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ऑनलाइन स्टडी - विद्यार्थी बोले- नेटवर्क लॉक और बिजली के ब्रेक डाउन से मिस हो रही क्लास

Tue, 30 Jun 2020 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 12:30 AM IST
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Online study - Students said - Missing class due to network lock and electrical break down
कोरोना के संक्रमण ने विद्यार्थियों व शिक्षकों की पठन-पाठन संबंधी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्कूल बंद होने के बाद ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प जरूरतमंद व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को रास नहीं आ रहा है। ज्यादातर विद्यार्थियों के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं हैं। विद्यार्थी ही नहीं, शिक्षक भी संसाधनों की कमी और विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई जारी है। इस दौरान विद्यार्थियों का कहना है कि टीवी पर पाठ्यक्रम कार्यक्रम आते हैं लेकिन नेटवर्क में दिक्कत और बिजली के कटों से क्लास मिस हो रही है।
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कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद हैं। घर से ही पढ़ाई हो रही है। मोबाइल पर तीन से चार दिन में काम आता है। वीडियो के बजाय नोट्स आते हैं। टीवी पर भी पाठ्यक्रम कार्यक्रम आते हैं। बिजली कटों के कारण ये कार्यक्रम मिस हो जाते हैं।
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- कॉफी, छात्रा, चौथी कक्षा।
महामारी के दौर में घर पर रह कर पढ़ाई हो रही है। स्कूल से ऑनलाइन काम मिलता है। मम्मी के फोन से पढ़ाई होती है। फोन पर ही काम शिक्षक को भेजता हूं। नेटवर्क की दिक्कत रहती है। इस कारण अक्सर क्लास मिस हो जाती है।
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- भविष्य, छात्र, पांचवीं कक्षा।
महामारी के कारण लॉकडाउन में स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घर रह कर ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। मोबाइल पर काम मिलता है। इसे पूरा कर मोबाइल से ही शिक्षक को भेज देते हैं। स्कूल की तरह ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पाती है। स्कूल खुले तो बेहतर है।
- छात्रा, आठवीं कक्षा।
सरकारी स्कूूलों में ऑनलाइन पढ़ाई जारी है। इसमें परेशानियां ज्यादा हैं, मगर परिणाम सकारात्मक हैं। स्कूलों में 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास स्मार्ट मोबाइल ही नहीं हैं। कुछ अभिभावक काम पर जाते समय मोबाइल साथ ले जो हैं। शेष विद्यार्थी बेहतर ढंग से पढ़ाई कर रहे हैं। होमवर्क करने के अलावा टेस्ट भी दे रहे हैं।
- बलजीत सहारण, प्रधान, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन।
सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शिक्षकों के प्रयास से ही चल पा रही है। शिक्षक अपना मोबाइल, नेट व अन्य संसाधनों का प्रयोग कर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सरकारी स्तर पर कोई प्रयास नहीं हुए हैं। ज्यादातर विद्यार्थियों के पास स्मार्ट मोबाइल ही नहीं हैं। इनके स्वास्थ्य को देखते हुए ई-लर्निंग को एजूसेट से जोड़ने की जरूरत है।

- दिलबाग सिंह अहलावत, वरिष्ठ उपप्रधान, हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ।
महामारी के कारण ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प सामने आया है। इसे लेकर शिक्षक अपनी ओर से प्रयास कर रहे हैं। बगैर मोबाइल विद्यार्थी पढ़ाई नहीं कर पा रही है। ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले भी अब ऊबने लगे हैं। मोबाइल पर लगातार पढ़ाई से उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगा है। उनके मासिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है।
- रामराज कादयान, प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
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