{"_id":"5730b5b44f1c1b1a149199d0","slug":"parshuram-jayanti-bhupendra-sing-hudda-chief-minister-office-haryana-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुड्डा के समय सीएम दफ्तर में होती थी भूमि के सौदों की दलाली : वित्तमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुड्डा के समय सीएम दफ्तर में होती थी भूमि के सौदों की दलाली : वित्तमंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 10 May 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सोमवार को आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने हुड्डा के दस साल के कार्यकाल को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दस सालों के कार्यकाल में सीएम कार्यालय में ही जमीन के सौदों की दलाली होती थी। जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ और पूरा बोझ जनता पर डाल दिया गया। वित्तमंत्री ने हुड्डा पर और शिकंजा कसने का इशारा करते हुए कहा कि अभी कई और छेद दिख रहे हैं, लेकिन वह छेद किसने किए हैं, इसका पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु सोमवार को परशुराम जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सेक्टर-2 में पहुंचे थे। इस मौके पर वित्तमंत्री ने कहा कि सत्ता खोने का दर्द कुछ लोगों से सहा नहीं जा रहा है। इस गम में वह जाति के नाम पर समाज को बांटने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमने भी इतने साल विपक्ष में बिताए, लेकिन अब विपक्ष में बैठना कुछ लोगों को सहन नहीं हो रहा है। इस कारण उन्होंने प्रदेश में आग लगाना शुरू कर दिया। जबकि पहली सरकारों में जात-पात और गुंडागर्दी हावी रही तो नौकरियां बेची गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जाट आरक्षण आंदोलन प्रदेश में 459 जगह हुआ, लेकिन हिंसा केवल 10 जगह हुई। वह सभी जगह ऐसी हैं, जहां कांग्रेस के विधायक हैं। केवल एक जगह रोहतक में किन गांवों से आकर लोगों ने हिंसा फैलाई है यह सभी को पता लग चुका है। वित्तमंत्री ने कहा कि आरक्षण के नाम पर इस तरह की हिंसा कराने की साजिश पहले ही बना ली गई थी, क्योंकि उनको पता चल गया था कि वह सत्ता से बाहर जा रहे हैं। इसलिए ऐसा आरक्षण दिया जो खत्म हो जाए और फिर हिंसा करा सकें। वित्तमंत्री ने कहा कि कानून से भले ही कोई दंगाई बच जाए, लेकिन भगवान परशुराम के श्राप से नहीं बच सकता।
हुड्डा कहते थे, मैं पहले जाट, फिर मुख्यमंत्री : ग्रोवर
रोहतक से भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर ने कहा कि सरकार कभी किसी एक बिरादरी की नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी 36 बिरादरी की होनी चाहिए। भाजपा की सरकार 36 बिरादरियों के कारण बनी और आगे भी ऐसा ही होगा। उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर अपनी सरकार में जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह सिर्फ एक जाति को बढ़ावा देते थे। विधायक के अनुसार हुड्डा हमेशा कहते थे कि मैं पहले जाट हूं, फिर मुख्यमंत्री। उन्होंने कहा कि हुड्डा को हमेशा लगता था कि वह पूरी जिंदगी राज करेंगे। इसके लिए उन्होंने ओमप्रकाश चौटाला को अंदर कर दिया तो भजनलाल के परिवार के साथ फिजा को चिपका दिया।
विज्ञापन
कोई यह ना समझे कि सरकार डर गई : कौशिक
बहादुरगढ़ के विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि भगवान परशुराम के बताए रास्ते पर ही प्रदेश सरकार चल रही है। सरकार गरीबों की मदद कर रही है और अत्याचार करने वालों का नरसंहार करने में लगी है। कहा कि सभी को अपने हक के लिए लड़ने का अधिकार है, लेकिन आरक्षण के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकी गईं। उन्होंने कहा कि सरकार बहुत कुछ कर सकती थी और कर सकती है। इसलिए प्रदेश में दंगा करने और कराने वाले यह ना समझें कि सरकार डरकर काम करती है।
विज्ञापन
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु सोमवार को परशुराम जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सेक्टर-2 में पहुंचे थे। इस मौके पर वित्तमंत्री ने कहा कि सत्ता खोने का दर्द कुछ लोगों से सहा नहीं जा रहा है। इस गम में वह जाति के नाम पर समाज को बांटने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमने भी इतने साल विपक्ष में बिताए, लेकिन अब विपक्ष में बैठना कुछ लोगों को सहन नहीं हो रहा है। इस कारण उन्होंने प्रदेश में आग लगाना शुरू कर दिया। जबकि पहली सरकारों में जात-पात और गुंडागर्दी हावी रही तो नौकरियां बेची गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जाट आरक्षण आंदोलन प्रदेश में 459 जगह हुआ, लेकिन हिंसा केवल 10 जगह हुई। वह सभी जगह ऐसी हैं, जहां कांग्रेस के विधायक हैं। केवल एक जगह रोहतक में किन गांवों से आकर लोगों ने हिंसा फैलाई है यह सभी को पता लग चुका है। वित्तमंत्री ने कहा कि आरक्षण के नाम पर इस तरह की हिंसा कराने की साजिश पहले ही बना ली गई थी, क्योंकि उनको पता चल गया था कि वह सत्ता से बाहर जा रहे हैं। इसलिए ऐसा आरक्षण दिया जो खत्म हो जाए और फिर हिंसा करा सकें। वित्तमंत्री ने कहा कि कानून से भले ही कोई दंगाई बच जाए, लेकिन भगवान परशुराम के श्राप से नहीं बच सकता।
विज्ञापन
हुड्डा कहते थे, मैं पहले जाट, फिर मुख्यमंत्री : ग्रोवर
रोहतक से भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर ने कहा कि सरकार कभी किसी एक बिरादरी की नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी 36 बिरादरी की होनी चाहिए। भाजपा की सरकार 36 बिरादरियों के कारण बनी और आगे भी ऐसा ही होगा। उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर अपनी सरकार में जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह सिर्फ एक जाति को बढ़ावा देते थे। विधायक के अनुसार हुड्डा हमेशा कहते थे कि मैं पहले जाट हूं, फिर मुख्यमंत्री। उन्होंने कहा कि हुड्डा को हमेशा लगता था कि वह पूरी जिंदगी राज करेंगे। इसके लिए उन्होंने ओमप्रकाश चौटाला को अंदर कर दिया तो भजनलाल के परिवार के साथ फिजा को चिपका दिया।
विज्ञापन
कोई यह ना समझे कि सरकार डर गई : कौशिक
बहादुरगढ़ के विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि भगवान परशुराम के बताए रास्ते पर ही प्रदेश सरकार चल रही है। सरकार गरीबों की मदद कर रही है और अत्याचार करने वालों का नरसंहार करने में लगी है। कहा कि सभी को अपने हक के लिए लड़ने का अधिकार है, लेकिन आरक्षण के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकी गईं। उन्होंने कहा कि सरकार बहुत कुछ कर सकती थी और कर सकती है। इसलिए प्रदेश में दंगा करने और कराने वाले यह ना समझें कि सरकार डरकर काम करती है।