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मकड़ौली टोल प्लाजा में ई-टोल सिस्टम के लिए अभी करना होगा इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:59 AM IST
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टोल बूध पर नहीं रोकनी होगी गाड़ी
रोहतक-पानीपत स्थित मकड़ौली टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को अभी ई टोल सिस्टम का इंतजार करना होगा। हालांकि एनएचआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की तरफ से देश भर के बाकी टोल प्लाजा पर सोमवार से ई-टोल सिस्टम शुरू कर दिया गया। टोल प्लाजा के अधिकारियों की मानें तो दो महीने पहले हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों के द्वारा टोल में आगजनी और तोड़फोड़ की वजह से इस सिस्टम को शुरू नहीं किया जा सका। उपकरणों को मंगवाकर दो महीने के अंदर ही इस ई-टोल सिस्टम को शुरू किया जा सकता है।
रोहतक-पानीपत स्थित मकड़ौली टोल प्लाजा को दो माह पूर्व जाट आरक्षण आंदोलन के समय उपद्रवियों ने जला दिया था। उपद्रवियों ने टोल पर लगी सभी मशीनों के साथ-साथ कार्यालय भी फूंक दिए थे। टोल पर सब कुछ खाक होने के कारण लगभग 10 दिनों तक वाहनों से टोल भी नहीं लिया गया था। अब एनएचएआई ने 25 अप्रैल से देश भर के टोल पर ई-टोल सिस्टम शुरू किया गया है, लेकिन मकड़ौली टोल पर अभी यह सिस्टम शुरू नहीं हो सका। टोल प्लाजा के सीजीएम सतानंद चौहान ने बताया कि ई-टोल सिस्टम शुरू करने के लिए अभी सभी तरह की उपकरण नहीं है। कंप्यूटर और वायरिंग आदि का सिस्टम बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले दो माह के अंदर यह सिस्टम शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल वाहनों से पुराने तरीके से ही टोल लिया जा रहा है।
यह है ई-टोल सिस्टम
एनएचएआई की ओर से सभी टोल पर इसके लिए अलग से 2-3 लेन बनाई गई हैं। उन लेन के बूथ में पूरा सिस्टम कंप्यूटराइज्ड होगा, जिन पर अलग-अलग दो लेजर एंटीना लगे होंगे। जब कोई वाहन चालक कार्ड खरीदकर अपनी गाड़ी के शीशे पर लगा लेगा और वह टोल से गुजरेगा तो कार्ड का लेजर सिस्टम एंटीना के सहारे 100 मीटर पहले ही रीड कर लिया जाएगा। इससे टोल का गेट पहले ही खुल जाएगा और उस लेन से गाड़ी सीधी निकल जाएगी। इसके तुरंत बाद ही खाते से रुपये कट जाएंगे। इसके लिए खाते में किसी भी टोल के लिए कम से कम टैक्स के रुपये होने चाहिए।
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रोहतक-पानीपत स्थित मकड़ौली टोल प्लाजा को दो माह पूर्व जाट आरक्षण आंदोलन के समय उपद्रवियों ने जला दिया था। उपद्रवियों ने टोल पर लगी सभी मशीनों के साथ-साथ कार्यालय भी फूंक दिए थे। टोल पर सब कुछ खाक होने के कारण लगभग 10 दिनों तक वाहनों से टोल भी नहीं लिया गया था। अब एनएचएआई ने 25 अप्रैल से देश भर के टोल पर ई-टोल सिस्टम शुरू किया गया है, लेकिन मकड़ौली टोल पर अभी यह सिस्टम शुरू नहीं हो सका। टोल प्लाजा के सीजीएम सतानंद चौहान ने बताया कि ई-टोल सिस्टम शुरू करने के लिए अभी सभी तरह की उपकरण नहीं है। कंप्यूटर और वायरिंग आदि का सिस्टम बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले दो माह के अंदर यह सिस्टम शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल वाहनों से पुराने तरीके से ही टोल लिया जा रहा है।
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यह है ई-टोल सिस्टम
एनएचएआई की ओर से सभी टोल पर इसके लिए अलग से 2-3 लेन बनाई गई हैं। उन लेन के बूथ में पूरा सिस्टम कंप्यूटराइज्ड होगा, जिन पर अलग-अलग दो लेजर एंटीना लगे होंगे। जब कोई वाहन चालक कार्ड खरीदकर अपनी गाड़ी के शीशे पर लगा लेगा और वह टोल से गुजरेगा तो कार्ड का लेजर सिस्टम एंटीना के सहारे 100 मीटर पहले ही रीड कर लिया जाएगा। इससे टोल का गेट पहले ही खुल जाएगा और उस लेन से गाड़ी सीधी निकल जाएगी। इसके तुरंत बाद ही खाते से रुपये कट जाएंगे। इसके लिए खाते में किसी भी टोल के लिए कम से कम टैक्स के रुपये होने चाहिए।
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