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व्यक्ति ने जहर खाकर दी जान
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रोहतक। आईएमटी थाना इलाके में एक व्यक्ति ने जहर निगल कर जान दे दी। टैगोर कॉलोनी में खरीदा गया 236.35 वर्ग गज का 2835000 रुपये का प्लॉट किसी और को बेचे जाने से वह परेशान था। प्लॉट या रुपये न मिलने से आहत होकर उसने जान दे दी। उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट में तीन लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में गढ़ी माजरा के रोहित ने कहा है कि 15 जून 2012 को उसके पिता बलजीत ने टैगोर कॉलोनी में एक प्लॉट मातन निवासी ओमपति को दिलाया था। देव कॉलोनी निवासी सोनू व उसकी मां चंद्र से 236.35 वर्ग गज का यह प्लॉट खरीदा था। इसकी फुल पेमेंट एग्रीमेंट बनवा कर दिया था। इसके बाद रजिस्ट्री बंद हो गई। बाद में पिता को पता लगा कि सोनू व उसकी मां चंद्र ने प्लॉट किसी अन्य आदमी को बेच दिया। इस पर मेरे पिता व ओमपति ने पंचायत भी की। इसके बावजूद सोनू व उसकी मां चंद्र ने न तो प्लॉट दिया न रुपये लौटाए। मेरे पिता बिचौलिया होने के कारण सोनू व चंद्र के व्यवहार से तंग रहते थे। इसके चलते एक जनवरी 2022 को जहर खा लिया। इसका पता लगने पर उन्हें गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया। यहां आराम न होने पर 10 जनवरी को उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से 13 जनवरी को छुट्टी मिल गई। घर आने के बाद पिता की हालत चलने फिरने की नहीं थी। हमें 14 जनवरी को पता लगा कि पिता का निधन हो गया है। उनकी जेब जांची तो सुसाइड नोट मिला। इसमें सोनू, उसकी मां चंद्रवति व देव कॉलोनी निवासी बलवान का नाम लिखा मिला। इन्हें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
आईएमटी थाना प्रभारी निरीक्षक कैलाशचंद्र ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में तीन लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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पुलिस को दी शिकायत में गढ़ी माजरा के रोहित ने कहा है कि 15 जून 2012 को उसके पिता बलजीत ने टैगोर कॉलोनी में एक प्लॉट मातन निवासी ओमपति को दिलाया था। देव कॉलोनी निवासी सोनू व उसकी मां चंद्र से 236.35 वर्ग गज का यह प्लॉट खरीदा था। इसकी फुल पेमेंट एग्रीमेंट बनवा कर दिया था। इसके बाद रजिस्ट्री बंद हो गई। बाद में पिता को पता लगा कि सोनू व उसकी मां चंद्र ने प्लॉट किसी अन्य आदमी को बेच दिया। इस पर मेरे पिता व ओमपति ने पंचायत भी की। इसके बावजूद सोनू व उसकी मां चंद्र ने न तो प्लॉट दिया न रुपये लौटाए। मेरे पिता बिचौलिया होने के कारण सोनू व चंद्र के व्यवहार से तंग रहते थे। इसके चलते एक जनवरी 2022 को जहर खा लिया। इसका पता लगने पर उन्हें गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया। यहां आराम न होने पर 10 जनवरी को उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से 13 जनवरी को छुट्टी मिल गई। घर आने के बाद पिता की हालत चलने फिरने की नहीं थी। हमें 14 जनवरी को पता लगा कि पिता का निधन हो गया है। उनकी जेब जांची तो सुसाइड नोट मिला। इसमें सोनू, उसकी मां चंद्रवति व देव कॉलोनी निवासी बलवान का नाम लिखा मिला। इन्हें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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आईएमटी थाना प्रभारी निरीक्षक कैलाशचंद्र ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में तीन लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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