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80 प्रतिशत योजनाओं की प्रोग्रेस मापदंडों से नीचे, रिकार्ड के साथ अफसर तलब
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रोहतक। पीएमओ ऑफिस व केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा के लिए सांसद अरविंद शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला विकास भवन में चार घंटे मैराथन मीटिंग हुई। सांसद ने 41 परियोजनाओं की गहराई से समीक्षा की और अधिकारियों से सीधे सवाल किए। अधिकारियों के जवाब व रिपोर्ट से सांसद संतुष्ट नजर नहीं आए। क्योंकि 80 प्रतिशत योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तय मापदंडों से नीचे नजर आई। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को रिकार्ड समेत तलब किया है। साथ की कई परियोजनाओं में शर्तों की जटिलता की बात स्वीकार की। बोले, प्रधानमंत्री आवास योजना व फसल बीमा योजना को लेकर आ रही दिक्कतों के बारे में न केवल सरकार को बताएंगे, बल्कि संसद में भी उठाएंगे।
दोपहर 11 बजे जिला विकास भवन में जिला विकास एवं निगरानी कमेटी की मीटिंग में अधिकारियों और सदस्यों ने आना शुरू हुआ। करीब 12 बजे मीटिंग शुरू हुई। सांसद ने कृषि सिंचाई योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमरूत योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजनाओं सहित 41 योजनाओं के बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। उपायुक्त आरएस वर्मा ने बारी - बारी से सभी योजनाओं की प्रगति बारे कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ अरविंद शर्मा को अवगत करवाया। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन के हर कार्य में पारदर्शिता बरतें। सारा पैसा आम जनता का है और हर हालत में उसका जनहित में पूरा सदुपयोग किया जाए।
10 हजार में से मात्र 101 आवेदकों को मिले प्लाट, सांसद बोले - रजिस्ट्री की शर्तों का मुद्दा उठाएंगे सरकार के सामने
प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) का नगर निगम की तरफ से रिकार्ड दिया गया। बताया गया कि 2015 से 2019 तक 10 हजार के करीब लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 1008 लोगों को निगम ने पात्र माना है। इनमें से 101 आवेदक ऐसे हैं, जिनको पहली किस्त मिली है। इस पर निगम पार्षद राधेश्याम ढल ने कहा कि शहर में हजारों गरीब लोगों के पास जमीन तो है, लेकिन उसकी पक्की रजिस्ट्री नहीं है। इस कारण वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं उठा पाते। सांसद ने कहा कि मामले को सरकार के सामने लाया जाएगा। वहीं, निगम आयुक्त ने कहा कि कुछ लोगों को प्लाटों के नक्शे समय पर पास न होने की शिकायत है। आयुक्त ने कहा कि इसके लिए फ्री में योजना के तहत प्लाटों के नक्शे पास कराने के लिए एक जेई की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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ओमैक्स सिटी का मामला भी उठा
ओमैक्स सिटी में 700 परिवार के लोगों की परेशानी का मुद्दा भी उठा । जिस पर उपायुक्त ने कहा कि बिजली की समस्या को हल करने का निर्देश दिया जा चुका है। पानी की समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनको सुनने के बाद सांसद ने उपायुक्त को कहा कि पूरे मामले की जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज करायें।
शिकायतकर्ताओं ने सांसद को बाथरूम के बाहर ही रोक लिया
