{"_id":"69bd6d09c3d8f13bdc4cc9cd4015d401","slug":"mayer-complain-for-street-light-tender-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों का खेल: निगम की बैठक 30 जुलाई को हुई, टेंडर 29 में शासन को भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों का खेल: निगम की बैठक 30 जुलाई को हुई, टेंडर 29 में शासन को भेजा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 29 Oct 2015 02:12 AM IST
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नगर निगम में अफसरों ने ऐसा खेल कर दिया, जिस पर नया बखेड़ा खड़ा हो गया
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है। नगर निगम हाउस की बैठक 30 जुलाई को हुई, जबकि 29 जुलाई को ही
सौंदर्यीकरण के लिए टेंडर प्रकाशन के लिए भेज दिया था। इस तरह प्रस्ताव पास
होने से एक दिन पहले ही टेंडर शासन को भेज दिया गया। इस पर ही मेयर और
कांग्रेस पार्षदों का पारा चढ़ गया है और एसडीएम से मिलकर मामले की जांच
कराने के साथ ही कार्रवाई की मांग की गई।
शहर में अशोका चौक, सोनीपत बस स्टैंड चौक के सौंदर्यीकरण को लेकर हंगामा बरपा हुआ है। कांग्रेस पार्षदों ने पहले बिना प्रस्ताव के काम कराने का आरोप लगाया था, जबकि भाजपा पार्षदों ने प्रस्ताव पास होने की बात कही थी। लेकिन इस बीच ही नगर निगम अधिकारियों का बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है।
नगर निगम हाउस की बैठक 30 जुलाई को हुई थी, जिसमें चौराहों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव पास कराया गया था। लेकिन जिनका सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है, उनका टेंडर प्रकाशित कराने के लिए शासन को 29 जुलाई को भेज दिया गया था। इस तरह प्रस्ताव पास होने से एक दिन पहले ही टेंडर भेज दिया गया। इसके अलावा यह काम डी प्लान के तहत कराए जाने की बात कही गई है, जबकि सरकार की अधिसूचना में साफ लिखा गया है कि गोलचक्करों का सौंदर्यीकरण इस प्लान से नहीं कराया जा सकता है।
इस तरह की बातें सामने आने पर मेयर रेनू डाबला के अलावा कांग्रेस पार्षद अनीता मिगलानी, नीरा भटनागर, गुलशन ईश्पुनियानी आदि ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई। एसडीएम दलबीर सिंह फौगाट ने मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया है।
शहर में अशोका चौक, सोनीपत बस स्टैंड चौक के सौंदर्यीकरण को लेकर हंगामा बरपा हुआ है। कांग्रेस पार्षदों ने पहले बिना प्रस्ताव के काम कराने का आरोप लगाया था, जबकि भाजपा पार्षदों ने प्रस्ताव पास होने की बात कही थी। लेकिन इस बीच ही नगर निगम अधिकारियों का बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है।
नगर निगम हाउस की बैठक 30 जुलाई को हुई थी, जिसमें चौराहों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव पास कराया गया था। लेकिन जिनका सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है, उनका टेंडर प्रकाशित कराने के लिए शासन को 29 जुलाई को भेज दिया गया था। इस तरह प्रस्ताव पास होने से एक दिन पहले ही टेंडर भेज दिया गया। इसके अलावा यह काम डी प्लान के तहत कराए जाने की बात कही गई है, जबकि सरकार की अधिसूचना में साफ लिखा गया है कि गोलचक्करों का सौंदर्यीकरण इस प्लान से नहीं कराया जा सकता है।
इस तरह की बातें सामने आने पर मेयर रेनू डाबला के अलावा कांग्रेस पार्षद अनीता मिगलानी, नीरा भटनागर, गुलशन ईश्पुनियानी आदि ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई। एसडीएम दलबीर सिंह फौगाट ने मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया है।