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प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं पीजीआई को एसआर का भी इंतजार

Mon, 18 Oct 2021 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 12:33 AM IST
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Not only administrative officer, PGI is also waiting for SR
प्रदेश के सबसे बडे़ चिकित्सा संस्थान को कुलपति, निदेशक, एमएस जैसे नियमित प्रशासनिक अधिकारियों का ही नहीं अब सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों (एसआर) का भी इंतजार है। सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर बाहर से लाना तो दूर संस्थान अपने यहां एमडी कर चुके डॉक्टरों को भी नहीं रोक पा रहा है। सवाल उठ रहा है कि कोरोना की तीसरी सशंकित लहर से पीजीआईएमएस कैसे निपटेगा। 18 व 19 अक्तूबर को करनाल में होने वाली काउंसिलिंग में यदि डॉक्टरों को इच्छित स्टेशन नहीं मिला तो इस साल समस्या होना तय है।
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सरकार की डॉक्टरों को कॉमन पुल में लाने की योजना के बाद अब नई भर्ती के लिए सामूहिक साक्षात्कार योजना और स्टेशन अलॉट करने की योजना पीजीआईएमएस रोहतक को भारी पड़ने लगी है। हाल ही में प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों केे लिए 800 के करीब सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती होनी है। इसमें से 200 के करीब पीजीआईएमएस रोहतक को मिलने हैं। इन पद को भरने के लिए सितंबर में एक सप्ताह प्रक्रिया चली थी। संस्थान ने आवेदन करने वालों का साक्षात्कार लिया और छंटनी की उसके बाद अंतिम चयन के लिए लिस्ट सरकार के पास भेज दी। अब अधिकांश डॉक्टर इच्छित जगह न मिलने के डर से दिल्ली व बाहर ज्वाइन कर रहे हैं। एमडी कर चुके डॉक्टरों ने बताया कि पीजीआईएमएस में एसआर को एक लाख के करीब वेतन मिलता है, जबकि बाहर पौने दो से दो लाख रुपये तक मिल जाते हैं। ऐसे में कोई यहां क्यों रुकना चाहेगा। कोरोना की दूसरी लहर में भी रेजिडेंट डॉक्टरों को कांट्रेक्ट बढ़ाकर रोका गया था। गौरतलब है कि एसआर के साक्षात्कार में संस्थान ने करीब 10 डॉक्टरों की टीम तैयार की थी और इसमें विभिन्न कॉलेजों के प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। इसके बावजूद अभी तक डॉक्टरों की भर्ती नहीं की जा रही है। पहले संस्थान साक्षात्कार लेता था और स्वयं भी ज्वाइन करा देता था। इस तरह संस्थान में डॉक्टरों की कमी नहीं रहती थी।
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अहम कड़ी हैं सीनियर रेजिडेंट
संस्थान में सीनियर रेजिडेंट वार्ड, ओपीडी, ओटी में हर जगह एक एक्सपर्ट की तरह काम करते हैं। पीजीआईएमएस में काम की अधिकांश जिम्मेदारी इन्हीं पर होती है। ऐसे में इनकी कमी संस्थान के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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निदेशक भी सेवानिवृत्त, कुलपति, एमएस पहले से संस्थान में नहीं
संस्थान के निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव रविवार को सेवानिवृत्त हो गए। सोमवार को सरकार के निर्देशों पर संस्थान में नए निदेशक पर मुहर लगेगी। हालांकि निदेशक पद के लिए आवेदन सरकार के पास जा चुके हैं। वहीं कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना ने अभी ज्वाइन नहीं किया है व एमएस डॉ. पुष्पा दहिया देश से बाहर हैं।

इस बार एसआर के लिए करनाल में काउंसिलिंग होगी। वहीं डॉक्टरों को स्टेशन दिया जाएगा। पहले यह कॉलेज अपने स्तर पर करते थे। इच्छुक उम्मीदवार अपनी इच्छा से आवेदन करता था।
- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस
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