{"_id":"57488b1a4f1c1b6f48690792","slug":"maham-hand-grenades-out-of-the-pond-in-the-child-s-dip-the-diffuse-squad","type":"story","status":"publish","title_hn":"महम में बच्चे की डुबकी में तालाब से निकला हैंड ग्रेनेड, दस्ते ने किया डिफ्यूज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महम में बच्चे की डुबकी में तालाब से निकला हैंड ग्रेनेड, दस्ते ने किया डिफ्यूज
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 28 May 2016 02:03 AM IST
विज्ञापन
तालाब से निकला हैंड ग्रेनेड
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महम ब्लॉक के बेडवा गांव में एक बार फिर जिंदा हैंड ग्रेनेड मिला है। शुक्रवार को गांव के बच्चों ने नहाने के लिए तालाब में डुबकी लगाई तो खेल-खेल में बच्चा गाद उठाने के लिए गहराई में चला गया। तभी पैर में कोई ठोस चीज लगने पर शक हुआ और गाद को हाथ में उठाकर देखा तो हड़कंप मच गया। गांव में पहले भी ग्रेनेड मिलने के कारण समझदारी दिखाते हुए बच्चे बगैर छेड़खानी किए ग्रेनेड लेकर सीधा सरपंच के पास पहुंच गए। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी। डीएसपी और थाना प्रभारी बम स्कवायड के साथ मौके पर पहुंचे और हैंड ग्रेनेड को डिफ्यूज कर बलास्ट कर दिया गया।
बता दें कि इसी गांव में 6 जुलाई 2015 को स्कूल में भी जिंदा ग्रेनेड मिला था। स्कूल में इसी तालाब से मिट्टी लाकर डाली गई थी और उसी मिट्टी में खेलते हुए ग्रेनेड एक बच्चे के हाथ लगा था। तालाब में लगातार मिल रहे जिंदा ग्रेनेड से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने तालाब की जांच की मांग की है। यह ग्रेनेड फौज में इस्तेमाल होता है।
तपती गर्मी में राहत के लिए बेडवा निवासी 12 वर्षीय रोहित अपने साथियों के साथ गांव के सार्वजनिक तालाब (डाघवाला) में नहा रहा था। नहाते समय रोहित और उसके साथी आपस में गाद से खेलने लगे। रोहित गाद लेने के लिए तलहटी में गया तो उसके पैर में कोई ठोस वस्तु लगी। उसने तुरंत गाद के ढेल्ले को हाथ में लेकर देखा तो वह अवाक रहा गया। साथ नहा रहे बच्चे भी रोहित के पास आ गए। पिछले साल जुलाई में गांव के स्कूल में इसी तालाब की मिट्टी लाई गई थी। तब उसी मिट्टी से एक बच्चे को जिंदा हैंड ग्रेनेड मिला था।
विज्ञापन
पिछली घटना के चलते बच्चों को ग्रेनेड पहचानने और उसके खतरे को भांपने में देरी नहीं लगी। रोहित और उसके साथी बिना छेड़खानी किए तत्काल ग्रेनेड को सरपंच जगविंद्र के पास लेकर पहुंच गए। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी। डीएसपी अधीक्षक गुरदयाल सिंह और थाना इंचार्ज जयपाल सिंह दल बल सहित मौके पर पहुंचे। थाना इंचार्ज ने बताय कि बम निरोधक दस्ते को बुलाकर भारी सुरक्षा के बीच ग्रेनेड को डिफ्यूज कर दिया।
तालाब की जांच की जाए
तालाब में लगातार जिंदा ग्रेनेड मिलने से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की खुदाई के दौरान गत वर्ष भी ग्रेनेड मिला था। मामला अब बेहद संवेदनशील हो गया है। यदि ग्रेनेड बच्चे के हाथ या पैर और अन्य किसी दबाव में फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसलिए बम निरोधक दस्ते द्वारा उचित उपकरणों से तालाब की जांच की जाए।
यह एच. ई. 36 हैंड ग्रेनेड फौज में इस्तेमाल होता है। यह जिंदा हैंड ग्रेनेड था और अगर फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सब इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह, बम निरोधक दस्ता।
विज्ञापन
बता दें कि इसी गांव में 6 जुलाई 2015 को स्कूल में भी जिंदा ग्रेनेड मिला था। स्कूल में इसी तालाब से मिट्टी लाकर डाली गई थी और उसी मिट्टी में खेलते हुए ग्रेनेड एक बच्चे के हाथ लगा था। तालाब में लगातार मिल रहे जिंदा ग्रेनेड से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने तालाब की जांच की मांग की है। यह ग्रेनेड फौज में इस्तेमाल होता है।
विज्ञापन
तपती गर्मी में राहत के लिए बेडवा निवासी 12 वर्षीय रोहित अपने साथियों के साथ गांव के सार्वजनिक तालाब (डाघवाला) में नहा रहा था। नहाते समय रोहित और उसके साथी आपस में गाद से खेलने लगे। रोहित गाद लेने के लिए तलहटी में गया तो उसके पैर में कोई ठोस वस्तु लगी। उसने तुरंत गाद के ढेल्ले को हाथ में लेकर देखा तो वह अवाक रहा गया। साथ नहा रहे बच्चे भी रोहित के पास आ गए। पिछले साल जुलाई में गांव के स्कूल में इसी तालाब की मिट्टी लाई गई थी। तब उसी मिट्टी से एक बच्चे को जिंदा हैंड ग्रेनेड मिला था।
विज्ञापन
पिछली घटना के चलते बच्चों को ग्रेनेड पहचानने और उसके खतरे को भांपने में देरी नहीं लगी। रोहित और उसके साथी बिना छेड़खानी किए तत्काल ग्रेनेड को सरपंच जगविंद्र के पास लेकर पहुंच गए। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी। डीएसपी अधीक्षक गुरदयाल सिंह और थाना इंचार्ज जयपाल सिंह दल बल सहित मौके पर पहुंचे। थाना इंचार्ज ने बताय कि बम निरोधक दस्ते को बुलाकर भारी सुरक्षा के बीच ग्रेनेड को डिफ्यूज कर दिया।
तालाब की जांच की जाए
तालाब में लगातार जिंदा ग्रेनेड मिलने से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की खुदाई के दौरान गत वर्ष भी ग्रेनेड मिला था। मामला अब बेहद संवेदनशील हो गया है। यदि ग्रेनेड बच्चे के हाथ या पैर और अन्य किसी दबाव में फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसलिए बम निरोधक दस्ते द्वारा उचित उपकरणों से तालाब की जांच की जाए।
यह एच. ई. 36 हैंड ग्रेनेड फौज में इस्तेमाल होता है। यह जिंदा हैंड ग्रेनेड था और अगर फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सब इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह, बम निरोधक दस्ता।