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Rohtak News: अक्षय तृतीया 10 को, बाजार से रौनक गायब
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रेलवे रोड बाजार में दुकान से कपड़ा खरीदते लोग। संवाद
रोहतक। अक्षय तृतीया 10 मई को है, किंतु बाजार से रौनक गायब है। ज्योतिषियों की माने तो इस बार गुरु और शुक्र ग्रह अस्त होने कारण विवाह आदि शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। शायद, यही कारण हो सकता है कि जो ग्राहकों को दुकानों पर जाने से रोक रहा है। रेलवे रोड, किला रोड, कपड़ा मार्केट में दुकानों पर खरीदार नहीं पहुंच रहे हें जबकि अक्षय तृतीया आने से एक माह पहले ही खरीदारी शुरू हो जाती है।
जुलाई से पहले बाजारों में रौनक लौटने की उम्मीद कम
जुलाई में विवाह आदि के शुभ मुहूर्त शुरू होने के बाद ही अब दुकानदारी पटरी पर लौटने की उम्मीद नजर आ रही है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार लगन कम है और लोकसभा के आम चुनाव के साथ गर्मी के चलते भी लोग बाजार में कम दिखाई दे रहे हैं। जुलाई से पहले तो फिलहाल बाजारों में रौनक की उम्मीद नजर आती नहीं दिख रही है। इक्का-दुक्का ही खरीदार पहुंच रहे हैं।
अप्रैल माह में काम-धंधा मंदा रहा है। अगर बिक्री का औसत लगाएं तो पिछले दो साल में इस वर्ष करीब 30 से 40 प्रतिशत खरीदारी कम हुई है।
-संदीप जैन, कपड़ा व्यापारी
बॉक्स
कटाई के बाद खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन अभी तक यह देखने को नहीं मिला है। अप्रैल माह पूरा बीत गया लेकिन व्यापार फीका ही रहा। ऐसे ही अक्षय तृतीया पर भी अभी तक बिक्री न के बराबर ही रही है। पूरा बाजार ठंडा है।
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-अंशू तायल, कपड़ा व्यापारी
-- बाक्स
संतोष बड़ी चीज है। व्यापार में कभी ज्यादा तो कभी कम और कभी मध्यम काम रहता है। यह कोई नई चीज नहीं हो रही है। ना ही लोकसभा चुनाव का कारण मैं व्यापार की मंदी का वजह मानता हूं। अभी जैसा भी कारोबार चल रहा है वह ठीक है।
-अरुण गुप्ता, कपड़ा व्यापारी
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जुलाई से पहले बाजारों में रौनक लौटने की उम्मीद कम
जुलाई में विवाह आदि के शुभ मुहूर्त शुरू होने के बाद ही अब दुकानदारी पटरी पर लौटने की उम्मीद नजर आ रही है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार लगन कम है और लोकसभा के आम चुनाव के साथ गर्मी के चलते भी लोग बाजार में कम दिखाई दे रहे हैं। जुलाई से पहले तो फिलहाल बाजारों में रौनक की उम्मीद नजर आती नहीं दिख रही है। इक्का-दुक्का ही खरीदार पहुंच रहे हैं।
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अप्रैल माह में काम-धंधा मंदा रहा है। अगर बिक्री का औसत लगाएं तो पिछले दो साल में इस वर्ष करीब 30 से 40 प्रतिशत खरीदारी कम हुई है।
-संदीप जैन, कपड़ा व्यापारी
बॉक्स
कटाई के बाद खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन अभी तक यह देखने को नहीं मिला है। अप्रैल माह पूरा बीत गया लेकिन व्यापार फीका ही रहा। ऐसे ही अक्षय तृतीया पर भी अभी तक बिक्री न के बराबर ही रही है। पूरा बाजार ठंडा है।
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-अंशू तायल, कपड़ा व्यापारी
संतोष बड़ी चीज है। व्यापार में कभी ज्यादा तो कभी कम और कभी मध्यम काम रहता है। यह कोई नई चीज नहीं हो रही है। ना ही लोकसभा चुनाव का कारण मैं व्यापार की मंदी का वजह मानता हूं। अभी जैसा भी कारोबार चल रहा है वह ठीक है।
-अरुण गुप्ता, कपड़ा व्यापारी