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Rohtak News: अवकाश के दिन आपातकालीन विभाग में पहुंचे सर्दी-जुकाम व बुखार के मरीज
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17सीटीके03...: पीजीआई आपातकालीन विभाग में जांच कराने के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
रोहतक। तापमान में एकाएक बदलाव और ठंड बढ़ने का असर अब आमजन पर दिखने लगा है। सर्दी, जुकाम, वायरल, दस्त, बुखार आदि के मरीज बढ़े हैं। ठंड की चपेट में बच्चे से लेकर बूढ़े तक आ रहे हैं। रविवार को अवकाश के दिन पीजीआई की ओपीडी बंद होने पर आपातकालीन विभाग में करीब 800 मरीजों ने कार्ड बनवाए और परामर्श लिया।
पीजीआई में आपातकालीन विभाग में करीब 40 प्रतिशत मरीज सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार के पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम के चलते चिकित्सक की ओर से सलाह दी जा रही है कि जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें। घर से निकलते वक्त बॉडी वार्मर व गर्म कपड़े अवश्य पहनें। हीटर व अन्य कमरे को गर्म करने वाले उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं तब तो और भी अधिक संभलकर घर से निकलने की जरूरत है। क्योंकि इन उपकरण के पास रहकर शरीर का तापमान सामान्य रहता है, जबकि वही घर से बाहर निकलने में ठंड का एहसास होता है। ऐसे में एकाएक गर्मी और ठंडी से बीमार पड़ने के संभावना बढ़ जाती है।
बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत
बदलते मौसम में खासकर बढ़ती ठंड में बच्चों का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। नवंबर आधा बीत चुका है। ऐसे में आगामी दिनों और ठंड बढ़ेगी। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। यही कारण है कि मौसम में जरा बदलाव हो जाए तो बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं और बीमार पड़ जाते हैं। ठंडी चीजें जैसे कोल्डड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी पीने से रोकें। विटामिन सी वाले फल; जैसे कि संतरा, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, नींबू आदि खट्टों फलों का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है।
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वर्जन
ठंड का मौसम स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है, लेकिन इसमें कई सतर्कता भी बरतने की जरूरत होती है। हल्के गर्म पानी से स्नान के अलावा गर्म पानी पीएं। बच्चों बौर स्वयं को तले-भूने चीजों से दूर रखें। हल्का गर्म पानी पीएं। सूखे फल का सेवन करने से भी इम्युनिटी बढ़ती है। सर्दी-जुकाम की स्थिति में घर पर ही गर्म पानी का भाप लें। अधिक समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
-डॉ. प्रियंका, उप चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस
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पीजीआई में आपातकालीन विभाग में करीब 40 प्रतिशत मरीज सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार के पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम के चलते चिकित्सक की ओर से सलाह दी जा रही है कि जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें। घर से निकलते वक्त बॉडी वार्मर व गर्म कपड़े अवश्य पहनें। हीटर व अन्य कमरे को गर्म करने वाले उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं तब तो और भी अधिक संभलकर घर से निकलने की जरूरत है। क्योंकि इन उपकरण के पास रहकर शरीर का तापमान सामान्य रहता है, जबकि वही घर से बाहर निकलने में ठंड का एहसास होता है। ऐसे में एकाएक गर्मी और ठंडी से बीमार पड़ने के संभावना बढ़ जाती है।
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बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत
बदलते मौसम में खासकर बढ़ती ठंड में बच्चों का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। नवंबर आधा बीत चुका है। ऐसे में आगामी दिनों और ठंड बढ़ेगी। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। यही कारण है कि मौसम में जरा बदलाव हो जाए तो बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं और बीमार पड़ जाते हैं। ठंडी चीजें जैसे कोल्डड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी पीने से रोकें। विटामिन सी वाले फल
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वर्जन
ठंड का मौसम स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है, लेकिन इसमें कई सतर्कता भी बरतने की जरूरत होती है। हल्के गर्म पानी से स्नान के अलावा गर्म पानी पीएं। बच्चों बौर स्वयं को तले-भूने चीजों से दूर रखें। हल्का गर्म पानी पीएं। सूखे फल का सेवन करने से भी इम्युनिटी बढ़ती है। सर्दी-जुकाम की स्थिति में घर पर ही गर्म पानी का भाप लें। अधिक समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
-डॉ. प्रियंका, उप चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस