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Rohtak News: रोडवेज बसों की खली कमी, निजी से कम दूरी के यात्रियों को उतारा
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रोडवेज अड्डे पर बस आने के बाद चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करते यात्री। संवाद
रोहतक। नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वीरवार को सुबह से ही लोग बसों के लिए भटकते नजर आए।
रोहतक डिपो से 125 बसों को चंडीगढ़ रवाना किया। इसके चलते डिपो से विभिन्न रूट पर हज 59 बसें बचीं। ये बसें यात्रियों के लिए नाकाफी रहीं। रोडवेज बसों के अभाव में लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। निजी बसों में छोटे रूट के अलावा बुजुर्ग व बीमार लोगों को हाथ पकड़ कर उतार दिया गया। यही नहीं, रोडवेज में फ्री बस सुविधा पाने वालों से भी किराया वसूला गया। इससे आहत कुछ लोग रोडवेज जीएम को शिकायत करने पहुंचे। यहां उनके मातहत कर्मचारियों ने समस्या का समाधान कराया।
वीरवार को दिन भर बस स्टैंड परिसर में निजी बसों का कब्जा रहा। रोडवेज बसों की कमी के कारण निजी बस संचालकों की बसें ही रूटों पर दौड़ती नजर आईं। निजी बस चालकों ने किराया नहीं देने व छोटे रूट के यात्रियों को हाथ पकड़ कर बस से नीचे उतार दिया। रोहतक-जींद रूट पर बीच के गांवों की सवारियां नहीं बैठाई गईं। इसी तरह अन्य रूट का हाल रहा। निजी बस चालकों ने न बीमार को बख्शा न बुजुर्गों को।
जींद जा रही राजबाला ने बताया कि दो घंटे से बैठे हैं। निजी बस आ रही हैं। रोडवेज की नहीं आ रही हैं। निजी बस चालक हमें बस में चढ़ने नहीं दे रहे हैं। जींद जा रही प्रेमो देवी ने बताया कि निजी बस चालकों ने कहा कि केवल जींद की ही सवारी बैठेगी। बीच के गांव में न बस रुकेगी, न सवारी बैठाई जाएगी। कैथल जा रहे मरीज ने कहा कि सरकार ने फ्री सेवा की सुविधा दी है। अब रोडवेज का इंतजार कर रहा हूं।
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बेरी निवासी समीर ने कहा कि बस स्टैंड पर खड़े एक घंटा से ऊपर हो गया है। अब तक बेरी की बस नहीं आई है। पहले आधे घंटे में बस आ जाती थी। गुरुग्राम निवासी सोनू ने कहा कि उसे बस स्टैंड पर खड़े हुए दो घंटे हो गए हैं। बस नहीं मिल रही है। इससे काफी परेशानी हो रही है। छूछकवास के विवेक ने कहा कि डेढ़ घंटा हो गया है। बस स्टैंड पर बैठा हूं। अब तक कोई बस नहीं आई है। पहले सर्विस अच्छी थी। वीरवार को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जींद के सोनू ने कहा कि एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। अब तक बस नहीं आई है। कमर का ऑपरेशन हुआ है। इस कारण से काफी दिक्कत हो रही है।
निजी बस चालकों ने यात्रियों को हाथ पकड़ कर बस से उतारा
रोहतक से जींद जा रही निजी बस के चालक ने यात्रियों को बस से हाथ पकड़ के नीचे उतार दिया। चालक ने कहा कि बस में सिर्फ जींद की ही सवारी बैठेे। बीच के गांवों की सवारियां न बैठें। गांवों में बस नहीं रुकेगी। परेशान यात्री अपनी शिकायत को लेकर जीएम से मिलने पहुंचे। जीएम की अनुपस्थिति में उनके मातहत कर्मचारियों ने समस्या सुनी। इसके बाद उन्हें संबंधित रूट की बस में जगह दिलाकर उनकी समस्या का समाधान करवाया गया।
कैंसर पीड़िक को भी बस में नहीं बैठाया
कैंसर पीड़त इकबाल ने बताया कि दो घंटे हो गए बस नहीं आई है। निजी बस चालक ने बस से उतार दिया है। कैंसर का पहचान पत्र है। इससे सरकारी बस में निशुुल्क यात्रा कर सकता हूं। निजी बस में इसे नहीं माना। किराया देने लगा तो भी उसने उतार दिया।
इन रूटों पर परेशान रहे यात्री
रोहतक से जींद रूट पर लगभग दो घंटे, रोहतक-बेरी रूट पर एक घंटे से ज्यादा, रोहतक-गुरुग्राम रूट पर तीन घंटे और रोहतक-छूछकवास रूट पर यात्री परेशान रहे।
बसों की समस्या को लेकर टीम बनाई गई थी। इन टीमों ने बस अड्डे पर जाकर सवारियों की समस्याओं का समाधान किया। बस की जरूरत वाले लोगों को बैठाया गया। बस चालक यात्रियों को नहीं ले जाते हैं तो शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -मेजर गायत्री अहलावत, सचिव, आरटीए।
डिपो की 125 बसें चंडीगढ़ गई थीं। शेष बसों का विभिन्न रूटों पर संचालन किया गया। लोकल रूटों पर बसों की कमी रही। इसके लिए निजी बसें चलाई गईं। -नवीन कुमार, यातायात प्रबंधक, रोडवेज डिपो।
