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एमडीयू में जल्द शुरू हो ऑफलाइन पढ़ाई

Wed, 30 Jun 2021 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 01:06 AM IST
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Offline studies should start soon in MDU
छात्र एकता मंच ने एमडीयू समेत सभी शिक्षण संस्थानों को पूर्ण रूप से खोलने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। एमडीयू के गेट नंबर दो पर रोष प्रदर्शन के बाद विद्यार्थी जुलूस के रूप में कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां कुलसचिव से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा। इस दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ऑफलाइन पढ़ाई शीघ्र शुरू करने की अपील की।
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मंच की राज्य सचिव मनीषा व जिला सचिव नरेश कुमार ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के कारण विद्यार्थियों की बड़ी संख्या पठन पाठन से वंचित होती जा रही है। एमडीयू में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। यहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या रहती है। इस कारण संचार या अध्ययन कार्य सुचारु नहीं है। सभी छात्राओं के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। इस कारण वे ऑनलाइन शिक्षा से वंचित हैं।
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कार्यकर्ता नवनीत ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने हक की लड़ाई लड़ते हुए किसान आंदोलन में भी अपनी भागीदारी देनी चाहिए। यह भागीदारी हम तभी दे सकते हैं, जब हम कॉलेज, यूनिवर्सिटी को खोलने के लिए संघर्ष तेज करें। हमें इकट्ठा होकर सरकार की लाई गई जन विरोधी नीतियों का विरोध करने की जरूरत है। जब तक सभी वर्ग इकट्ठा होकर संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक जन विरोधी नीतियों को वापस नहीं करा पाएंगे। सदस्य अमनप्रीत ने कहा कि करोना महामारी के दौरान जिम, मार्केट, मॉल सब खुला है। सरकार ने कॉलेज, यूनिवर्सिटी को बंद कर रखा है। महामारी का समाधान कॉलेज, यूनिवर्सिटी को बंद करने से नहीं होगा, बल्कि सभी जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने से होगा।
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सामाजिक कार्यकर्ता हरवीर सिंह राठी ने कहा कि देश की सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तबाह कर दिया है। सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण शिक्षा आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है। विवि के गेट पर छात्र सभा के समापन के बाद विद्यार्थी कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों व कुलसचिव के बीच लंबी बहस भी हुई। बाद में कुलसचिव ने ज्ञापन लिया व सरकार को भेज कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर अजय, विशाल, तरुण बागी समेत अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
विद्यार्थियों ने एमडीयू के परीक्षा परिणाम पर उठाए सवाल
रोहतक। एमडीयू की ओर से मार्च में कराई परीक्षाओं के परिणाम गलत तरीके से जारी करने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम पर सवाल उठाए हैं। शहीद भगत सिंह संगठन व छात्र दीपक धनखड़ के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने विवि के शिक्षा सदन में प्रदर्शन कर विरोध जताया। यहां परीक्षा परिणाम में आई समस्याओं के समाधान, अगस्त में होने वाली परीक्षा का विकल्प चुनने का अवसर व मर्सी चांस देने की मांग गई।
मंगलवार को छात्र दीपक धनखड़ व शहीद भगत सिंह संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा ने परीक्षाओं के परिणाम में आई समस्याओं के समाधान किया जाए। जुलाई-अगस्त में होने वाली परीक्षाओं में विकल्प चुनने का अवसर देने के साथ मर्सी चांस के आवेदन निकले जाएं। विवि प्रशासन ने मार्च व अप्रैल में ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं संपन्न कराई। इनका परीक्षा परिणाम जून में जारी किया गया है। इस परीक्षा परिणाम से हजारों विद्यार्थी असंतुष्ट हैं। अपना पूरा पेपर सही ढंग से करने वाले विद्यार्थियों को भी कम अंक दिए गए हैं। पिछले हर सेमेस्टर में टॉप करने विद्यार्थियों को भी री (कंपार्टमेंट) दी गई है। कुछ विद्यार्थी तो ऐसे हैं जिनकी पूरी कक्षा को री कर दिया गया है।
विवि एक कमेटी बना कर इस पूरे विषय की गंभीरता से जांच करे। स्टाफ के सदस्यों की गलती की वजह से विद्यार्थियों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन पर ठोस कार्रवाई की जाए। परीक्षा परिणाम में हजारों विद्यार्थियों को री-अपीयर, रिजल्ट लेट दिखाया गया है। अब वे आवेदन भी ऑफलाइन मोड से ही जमा करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें एमडीयू आना पड़ रहा है। इससे कैंपस में विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ रही है। कोरोना काल में यह कदम संक्रमण फैलाने वाला साबित हो सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन भरने का विकल्प दिया जाए

नेकीराम कॉलेज के पूर्व प्रधान कृष्ण दलाल ने कहा कि जून में एमडीयू प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षा कराई। यह अच्छे तरीके से संपन्न हुई। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। विवि जुलाई-अगस्त में प्रस्तावित परीक्षाओं में भी विद्यार्थियों को परीक्षाओं के लिए दोनों विकल्प (ऑनलाइन, ऑफलाइन) दिए जाएं। अमित दलाल ने कहा कि पिछले दो साल से मर्सी चांस के फॉर्म नहीं निकाले गए हैं। हरियाणा के सभी विश्वविद्यालय ये आवेदन निकाल चुके हैं। एमडीयू के हजारों विद्यार्थियों की डिग्री रुकी हुई है। इस समस्या के बारे में एमडीयू प्रशासन को भी अवगत कराया है। इसके बावजूद अभी तक मर्सी चांस के फार्म नहीं निकले गए हैं। विवि प्रशासन जुलाई-अगस्त में होने वाली परीक्षाओं के साथ मर्सी चांस की भी परीक्षा कराए। इससे विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद होने से बच जाएगा।
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