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Rohtak News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महारैली कल
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रोहतक।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन हरियाणा संबंधित एआईयूटीयूसी आगामी 12 सितंबर को रोहतक में महारैली करेगी। उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र भेजा जाएगा। यूनियन की जिला सचिव रोशनी चौधरी की अध्यक्षता में निर्माण भवन में हुई बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की समस्याओं पर चर्चा की गई। इन पर सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने की भी निंदा की गई।
आंगनबाड़ी यूनियन की महासचिव पुष्पा दलाल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चार महीने की हड़ताल के दौरान सरकार से जिन मुद्दों पर सहमति हुई थी, सरकार ने उन्हें अभी तक लागू नहीं किया है। बातचीत में 118 दिनों की हड़ताल की अवधि के सिर्फ 100 रुपये काटना तय हुआ था। बाद में सिर्फ 25 प्रतिशत मानदेय का भुगतान किया गया। हमारी 75 प्रतिशत राशि जबरन कटौती कर ली गई। इसी तरह वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ता को 1500 रुपये और सहायिका को 750 रुपये देने की घोषणा की थी। अब तक उसका भुगतान नहीं किया गया है।
प्रेस सचिव कौशल्या ने कहा कि मासिक मानदेय समय पर नहीं मिलता। रसोई गैस सिलिंडर भरवाने का खर्चा कार्यकर्ता को अपने पास से देना पड़ रहा है। लंबे समय से सरकार इसका भुगतान नहीं कर रही। ड्यूटी से बाहर भी कार्य कराए जाते हैं। जिला उपाध्यक्ष सुनीता ब्रह्मणवास ने भी विचार रखे।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन हरियाणा संबंधित एआईयूटीयूसी आगामी 12 सितंबर को रोहतक में महारैली करेगी। उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र भेजा जाएगा। यूनियन की जिला सचिव रोशनी चौधरी की अध्यक्षता में निर्माण भवन में हुई बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की समस्याओं पर चर्चा की गई। इन पर सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने की भी निंदा की गई।
आंगनबाड़ी यूनियन की महासचिव पुष्पा दलाल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चार महीने की हड़ताल के दौरान सरकार से जिन मुद्दों पर सहमति हुई थी, सरकार ने उन्हें अभी तक लागू नहीं किया है। बातचीत में 118 दिनों की हड़ताल की अवधि के सिर्फ 100 रुपये काटना तय हुआ था। बाद में सिर्फ 25 प्रतिशत मानदेय का भुगतान किया गया। हमारी 75 प्रतिशत राशि जबरन कटौती कर ली गई। इसी तरह वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ता को 1500 रुपये और सहायिका को 750 रुपये देने की घोषणा की थी। अब तक उसका भुगतान नहीं किया गया है।
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प्रेस सचिव कौशल्या ने कहा कि मासिक मानदेय समय पर नहीं मिलता। रसोई गैस सिलिंडर भरवाने का खर्चा कार्यकर्ता को अपने पास से देना पड़ रहा है। लंबे समय से सरकार इसका भुगतान नहीं कर रही। ड्यूटी से बाहर भी कार्य कराए जाते हैं। जिला उपाध्यक्ष सुनीता ब्रह्मणवास ने भी विचार रखे।
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