{"_id":"689104e0252f7667860e98a9","slug":"on-gurujis-emotional-appeal-the-alumni-united-and-made-the-closing-school-smart-rohtak-news-c-198-1-rew1001-223642-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: गुरुजी की भावुक अपील पर एकजुट हुए पूर्व छात्र और बंद होते स्कूल को बना दिया स्मार्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: गुरुजी की भावुक अपील पर एकजुट हुए पूर्व छात्र और बंद होते स्कूल को बना दिया स्मार्ट
Tue, 05 Aug 2025 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:37 AM IST
विज्ञापन
फोटो : 4राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवाली का दृश्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली (रेवाड़ी)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवाली की पहचान आदर्श विद्यालय के रूप में होती है लेकिन ढाई साल पहले संसाधनों के अभाव में स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गया था। प्रधानाचार्य ने स्कूल के पूर्व छात्रों से मदद की भावुक अपील की और देखते ही देखते स्कूल का कायापलट हो गया। महज ढाई साल में 116 से बढ़कर छात्रों की संख्या 318 पहुंच गई है। स्कूल की अपनी लैब है, खेल मैदान है और किचन गार्डन है। भव्यता में आज यह स्कूल निजी स्कूलों को भी मात देता है।
प्रधानाचार्य अनिल यादव बताते हैं जब वह विद्यालय में आए तो यहां कुछ भी नहीं था। उन्होंने यूट्यूब पर विद्यालय के एक पूर्व छात्र का वीडियो देखा। उन्हें पता चला कि पूर्व विद्यार्थी नरेश यादव रेलवे में क्लास वन के अधिकारी हैं। इसके बाद उन्होंने स्कूल के टॉपर्स की सूची निकाली और 15 अगस्त 2023 को पूर्व छात्र मिलन समारोह आयोजित किया।
प्रधानाचार्य ने पूर्व छात्रों को स्कूल की दशा के बारे में बताया। कहा कि अगर मदद नहीं की गई तो यह स्कूल बंद हो जाएगा। पूर्व छात्रों ने भावनात्मक रूप से किए आग्रह को स्वीकार करते हुए 11 लाख रुपये भेंट किए। इस पैसे से स्कूल में कंप्यूटर लैब, फिजिक्स लैब, लाइब्रेरी, पंखे, वाईफाई की व्यवस्था की गई। सफाई, मैदान को समतल कराने, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था के साथ जनरेटर की मरम्मत की गई। विद्यालय के कमरों की मरम्मत की गई। अभी तक स्कूल को 30 लाख से अधिक का दान मिल चुका है। इससे विद्यालय में सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
विज्ञापन
100 फीसदी स्कूल का रिजल्ट, मिलती हैं कई सुविधाएं
शुरू में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रधानाचार्य ने अपने पैसे से बच्चों के लिए परिवहन की व्यवस्था की। 2024 में सरकार की तरफ से परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाते ही विद्यालय के दिन बहुरने शुरू हो गए। अब बच्चों को फ्री ड्रेस दी जाती है। जरूरतमंद बच्चों की फीस माफ की जाती है। स्कूल का परीक्षा परिणाम भी 100 फीसदी रहता है। यहां के बच्चे मेरिट में स्थान बनाते हैं। यहां के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेल चुके हैं।
अहिरवार के पहले आईएएस खोला भी यहीं से पढ़ चुके
अहिरवार के पहले आईएएस एचएस खोला इसी स्कूल से पढ़े हैं। इस इलाके के पहले आईआईटियन सतपाल भी इसी स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं। कई विद्याथी तो सेना में उच्च पदों पर आसीन हैं। पहले यह विद्यालय अहीरवाल की तक्षशिला के नाम से मशहूर था। इस स्कूल को 1944 में शुरू किया गया था।
वर्जन -
