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Rohtak News: लापरवाही... इस साल गलत दिशा में वाहन दौड़ाने वाले सबसे अधिक 4123 लोगों के काटे चालान
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जिले की पुलिस को सड़क हादसों का ग्राफ कम करने के लिए सभी मार्गों का फिर से सर्वे कराना होगा। प्रत्येक मार्ग और मोड़ के अलावा कटों को भी गंभीरता से लेते हुए यहां पर रोड इंजीनियरिंग करनी होगी।
यदि यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और पीडब्ल्यूडी एक साथ मिलकर सर्वे कर इनका कारण बताए और फिर समाधान कराए। इसके बाद ही हादसों में कमी लाई जा सकेगी। हालांकि, पिछले साल की अपेक्षा इस बार हादसों और उनमें मरने वालों की संख्या कम रही है, लेकिन इसे और कम करने के लिए तीनों विभागों के अधिकारियों को आगे आना होगा।
इस साल अक्तूबर तक यातायात पुलिस के आंकड़ों की मानें तो सबसे अधिक गलत दिशा में वाहन दौड़ाते हैं और इनके विभाग की ओर से 4123 के चालान भी काटे गए हैं, जबकि तेज रफ्तार भी कम नहीं है और 445 वाहनों के 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से अधिक तेज दौड़ाने पर चालान किए गए हैं। रोहतक में हो रहे हादसों के पीछे यही कारण है कि वाहन चालक तेज रफ्तार और गलत दिशा से वाहनों को चलाकर हादसों को न्योता दे रहे हैं।
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एक नहीं कई परिवार हो जाते हैं बर्बाद
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोग तो चले जाते हैं, लेकिन उनके पीछे जो परिवार होता है, वह उस व्यक्ति की कमी हमेशा महसूस करता है। कई परिवार तो ऐसे भी हुए हैं कि कमाने वाले व्यक्ति के हादसे में जान जाने के बाद परिवार ही तहस-नहस हो गया। बच्चों की पढ़ाई छूट गई तो किसी की शादी तक नहीं हुई है।
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रोहतक। जिले की पुलिस को सड़क हादसों का ग्राफ कम करने के लिए सभी मार्गों का फिर से सर्वे कराना होगा। प्रत्येक मार्ग और मोड़ के अलावा कटों को भी गंभीरता से लेते हुए यहां पर रोड इंजीनियरिंग करनी होगी।
यदि यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और पीडब्ल्यूडी एक साथ मिलकर सर्वे कर इनका कारण बताए और फिर समाधान कराए। इसके बाद ही हादसों में कमी लाई जा सकेगी। हालांकि, पिछले साल की अपेक्षा इस बार हादसों और उनमें मरने वालों की संख्या कम रही है, लेकिन इसे और कम करने के लिए तीनों विभागों के अधिकारियों को आगे आना होगा।
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इस साल अक्तूबर तक यातायात पुलिस के आंकड़ों की मानें तो सबसे अधिक गलत दिशा में वाहन दौड़ाते हैं और इनके विभाग की ओर से 4123 के चालान भी काटे गए हैं, जबकि तेज रफ्तार भी कम नहीं है और 445 वाहनों के 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से अधिक तेज दौड़ाने पर चालान किए गए हैं। रोहतक में हो रहे हादसों के पीछे यही कारण है कि वाहन चालक तेज रफ्तार और गलत दिशा से वाहनों को चलाकर हादसों को न्योता दे रहे हैं।
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एक नहीं कई परिवार हो जाते हैं बर्बाद
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोग तो चले जाते हैं, लेकिन उनके पीछे जो परिवार होता है, वह उस व्यक्ति की कमी हमेशा महसूस करता है। कई परिवार तो ऐसे भी हुए हैं कि कमाने वाले व्यक्ति के हादसे में जान जाने के बाद परिवार ही तहस-नहस हो गया। बच्चों की पढ़ाई छूट गई तो किसी की शादी तक नहीं हुई है।