निगम की मीटिंग के दौरान सांसद बाथरूम में जाने के लिए कांफ्रेंस हाल से निकल गए। मीटिंग में पहुंचे ग्रामीणों ने सोचा कि सांसद जा रहे हैं। वे बाहर निकले और बाथरूम के बाहर सांसद को रोक लिया। सांसद ने कहा कि वे कहीं नहीं जा रहे। उनकी शिकायतें सुनकर जाएंगे। तब जाकर लोग शांत हुए। सांसद ने मीटिंग के बाद लोगों की समस्याएं सुनी। इस मौके पर उपायुक्त आरएस वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार, महम के एसडीएम अभिषेक मीणा, सांपला एसडीएम अमरजीत सिंह, एसडीएम रोहतक राकेश कुमार, निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा, मेयर मनमोहन गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, निगम पार्षद राधेश्याम ढल व पूर्व पार्षद अशोक खुराना भी मौजूद रहे।
बैंक बताएं कम लोन क्यों दिया गया
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत बेरोजगार युवकों को बैंकों से 25 लाख तक का लोन मिल सकता है। 10 लाख तक के लोन के लिए गारंटर तक की जरूरत नहीं होती। शिकायत मिली कि बावजूद इसके बैंक बिना गारंटर लोन नहीं देते। आंकड़ों इस बात के गवाह है। आंकड़ों के मुताबिक बैंकों में जिले में 267 बेरोजगार युवाओं ने आवेदन किया, लेकिन मात्र 30 आवेदकों को लोन मिल सकता है। इस पर सांसद ने बैंक अधिकारियों से जवाब मांगा है।
हांफ रहा अमरूत प्रोजेक्ट, सांसद बोले - तेजी लाएं अधिकारी काम में
शहर में पेयजल व सीवरेज की सबसे बड़ी समस्या है, जो विस चुनाव में भी मुद्दा रही है। इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार की तरफ से अम्रुत योजना के तहत 250 करोड़ से ज्यादा की राशि जारी की गई है। प्रोजेक्ट पर 2019 में काम शुरू हुआ, जिसका काम 15 दिसंबर तक पूरा होना था। एनजीटी के प्रदूषण को लेकर लगाए गए प्रतिबंध के चलते प्रोजेक्ट की समय सीमा 15 फरवरी 2020 कर दी गई। बावजूद इसके सांसद के सामने निगम के अधिकारियों ने रिपोर्ट दी कि 1 लाख 74 हजार मीटर सीवरेज लाइन बिछाई जानी है, जिसमें से 60 हजार मीटर लाइन बिछ चुकी है। जबकि पेयजल लाइन का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट की गति देखकर अधिकारियों ने भी सांसद के सामने माना कि प्रोजेक्ट 15 फरवरी तक पूरा नहीं होगा। सांसद ने काम में तेजी लाने की हिदायत दी।
शहर में स्वच्छता पर आयुक्त बता रहे थे उपलब्धि, सांसद बोले 80 प्रतिशत काम करवा रहे ठेके पर, फिर भी गलियों में गंदगी
केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत योजना पर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने सांसद को बताया कि केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार दो साल से निगम प्रदेश में दूसरे स्थान पर आ रहा है। तीसरी बार प्रयास है कि निगम पहले स्थान पर आए। इसी बीच सांसद ने कहा कि निगम मुख्य मार्गों की सफाई से लेकर कचरा उठाने व सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट तक डालने तक का काम ठेकेदार के माध्यम से करवा रहा है। जबकि निगम में 700 से ज्यादा पक्के व कांट्रेक्ट पर लगे सफाई कर्मचारी हैं। फिर भी गलियों में गंदगी है। ये कर्मचारी क्या कर रहे हैं। वे खुद बुधवार को निगम के अधिकारियों को साथ लेकर शहर का दौरा करेंगे। इस पर आयुक्त बोले, कल अवकाश है। एक जनवरी के बाद दौरा किया जाए। इस पर सांसद बोले, क्या जानबूझ कर दौरा टाला जा रहा है। इस पर बीच में बोलते हुए डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि अवकाश के चलते आयुक्त ऐसा कह रहे हैं, टाल नहीं रहे हैं। सांसद ने आयुक्त से सफाई व्यवस्था को लेकर दो साल का रिकार्ड मांगा है। उन्हें बताया जाए कि शहर में सफाई के लिए कितने सरकारी, निजी सफाई कर्मचारी तथा सफाई कार्य में कौन से और कितने संसाधन कार्य कर रहे है।
फसल बीमा योजना में 70 प्रतिशत नुकसान की शर्त को सांसद ने माना सख्त