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रोहतक डिपो से 125 बसों को चंडीगढ़ रवाना किया। इसके चलते डिपो से विभिन्न रूट पर हज 59 बसें बचीं। ये बसें यात्रियों के लिए नाकाफी रहीं। रोडवेज बसों के अभाव में लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। निजी बसों में छोटे रूट के अलावा बुजुर्ग व बीमार लोगों को हाथ पकड़ कर उतार दिया गया। यही नहीं, रोडवेज में फ्री बस सुविधा पाने वालों से भी किराया वसूला गया। इससे आहत कुछ लोग रोडवेज जीएम को शिकायत करने पहुंचे। यहां उनके मातहत कर्मचारियों ने समस्या का समाधान कराया।
वीरवार को दिन भर बस स्टैंड परिसर में निजी बसों का कब्जा रहा। रोडवेज बसों की कमी के कारण निजी बस संचालकों की बसें ही रूटों पर दौड़ती नजर आईं। निजी बस चालकों ने किराया नहीं देने व छोटे रूट के यात्रियों को हाथ पकड़ कर बस से नीचे उतार दिया। रोहतक-जींद रूट पर बीच के गांवों की सवारियां नहीं बैठाई गईं। इसी तरह अन्य रूट का हाल रहा। निजी बस चालकों ने न बीमार को बख्शा न बुजुर्गों को।
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जींद जा रही राजबाला ने बताया कि दो घंटे से बैठे हैं। निजी बस आ रही हैं। रोडवेज की नहीं आ रही हैं। निजी बस चालक हमें बस में चढ़ने नहीं दे रहे हैं। जींद जा रही प्रेमो देवी ने बताया कि निजी बस चालकों ने कहा कि केवल जींद की ही सवारी बैठेगी। बीच के गांव में न बस रुकेगी, न सवारी बैठाई जाएगी। कैथल जा रहे मरीज ने कहा कि सरकार ने फ्री सेवा की सुविधा दी है। अब रोडवेज का इंतजार कर रहा हूं।
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बेरी निवासी समीर ने कहा कि बस स्टैंड पर खड़े एक घंटा से ऊपर हो गया है। अब तक बेरी की बस नहीं आई है। पहले आधे घंटे में बस आ जाती थी। गुरुग्राम निवासी सोनू ने कहा कि उसे बस स्टैंड पर खड़े हुए दो घंटे हो गए हैं। बस नहीं मिल रही है। इससे काफी परेशानी हो रही है। छूछकवास के विवेक ने कहा कि डेढ़ घंटा हो गया है। बस स्टैंड पर बैठा हूं। अब तक कोई बस नहीं आई है। पहले सर्विस अच्छी थी। वीरवार को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जींद के सोनू ने कहा कि एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। अब तक बस नहीं आई है। कमर का ऑपरेशन हुआ है। इस कारण से काफी दिक्कत हो रही है।
निजी बस चालकों ने यात्रियों को हाथ पकड़ कर बस से उतारा
रोहतक से जींद जा रही निजी बस के चालक ने यात्रियों को बस से हाथ पकड़ के नीचे उतार दिया। चालक ने कहा कि बस में सिर्फ जींद की ही सवारी बैठेे। बीच के गांवों की सवारियां न बैठें। गांवों में बस नहीं रुकेगी। परेशान यात्री अपनी शिकायत को लेकर जीएम से मिलने पहुंचे। जीएम की अनुपस्थिति में उनके मातहत कर्मचारियों ने समस्या सुनी। इसके बाद उन्हें संबंधित रूट की बस में जगह दिलाकर उनकी समस्या का समाधान करवाया गया।
कैंसर पीड़िक को भी बस में नहीं बैठाया
कैंसर पीड़त इकबाल ने बताया कि दो घंटे हो गए बस नहीं आई है। निजी बस चालक ने बस से उतार दिया है। कैंसर का पहचान पत्र है। इससे सरकारी बस में निशुुल्क यात्रा कर सकता हूं। निजी बस में इसे नहीं माना। किराया देने लगा तो भी उसने उतार दिया।
इन रूटों पर परेशान रहे यात्री
रोहतक से जींद रूट पर लगभग दो घंटे, रोहतक-बेरी रूट पर एक घंटे से ज्यादा, रोहतक-गुरुग्राम रूट पर तीन घंटे और रोहतक-छूछकवास रूट पर यात्री परेशान रहे।
बसों की समस्या को लेकर टीम बनाई गई थी। इन टीमों ने बस अड्डे पर जाकर सवारियों की समस्याओं का समाधान किया। बस की जरूरत वाले लोगों को बैठाया गया। बस चालक यात्रियों को नहीं ले जाते हैं तो शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -मेजर गायत्री अहलावत, सचिव, आरटीए।
डिपो की 125 बसें चंडीगढ़ गई थीं। शेष बसों का विभिन्न रूटों पर संचालन किया गया। लोकल रूटों पर बसों की कमी रही। इसके लिए निजी बसें चलाई गईं। -नवीन कुमार, यातायात प्रबंधक, रोडवेज डिपो।

रोडवेज अड्डे पर बस आने के बाद चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करते यात्री। संवाद

रोडवेज अड्डे पर बस आने के बाद चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करते यात्री। संवाद