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बारिश हुई तो जमीन से फिर निकला एक कंकाल, शिनाख्त में निकले चालक और परिचालक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 19 Jul 2015 02:26 AM IST
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इन दिनों हिसार रोड के पास जमीनें शव उगल रहीं हैं।
शनिवार को हुई बारिश ने पांच महीने पहले जमीन पर दबे उस राज को खोल दिया जिसकी पुलिस को भनक तक न लग सकी।
हिसार रोड के पास बहुअकबरपुर के बाहरी हिस्से में बारिश से मिट्टी बहने पर लोगों को एक बोरा नजर आया। इसके फटे हिस्से से हड्डियां नजर आ रहीं थी।
पांच दिन पहले भी इसी जगह पर कंकाल मिलने से ग्रामीण घबरा गए। दूसरे कंकाल की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद एसपी, डीएसपी यशपाल खटाना और फ ोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया मौके पर पहुंचे।
उन्होंने एक ग्रामीण को रुपये देकर जमीन खुदवाई और कंकाल को बाहर निकलवाया।
पुलिस ने आनन फानन में पहले कंकाल से मिले मोबाइल की कॉल ट्रेस की और एक के बाद एक कई राज सामने आ गए। पुलिस ने बताया कि पांच दिन पहले और शनिवार को बरामद हुआ कंकाल यूपी के फर्रुखाबाद के गांव नंगलाई हीरा सिंह निवासी संजय और शैलेंद्र के हैं। दोनों पेशे से चालक और परिचालक है। अब पुलिस दूसरे कंकाल का पोस्टमार्टम करा रही है।
पांच महीने पहले चले थे दिल्ली से
संजय और शैलेन्द्र दिल्ली स्थित जेपी ट्रांसपोर्ट कंपनी में चालक और परिचालक थे। सदर थाना प्रभारी ने बताया कि करीब पांच महीने पहले दोनों ट्रक को लेकर हिसार के लिए रवाना हुए थे। मगर पंद्रह दिन तक भी न तो ट्रक हिसार पहुंचा और न संजय और शैलेंद्र घर पहुंचे। इसके बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालक ने दिल्ली में पुलिस को मामले की शिकायत दी थी। इस पर दिल्ली पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था।
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केमिकल से भरा था ट्रक
जिस ट्रक को दोनों हिसार लेकर जा रहे थे उसमें केमिकल भरा हुआ था। पुलिस का कहना है कि अभी तक केमिकल के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है कि किस जगह प्रयोग करने वाला केमिकल था। पुलिस का मानना है कि लूट के इरादे से दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को बोरे में बंद करके जमीन में अंदर छिपा दिया।
ऐसे जुड़ी के स की कड़ियां
पुलिस को कंकाल की पहचान जुटाने में करीब पांच दिन लग गए। सबसे पहले पुलिस ने पहले मिले कंकाल को लैब में भेज दिया। मगर यहां से इतनी जल्दी रिपोर्ट नहीं आने के कारण पुलिस ने मोबाइल को भी लैब में भेज दिया। क्योंकि मोबाइल के कुछ पुर्जे खराब थे। इस कारण साइबर सेल को कॉल डिटेल निकालने में समय लग गया। मोबाइल से कॉल डिटेल निकालने के बाद सबसे पहले पुलिस का संपर्क दिल्ली स्थित जेपी ट्रांसपोर्ट कंपनी में हुआ। यहां से पुलिस ने दोनों के बारे में जानकारी लेकर उनके परिजनों तक सारी सूचना पहुंचाई।
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शनिवार को हुई बारिश ने पांच महीने पहले जमीन पर दबे उस राज को खोल दिया जिसकी पुलिस को भनक तक न लग सकी।
हिसार रोड के पास बहुअकबरपुर के बाहरी हिस्से में बारिश से मिट्टी बहने पर लोगों को एक बोरा नजर आया। इसके फटे हिस्से से हड्डियां नजर आ रहीं थी।
पांच दिन पहले भी इसी जगह पर कंकाल मिलने से ग्रामीण घबरा गए। दूसरे कंकाल की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद एसपी, डीएसपी यशपाल खटाना और फ ोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया मौके पर पहुंचे।
उन्होंने एक ग्रामीण को रुपये देकर जमीन खुदवाई और कंकाल को बाहर निकलवाया।
पुलिस ने आनन फानन में पहले कंकाल से मिले मोबाइल की कॉल ट्रेस की और एक के बाद एक कई राज सामने आ गए। पुलिस ने बताया कि पांच दिन पहले और शनिवार को बरामद हुआ कंकाल यूपी के फर्रुखाबाद के गांव नंगलाई हीरा सिंह निवासी संजय और शैलेंद्र के हैं। दोनों पेशे से चालक और परिचालक है। अब पुलिस दूसरे कंकाल का पोस्टमार्टम करा रही है।
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पांच महीने पहले चले थे दिल्ली से
संजय और शैलेन्द्र दिल्ली स्थित जेपी ट्रांसपोर्ट कंपनी में चालक और परिचालक थे। सदर थाना प्रभारी ने बताया कि करीब पांच महीने पहले दोनों ट्रक को लेकर हिसार के लिए रवाना हुए थे। मगर पंद्रह दिन तक भी न तो ट्रक हिसार पहुंचा और न संजय और शैलेंद्र घर पहुंचे। इसके बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालक ने दिल्ली में पुलिस को मामले की शिकायत दी थी। इस पर दिल्ली पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था।
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केमिकल से भरा था ट्रक
जिस ट्रक को दोनों हिसार लेकर जा रहे थे उसमें केमिकल भरा हुआ था। पुलिस का कहना है कि अभी तक केमिकल के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है कि किस जगह प्रयोग करने वाला केमिकल था। पुलिस का मानना है कि लूट के इरादे से दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को बोरे में बंद करके जमीन में अंदर छिपा दिया।
ऐसे जुड़ी के स की कड़ियां
पुलिस को कंकाल की पहचान जुटाने में करीब पांच दिन लग गए। सबसे पहले पुलिस ने पहले मिले कंकाल को लैब में भेज दिया। मगर यहां से इतनी जल्दी रिपोर्ट नहीं आने के कारण पुलिस ने मोबाइल को भी लैब में भेज दिया। क्योंकि मोबाइल के कुछ पुर्जे खराब थे। इस कारण साइबर सेल को कॉल डिटेल निकालने में समय लग गया। मोबाइल से कॉल डिटेल निकालने के बाद सबसे पहले पुलिस का संपर्क दिल्ली स्थित जेपी ट्रांसपोर्ट कंपनी में हुआ। यहां से पुलिस ने दोनों के बारे में जानकारी लेकर उनके परिजनों तक सारी सूचना पहुंचाई।