किसानों के लिए चल रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सांसद ने रिकार्ड तलब किया। पता चला कि योजना के तहत शर्त है कि जब किसान की 70 प्रतिशत फसल नष्ट हो जाए। तभी वह बीमा पॉलिसी के दायरे में आएगा। इससे काफी किसान मुआवजा लेने से वंचित रह जाते हैं। इस पर सांसद ने कहा कि इस बारे में वे केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे। साथ ही संसद के अंदर भी किसानों का पक्ष रखेंगे। वहीं सांसद ने किसानों के खेतों में खड़े पानी की तुरंत निकासी के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि जिले के जिन गांवों के खेतों में जलभराव की समस्या है वहां जल्द से जल्द पानी निकासी हेतु पम्पों व बिजली का प्रबंध किया जाये।
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दोपहर 11 बजे जिला विकास भवन में जिला विकास एवं निगरानी कमेटी की मीटिंग में अधिकारियों और सदस्यों ने आना शुरू हुआ। करीब 12 बजे मीटिंग शुरू हुई। सांसद ने कृषि सिंचाई योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमरूत योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजनाओं सहित 41 योजनाओं के बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। उपायुक्त आरएस वर्मा ने बारी - बारी से सभी योजनाओं की प्रगति बारे कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ अरविंद शर्मा को अवगत करवाया। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन के हर कार्य में पारदर्शिता बरतें। सारा पैसा आम जनता का है और हर हालत में उसका जनहित में पूरा सदुपयोग किया जाए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) का नगर निगम की तरफ से रिकार्ड दिया गया। बताया गया कि 2015 से 2019 तक 10 हजार के करीब लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 1008 लोगों को निगम ने पात्र माना है। इनमें से 101 आवेदक ऐसे हैं, जिनको पहली किस्त मिली है। इस पर निगम पार्षद राधेश्याम ढल ने कहा कि शहर में हजारों गरीब लोगों के पास जमीन तो है, लेकिन उसकी पक्की रजिस्ट्री नहीं है। इस कारण वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं उठा पाते। सांसद ने कहा कि मामले को सरकार के सामने लाया जाएगा। वहीं, निगम आयुक्त ने कहा कि कुछ लोगों को प्लाटों के नक्शे समय पर पास न होने की शिकायत है। आयुक्त ने कहा कि इसके लिए फ्री में योजना के तहत प्लाटों के नक्शे पास कराने के लिए एक जेई की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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ओमैक्स सिटी में 700 परिवार के लोगों की परेशानी का मुद्दा भी उठा । जिस पर उपायुक्त ने कहा कि बिजली की समस्या को हल करने का निर्देश दिया जा चुका है। पानी की समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनको सुनने के बाद सांसद ने उपायुक्त को कहा कि पूरे मामले की जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज करायें।
शिकायतकर्ताओं ने सांसद को बाथरूम के बाहर ही रोक लिया
निगम की मीटिंग के दौरान सांसद बाथरूम में जाने के लिए कांफ्रेंस हाल से निकल गए। मीटिंग में पहुंचे ग्रामीणों ने सोचा कि सांसद जा रहे हैं। वे बाहर निकले और बाथरूम के बाहर सांसद को रोक लिया। सांसद ने कहा कि वे कहीं नहीं जा रहे। उनकी शिकायतें सुनकर जाएंगे। तब जाकर लोग शांत हुए। सांसद ने मीटिंग के बाद लोगों की समस्याएं सुनी। इस मौके पर उपायुक्त आरएस वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार, महम के एसडीएम अभिषेक मीणा, सांपला एसडीएम अमरजीत सिंह, एसडीएम रोहतक राकेश कुमार, निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा, मेयर मनमोहन गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, निगम पार्षद राधेश्याम ढल व पूर्व पार्षद अशोक खुराना भी मौजूद रहे।
बैंक बताएं कम लोन क्यों दिया गया