-विद्यालय में वर्तमान में 318 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां 25 शिक्षक हैं। कुल 15 कमरे हैं। 9 शौचालय हैं। विद्यालय में सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
-अनिल यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवाली।
स्कूल का रिपोर्ट कार्ड
विद्यार्थियों की संख्या -318
शिक्षकों के स्वीकृत पद- 28
कार्यरत शिक्षक -25
पढ़ने के लिए कमरे- 15
शौचालय -9
विज्ञापन
कोसली (रेवाड़ी)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवाली की पहचान आदर्श विद्यालय के रूप में होती है लेकिन ढाई साल पहले संसाधनों के अभाव में स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गया था। प्रधानाचार्य ने स्कूल के पूर्व छात्रों से मदद की भावुक अपील की और देखते ही देखते स्कूल का कायापलट हो गया। महज ढाई साल में 116 से बढ़कर छात्रों की संख्या 318 पहुंच गई है। स्कूल की अपनी लैब है, खेल मैदान है और किचन गार्डन है। भव्यता में आज यह स्कूल निजी स्कूलों को भी मात देता है।
प्रधानाचार्य अनिल यादव बताते हैं जब वह विद्यालय में आए तो यहां कुछ भी नहीं था। उन्होंने यूट्यूब पर विद्यालय के एक पूर्व छात्र का वीडियो देखा। उन्हें पता चला कि पूर्व विद्यार्थी नरेश यादव रेलवे में क्लास वन के अधिकारी हैं। इसके बाद उन्होंने स्कूल के टॉपर्स की सूची निकाली और 15 अगस्त 2023 को पूर्व छात्र मिलन समारोह आयोजित किया।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य ने पूर्व छात्रों को स्कूल की दशा के बारे में बताया। कहा कि अगर मदद नहीं की गई तो यह स्कूल बंद हो जाएगा। पूर्व छात्रों ने भावनात्मक रूप से किए आग्रह को स्वीकार करते हुए 11 लाख रुपये भेंट किए। इस पैसे से स्कूल में कंप्यूटर लैब, फिजिक्स लैब, लाइब्रेरी, पंखे, वाईफाई की व्यवस्था की गई। सफाई, मैदान को समतल कराने, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था के साथ जनरेटर की मरम्मत की गई। विद्यालय के कमरों की मरम्मत की गई। अभी तक स्कूल को 30 लाख से अधिक का दान मिल चुका है। इससे विद्यालय में सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
विज्ञापन
100 फीसदी स्कूल का रिजल्ट, मिलती हैं कई सुविधाएं
शुरू में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रधानाचार्य ने अपने पैसे से बच्चों के लिए परिवहन की व्यवस्था की। 2024 में सरकार की तरफ से परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाते ही विद्यालय के दिन बहुरने शुरू हो गए। अब बच्चों को फ्री ड्रेस दी जाती है। जरूरतमंद बच्चों की फीस माफ की जाती है। स्कूल का परीक्षा परिणाम भी 100 फीसदी रहता है। यहां के बच्चे मेरिट में स्थान बनाते हैं। यहां के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेल चुके हैं।
अहिरवार के पहले आईएएस खोला भी यहीं से पढ़ चुके
अहिरवार के पहले आईएएस एचएस खोला इसी स्कूल से पढ़े हैं। इस इलाके के पहले आईआईटियन सतपाल भी इसी स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं। कई विद्याथी तो सेना में उच्च पदों पर आसीन हैं। पहले यह विद्यालय अहीरवाल की तक्षशिला के नाम से मशहूर था। इस स्कूल को 1944 में शुरू किया गया था।
वर्जन -
-विद्यालय में वर्तमान में 318 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां 25 शिक्षक हैं। कुल 15 कमरे हैं। 9 शौचालय हैं। विद्यालय में सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
-अनिल यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवाली।
स्कूल का रिपोर्ट कार्ड
विद्यार्थियों की संख्या -318
शिक्षकों के स्वीकृत पद- 28
कार्यरत शिक्षक -25
पढ़ने के लिए कमरे- 15
शौचालय -9