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कोरोना का नया केस नहीं, डेंगू के 9 मरीज मिले
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कोरोना का खतरा कम होने लगा है। पिछले कुछ दिनों से नया संक्रमित केस सामने नहीं आया है। मंगलवार को सक्रिय मरीजों की संख्या भी महज एक रह गई। वहीं, डेंगू का डंक लगातार तेज हो रहा है। जिले में मंगलवार को 9 नए केस मिले हैं। इसके अलावा 25 जगहों पर मच्छर का लार्वा मिला है। इन लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। अस्पतालों में डेंगू, वायरल, बुखार व निमोनिया के केस लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के उपचार के लिए जरूरी दवा, बेड व अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया है। मरीजों के लिए प्लेटलेट्स पीजीआई से मंगवाई जा रही हैं।
सिविल अस्पताल की ओपीडी में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। बदलते मौसम में डेंगू, वायरल, बुखार व निमोनिया के केस आने से यह संख्या बढ़ रही है। शिशु रोग विभाग ही रोजाना 200 से ज्यादा बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 100 बुखार, खांसी, वायरल व डेंगू के लक्षण वाले होते हैं। कुछ केस निमोनिया के भी हैं। मेडिसन विभाग में भी लगभग यही स्थिति है। यहां के डेंगू वार्ड में मंगलवार को तीन मरीज उपचाराधीन रहे। इन मरीजों के लिए अस्पताल में दवा, जांच, उपकरण व अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
पीजीआई के डॉक्टर हॉस्टल में डेंगू मरीज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में मंगलवार को डेंगू के 9 नए केस दर्ज किए गए हैं। इसमें बालकनाथ कॉलोनी, पाड़ा मोहल्ला, सुभाष नगर, प्रेम नगर, पीजीआई के डॉक्टर हॉस्टल, दरियाव नगर, बाबरा मोहल्ला, सुनारिया कला, बालंद का एक-एक शामिल है। इन केसों पर एक्टिविटी व फॉगिंग की हिदायत दे दी गई है। इधर, स्पेशल माइक्रो प्लान के तहत चलाई गई एंटी लार्वा एक्टिविटी में 25 घरों में लार्वा मिला है। इसमें किला मोहल्ला, बालकनाथ कॉलोनी, संजय कॉलोनी, तेज कॉलोनी, सैनीपुरा, कमल कॉलोनी, गांधी कैंप, मॉडल टाउन, टेक नगर, न्यू विजय नगर व सेक्टर 14 का इलाका शामिल है।
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ओपीडी में बीमार बच्चे लगातार आ रहे हैं। खांसी, जुकाम के अलावा बुखार, डेंगू, वायरल के मरीज काफी हैं। इनके लक्षण भी लगभग एक समान हैं। इसलिए मरीज की जांच के बाद उसका इलाज किया जा रहा है।
- डॉ. गुलशन चिटकारा, शिशु रोग, सिविल अस्पताल
बच्चों की शिकायतें अनेक हैं। किसी को भूख नहीं लग रही, किसी को उल्टी लगी है। कोई बुखार से गर्म है तो कोई खांसी से बेहाल। रोजाना वायरल के करीब 100 मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा निमोनिया और बुखार के मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। बुखार में भी प्लेटलेट्स गिरते हैं। इससे डरने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. जसबीर परमार, अध्यक्ष, एचसीएमएस
अस्पताल में मरीजों के लिए डेंगू की जांच किट के अलावा सिरोलॉजी किट भी उपलब्ध है। वार्ड में मरीजों के लिए पर्याप्त जगह है। ब्लड बैंक में मरीजों के लिए ब्लड भी है। प्लेटलेट्स की जरूरत पीजीआई से पूरी हो जाती है।
- डॉ. रमेशचंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल
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सिविल अस्पताल की ओपीडी में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। बदलते मौसम में डेंगू, वायरल, बुखार व निमोनिया के केस आने से यह संख्या बढ़ रही है। शिशु रोग विभाग ही रोजाना 200 से ज्यादा बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 100 बुखार, खांसी, वायरल व डेंगू के लक्षण वाले होते हैं। कुछ केस निमोनिया के भी हैं। मेडिसन विभाग में भी लगभग यही स्थिति है। यहां के डेंगू वार्ड में मंगलवार को तीन मरीज उपचाराधीन रहे। इन मरीजों के लिए अस्पताल में दवा, जांच, उपकरण व अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
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पीजीआई के डॉक्टर हॉस्टल में डेंगू मरीज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में मंगलवार को डेंगू के 9 नए केस दर्ज किए गए हैं। इसमें बालकनाथ कॉलोनी, पाड़ा मोहल्ला, सुभाष नगर, प्रेम नगर, पीजीआई के डॉक्टर हॉस्टल, दरियाव नगर, बाबरा मोहल्ला, सुनारिया कला, बालंद का एक-एक शामिल है। इन केसों पर एक्टिविटी व फॉगिंग की हिदायत दे दी गई है। इधर, स्पेशल माइक्रो प्लान के तहत चलाई गई एंटी लार्वा एक्टिविटी में 25 घरों में लार्वा मिला है। इसमें किला मोहल्ला, बालकनाथ कॉलोनी, संजय कॉलोनी, तेज कॉलोनी, सैनीपुरा, कमल कॉलोनी, गांधी कैंप, मॉडल टाउन, टेक नगर, न्यू विजय नगर व सेक्टर 14 का इलाका शामिल है।
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ओपीडी में बीमार बच्चे लगातार आ रहे हैं। खांसी, जुकाम के अलावा बुखार, डेंगू, वायरल के मरीज काफी हैं। इनके लक्षण भी लगभग एक समान हैं। इसलिए मरीज की जांच के बाद उसका इलाज किया जा रहा है।
- डॉ. गुलशन चिटकारा, शिशु रोग, सिविल अस्पताल
बच्चों की शिकायतें अनेक हैं। किसी को भूख नहीं लग रही, किसी को उल्टी लगी है। कोई बुखार से गर्म है तो कोई खांसी से बेहाल। रोजाना वायरल के करीब 100 मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा निमोनिया और बुखार के मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। बुखार में भी प्लेटलेट्स गिरते हैं। इससे डरने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. जसबीर परमार, अध्यक्ष, एचसीएमएस
अस्पताल में मरीजों के लिए डेंगू की जांच किट के अलावा सिरोलॉजी किट भी उपलब्ध है। वार्ड में मरीजों के लिए पर्याप्त जगह है। ब्लड बैंक में मरीजों के लिए ब्लड भी है। प्लेटलेट्स की जरूरत पीजीआई से पूरी हो जाती है।
- डॉ. रमेशचंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल