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नेताओं के बहुत ठाठ, खूब माल कमाते हैं और जेल भी जाते हैं

Thu, 13 Oct 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 13 Oct 2016 02:02 AM IST
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केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने नेताओं और जाट समाज पर कसा तंज - फोटो : amar ujala
अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह बुधवार को फिर विवाद बचन बोल गए। एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए मंत्री ने न केवल नेताओं को निशाने पर लिया, बल्कि जाट समाज पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजनेताओं के बहुत ठाठ होते हैं। उन्हें कभी-कभार जेल तो जाना पड़ता है, लेकिन माल इतना कमाते हैं कि पूछो मत। हालांकि, मंत्री ने अपने बारे में कहा कि उन्होंने 45 साल की राजनीति में कभी कोई ठगी नहीं की है। मंत्री ने यह भी कहा कि जाट समाज के आदमी दो ही काम करते हैं। वह या तो ताश खेलते हैं या राजनीति करते हैं। इसलिए इस समुदाय के लोगों को राजनीति में अपनी भागीदारी सौ फीसदी करनी चाहिए।
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बुधवार को बाबरा मोहल्ला की जाट धर्मशाला के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने नेताओं पर जमकर निशाना साधा तो जाट समाज को नसीहत भी दी। मंत्री ने खेती को घाटे का सौदा बताया। उन्होंने गांवों से शहरों में बस रहे ग्रामीणों पर सवाल उठाए। मंत्री ने कहा कि शहर में रहने वाले ग्रामीण आज तक शहरों वाली बातें नहीं सीख पाए। शहरवासी तो रातोंरात पैसे कमाते हैं, लेकिन ग्रामीण शहरी ऐसा नहीं कर पाते हैं। सामाजिक दृष्टि से जब तक दुनिया की दौलत में हमारी हिस्सेदारी नहीं होगी, तब तक जाट समाज के लोगों का संपूर्ण विकास नहीं होगा। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मोदी का सपना है कि गांवों में खेती करने वाले लोगों की आमदनी दोगुनी हो। जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो देश की अर्थव्यवस्था स्वयं मजबूत हो जाएगी। इस दौरान धर्मशाला के  निर्माण के लिए मंत्री ने अपने ऐच्छिक कोष से 11 लाख रुपये और जिला परिषद के चेयरमैन बलराज कुंडू ने 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर महंत बाबा कपिलपुरी महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, पूर्व विधायक ओमप्रकाश बेरी, जोगेंद्र सैनी, सतीश सैनी आदि मौजूद रहे।
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पहले भी तल्ख बोल चुके बीरेंद्र

केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह अपनी तल्ख बयानबाजी के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं। वह जाट आरक्षण के पक्ष में अपनी ही सरकार के खिलाफ कई बार बोल चुके हैं। यहां तक कहा कि जाटों को आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा परेशानी में पड़ सकती है। यही नहीं, उन्होंने अपनी सरकार समेत सभी सरकारों की शिक्षा कार्यप्रणाली को पिछले दिनों कटघरे में खड़ा कर दिया था। प्रदेश के संगठन पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए उसे मजबूत करने की बात कही थी।
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बीरेंद्र सिंह के कुछ चर्चित बयान

सौ करोड़ में राज्यसभा की सीट...
जुलाई 2013 : राज्यसभा में किसी एमपी ने कहा कि राज्यसभा में एमपी बनने के लिए मेरा जो बजट था वह सौ करोड़ रुपये था, जब मैंने टोटल किया तो 80 करोड़ में काम हो गया। इस तरह, मैंने 20 करोड़ रुपये बचा लिए। अब आप अंदाजा लगाएं जो आदमी 100 करोड़ देकर एमपी की सीट खरीदते हैं, क्या वे गरीबों का भला सोच पाएंगे? बीरेंद्र सिंह के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। इसके बाद वह इस बयान से पलट गए थे।
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खेती छोड़ने पर पूरा विकास...
केंद्रीय मंत्री युवाओं को खेती छोड़ने की सीख दे चुके हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि खेती घाटे का सौदा है। खेती छोड़कर आगे बढ़ने वालों का ही पूरा विकास हो सकता है।


ऐन मौके पर बज गई रेफरी की सीटी...
एक बार बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि रेल मंत्री की कुर्सी सिर्फ योग्यता पर नहीं, बल्कि दान से मिलती है। एक बार उनका रेलमंत्री बनना तय था, लेकिन आखिरी मौके पर पत्ता साफ हो गया। वे गोल करने ही वाले थे कि रेफरी ने सीटी बजा दी।
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