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निखिल के पिता बोले. जिस सुरक्षा को देखकर करवाया था एडमिशन, वही बना मौत का कारण
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पीजीआई की मौरचरी में छात्र निखिल का पोस्टर्माटम के दौरान जमा परिवार के सदस्य।--अमर उजाला
सुनारिया रोड स्थित मानव रचना ग्लोबल स्कूल में बुधवार को फुटबाल के गोल पोस्ट के नीचे दबने से छात्र की मौत के मामले में मां कविता के बयान पर पुलिस ने स्कूल मालिक और प्राचार्य के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है। वहीं, वीरवार को आठवीं कक्षा के 13 वर्षीय छात्र निखिल के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजनों ने पैतृक गांव दत्तौड़ में उसका अंतिम संस्कार किया। ओडिशा बीएसएफ में तैनात निखिल के पिता कुलदीप ने कहा कि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को देखकर उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला करवाया था, उन्हें नहीं मालूम था कि स्कूल की ही लापरवाही उसके बेटे की मौत का कारण बन जाएगी। पिता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, निखिल की मौत के बाद से मां और बहन रौनक गुमसुम हैं।
आईएएस बनकर करना चाहता था देश सेवा
उन्होंने बताया कि निखिल के बहुत बडे़े सपने थे। वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहता था। स्कूल में सबसे ज्यादा अंक लाकर हमेशा फर्स्ट व मैरिट सूची में आने की बात कहता रहता था। लेकिन स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण सभी सपने धरे धराए रह गए। यह स्कूल की छोटी नहीं, बल्कि बहुत बड़ी लापरवाही है। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए हजारों रुपयों की फीस देकर स्कूल में एडमिशन करवाते हैं। इसके बाद भी बच्चों की सेफ्टी में लापरवाही बरती जा रही है।
प्रशासन से अपील : सभी स्कूल संचालकों से खामियों को दूर करने के दे निर्देश
निखिल के पिता कुलदीप ने जिला प्रशासन से अपील की है कि समय रहते सभी स्कूल प्रबंधकों से स्कूल की खामियों को दूर करने के निर्देश जारी करे, ताकि किसी और बच्चे पर लापरवाही भारी न पड़े। घर के बाद स्कूल ही ऐसी जगह है जहां बच्चा सबसे ज्यादा समय रहता है। अगर स्कूल में बच्चों के लिए सभी सुरक्षा मानक पूरे नहीं होंगे, बच्चे यहां सुरक्षित नहीं होंगे, तो अभिभावक बच्चों को कहां पढ़ाएंगे। जिला प्रशासन को इस और ध्यान देना चाहिए।
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अब बेटी की सुरक्षा की चिंता सताने लगी
पिता का कहना है कि बेटे के साथ हुए इस हादसे के बाद बेटी की चिंता सताने लगी है। क्योंकि बेटी भी इसी स्कूल में पढ़ती है। अभी बेटी को स्कूल से हटवा नहीं सकता हूं, क्योंकि उसका पूरा साल खराब होगा। लेकिन अगर इस स्कूल में भेजता भी हूं तो वह उस ग्राउंड को देखकर हमेशा विचलित होगी। बेटी को अब स्कूल में छोड़ने से पहले स्कूल प्रशासन से उसकी सुरक्षा संबंधित लिखवा कर लूंगा।
लापरवाही का केस दर्ज होने पर डीईओ बोली-वट कैन आई डू
बुधवार को स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हुई निखिल की मौत के बाद डीईओ परमेश्वरी हुड्डा ने दावा किया था कि स्कूल प्रबंधन की इसमें कोई गलती नहीं है। यह सिर्फ एक हादसा है और बच्चे के साथ अनहोनी थी, जोकि उस पर आ गई। वहीं वीरवार को स्कूल मालिक और प्राचार्य पर लापरवाही का केस दर्ज होने पर डीईओ ने कहा कि मैं मौके पर नहीं गई थी, न ही किसी को भेजा। अगर परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज हो गया है तो वट कैन आई डू।
मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या बयान दूं। वीरवार को स्कूल की छुट्टी कर दी गई। लेकिन अभी वह फुटबाल गोल पोस्ट वहां से नहीं हटाया है, क्योंकि वह अब पुलिस की जांच का हिस्सा है। जब पुलिस कहेगी, तब हटा लिया जाएगा।
