला, पीडब्लूडी बीएंडआर अधिकारी अनिल नरवाल, साधू राम जेई, आईसीएन सुमन रांगी समेत पीडब्लूडी एंड बीएंडआर के अधिकारी उपस्थित रहे।
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जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि निदेशक सोमवार सुबह सी-ब्लॉक पहुंचीं। यहां निरीक्षण करते हुए कोरोना के संदिग्ध मरीजों को उच्च गुणवत्ता का इलाज उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश दिए। डे केयर का निरीक्षण करने के बाद वे आपातकालीन विभाग पहुंचीं। यहां प्रतिदिन बढ़ रहे बुखार के मरीजों को किसी तरह की परेशानी न होने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों में लक्षणों की पहचान अवश्य की जाए, ताकि कोई भी संदिग्ध मरीज आम मरीजों के बीच में न रहे। इस समय बुखार के मरीज काफी बढ़ रहे हैं। ऐसे में बेड की संख्या बढ़ानी जरूरी है। उन्होंने वार्ड 24, 25 व 26 का निरीक्षण करते हुए वहां जल्द सीलन दूर करने के साथ कार्य समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने वार्ड 15, 16, 17 व 20 का निरीक्षण करते हुए डोनिंग व डोफिंग के एरिया चिह्नित किए। ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
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एंबुलेंस चालकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए
निदेशक ने नए कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया व एंबुलेंस चालकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने कहा कि निदेशक ने मनोरोग विभाग का निरीक्षण कर वहां सभी बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट्स लगाने के निर्देश दिए। इस मौके पर डॉ. एसके सिंघल, डीएमएस डॉ. सुखबीर, डॉ. महेश माहला, पीडब्लूडी बीएंडआर अधिकारी अनिल नरवाल, साधू राम जेई, आईसीएन सुमन रांगी समेत पीडब्लूडी एंड बीएंडआर के अधिकारी उपस्थित रहे।