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत बेरोजगार युवकों को बैंकों से 25 लाख तक का लोन मिल सकता है। 10 लाख तक के लोन के लिए गारंटर तक की जरूरत नहीं होती। शिकायत मिली कि बावजूद इसके बैंक बिना गारंटर लोन नहीं देते। आंकड़ों इस बात के गवाह है। आंकड़ों के मुताबिक बैंकों में जिले में 267 बेरोजगार युवाओं ने आवेदन किया, लेकिन मात्र 30 आवेदकों को लोन मिल सकता है। इस पर सांसद ने बैंक अधिकारियों से जवाब मांगा है।
हांफ रहा अमरूत प्रोजेक्ट, सांसद बोले - तेजी लाएं अधिकारी काम में
शहर में पेयजल व सीवरेज की सबसे बड़ी समस्या है, जो विस चुनाव में भी मुद्दा रही है। इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार की तरफ से अम्रुत योजना के तहत 250 करोड़ से ज्यादा की राशि जारी की गई है। प्रोजेक्ट पर 2019 में काम शुरू हुआ, जिसका काम 15 दिसंबर तक पूरा होना था। एनजीटी के प्रदूषण को लेकर लगाए गए प्रतिबंध के चलते प्रोजेक्ट की समय सीमा 15 फरवरी 2020 कर दी गई। बावजूद इसके सांसद के सामने निगम के अधिकारियों ने रिपोर्ट दी कि 1 लाख 74 हजार मीटर सीवरेज लाइन बिछाई जानी है, जिसमें से 60 हजार मीटर लाइन बिछ चुकी है। जबकि पेयजल लाइन का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट की गति देखकर अधिकारियों ने भी सांसद के सामने माना कि प्रोजेक्ट 15 फरवरी तक पूरा नहीं होगा। सांसद ने काम में तेजी लाने की हिदायत दी।
शहर में स्वच्छता पर आयुक्त बता रहे थे उपलब्धि, सांसद बोले 80 प्रतिशत काम करवा रहे ठेके पर, फिर भी गलियों में गंदगी
केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत योजना पर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने सांसद को बताया कि केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार दो साल से निगम प्रदेश में दूसरे स्थान पर आ रहा है। तीसरी बार प्रयास है कि निगम पहले स्थान पर आए। इसी बीच सांसद ने कहा कि निगम मुख्य मार्गों की सफाई से लेकर कचरा उठाने व सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट तक डालने तक का काम ठेकेदार के माध्यम से करवा रहा है। जबकि निगम में 700 से ज्यादा पक्के व कांट्रेक्ट पर लगे सफाई कर्मचारी हैं। फिर भी गलियों में गंदगी है। ये कर्मचारी क्या कर रहे हैं। वे खुद बुधवार को निगम के अधिकारियों को साथ लेकर शहर का दौरा करेंगे। इस पर आयुक्त बोले, कल अवकाश है। एक जनवरी के बाद दौरा किया जाए। इस पर सांसद बोले, क्या जानबूझ कर दौरा टाला जा रहा है। इस पर बीच में बोलते हुए डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि अवकाश के चलते आयुक्त ऐसा कह रहे हैं, टाल नहीं रहे हैं। सांसद ने आयुक्त से सफाई व्यवस्था को लेकर दो साल का रिकार्ड मांगा है। उन्हें बताया जाए कि शहर में सफाई के लिए कितने सरकारी, निजी सफाई कर्मचारी तथा सफाई कार्य में कौन से और कितने संसाधन कार्य कर रहे है।
फसल बीमा योजना में 70 प्रतिशत नुकसान की शर्त को सांसद ने माना सख्त
किसानों के लिए चल रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सांसद ने रिकार्ड तलब किया। पता चला कि योजना के तहत शर्त है कि जब किसान की 70 प्रतिशत फसल नष्ट हो जाए। तभी वह बीमा पॉलिसी के दायरे में आएगा। इससे काफी किसान मुआवजा लेने से वंचित रह जाते हैं। इस पर सांसद ने कहा कि इस बारे में वे केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे। साथ ही संसद के अंदर भी किसानों का पक्ष रखेंगे। वहीं सांसद ने किसानों के खेतों में खड़े पानी की तुरंत निकासी के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि जिले के जिन गांवों के खेतों में जलभराव की समस्या है वहां जल्द से जल्द पानी निकासी हेतु पम्पों व बिजली का प्रबंध किया जाये।