- धर्मबीर सिंह, आरोपी प्राचार्य, मानव रचना ग्लोबल स्कूल
निखिल की मां कविता की शिकायत पर स्कूल मालिक व स्कूल प्राचार्य के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर लिया गया है। वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। शुक्रवार को स्कूल में जांच करने के बाद उक्त गोल पोस्ट को वहां से हटाने के बारे में कहा जाएगा। मामले की जांच जारी है। दोनों आरोपियों को पूछताछ में शामिल किया जाएगा।
- दिलबाग सिंह, शिवाजी कालोनी थाना प्रभारी।
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आईएएस बनकर करना चाहता था देश सेवा
उन्होंने बताया कि निखिल के बहुत बडे़े सपने थे। वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहता था। स्कूल में सबसे ज्यादा अंक लाकर हमेशा फर्स्ट व मैरिट सूची में आने की बात कहता रहता था। लेकिन स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण सभी सपने धरे धराए रह गए। यह स्कूल की छोटी नहीं, बल्कि बहुत बड़ी लापरवाही है। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए हजारों रुपयों की फीस देकर स्कूल में एडमिशन करवाते हैं। इसके बाद भी बच्चों की सेफ्टी में लापरवाही बरती जा रही है।
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प्रशासन से अपील : सभी स्कूल संचालकों से खामियों को दूर करने के दे निर्देश
निखिल के पिता कुलदीप ने जिला प्रशासन से अपील की है कि समय रहते सभी स्कूल प्रबंधकों से स्कूल की खामियों को दूर करने के निर्देश जारी करे, ताकि किसी और बच्चे पर लापरवाही भारी न पड़े। घर के बाद स्कूल ही ऐसी जगह है जहां बच्चा सबसे ज्यादा समय रहता है। अगर स्कूल में बच्चों के लिए सभी सुरक्षा मानक पूरे नहीं होंगे, बच्चे यहां सुरक्षित नहीं होंगे, तो अभिभावक बच्चों को कहां पढ़ाएंगे। जिला प्रशासन को इस और ध्यान देना चाहिए।
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अब बेटी की सुरक्षा की चिंता सताने लगी
पिता का कहना है कि बेटे के साथ हुए इस हादसे के बाद बेटी की चिंता सताने लगी है। क्योंकि बेटी भी इसी स्कूल में पढ़ती है। अभी बेटी को स्कूल से हटवा नहीं सकता हूं, क्योंकि उसका पूरा साल खराब होगा। लेकिन अगर इस स्कूल में भेजता भी हूं तो वह उस ग्राउंड को देखकर हमेशा विचलित होगी। बेटी को अब स्कूल में छोड़ने से पहले स्कूल प्रशासन से उसकी सुरक्षा संबंधित लिखवा कर लूंगा।
लापरवाही का केस दर्ज होने पर डीईओ बोली-वट कैन आई डू
बुधवार को स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हुई निखिल की मौत के बाद डीईओ परमेश्वरी हुड्डा ने दावा किया था कि स्कूल प्रबंधन की इसमें कोई गलती नहीं है। यह सिर्फ एक हादसा है और बच्चे के साथ अनहोनी थी, जोकि उस पर आ गई। वहीं वीरवार को स्कूल मालिक और प्राचार्य पर लापरवाही का केस दर्ज होने पर डीईओ ने कहा कि मैं मौके पर नहीं गई थी, न ही किसी को भेजा। अगर परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज हो गया है तो वट कैन आई डू।
मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या बयान दूं। वीरवार को स्कूल की छुट्टी कर दी गई। लेकिन अभी वह फुटबाल गोल पोस्ट वहां से नहीं हटाया है, क्योंकि वह अब पुलिस की जांच का हिस्सा है। जब पुलिस कहेगी, तब हटा लिया जाएगा।
- धर्मबीर सिंह, आरोपी प्राचार्य, मानव रचना ग्लोबल स्कूल
निखिल की मां कविता की शिकायत पर स्कूल मालिक व स्कूल प्राचार्य के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर लिया गया है। वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। शुक्रवार को स्कूल में जांच करने के बाद उक्त गोल पोस्ट को वहां से हटाने के बारे में कहा जाएगा। मामले की जांच जारी है। दोनों आरोपियों को पूछताछ में शामिल किया जाएगा।
- दिलबाग सिंह, शिवाजी कालोनी थाना प्रभारी।