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दीपावली के बाद शुरू होगा कोवाक्सिन रिसर्च का तीसरा फेज
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Kovacsin Research's third phase will start after Deepawali
संजय कुमार
रोहतक। देश में कोरोना संक्रमण की कहीं तीसरी तो कहीं दूसरी पीक चल रही है। ऐसे में राहत की खबर यह है कि कोवाक्सिन की रिसर्च दीपावली बाद अपने तीसरे फेज में प्रवेश करेगी। इसमें 26 हजार के करीब लोगों को रिसर्च में शामिल करते हुए कोवाक्सिन की डोज दी जाएगी। रिसर्चर राहत की सांस ले रहे हैं कि अभी तक रिसर्च में शामिल किसी वालंटियर को कोई समस्या नहीं हुई है। कोवाक्सिन की रिसर्च में शामिल पीजीआईएमएस रोहतक के को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि रिसर्च का पहला व दूसरा फेज पूरा होने पर तीसरा फेज शुरू होने जा रहा है। उम्मीद है कि दीपावली के बाद यह शुरू हो जाएगी। पहले व दूसरे फेज की तुलना में अधिक वालंटियर होने के चलते रिसर्च सेंटरों की संख्या भी इस बार बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि देश भर में रिसर्च सेंटरों की संख्या 12 से 21 की जा सकती है। गौरतलब है कि देशभर में चल रही कोवाक्सिन की रिसर्च में रोहतक का पीजीआईएमएस भी शामिल है। इसकी प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा व को इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा व डॉ. ध्रुव चौधरी हैं। पहले फेज में 325 व दूसरे फेज में 750 को ह्यूमन ट्रायल में शामिल किया जा चुका है। इसमें विभिन्न आयु वर्ग के अलावा महिला वर्ग भी शामिल है।
नीति आयोग के निर्देशों पर तैयार हो रही लिस्ट
नीति आयोग के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग लिस्ट तैयार कर रहा है कि कोरोना की वैक्सीन आने पर किसे प्राथमिकता से पहले इसकी डोज देनी है। इसके लिए डाटा एकत्रित करने के साथ वैक्सीन को रखने व उसकी सुरक्षा के लिए भी खाका तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि पहले गंभीर रोगियों व स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी।
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रोहतक। देश में कोरोना संक्रमण की कहीं तीसरी तो कहीं दूसरी पीक चल रही है। ऐसे में राहत की खबर यह है कि कोवाक्सिन की रिसर्च दीपावली बाद अपने तीसरे फेज में प्रवेश करेगी। इसमें 26 हजार के करीब लोगों को रिसर्च में शामिल करते हुए कोवाक्सिन की डोज दी जाएगी। रिसर्चर राहत की सांस ले रहे हैं कि अभी तक रिसर्च में शामिल किसी वालंटियर को कोई समस्या नहीं हुई है। कोवाक्सिन की रिसर्च में शामिल पीजीआईएमएस रोहतक के को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि रिसर्च का पहला व दूसरा फेज पूरा होने पर तीसरा फेज शुरू होने जा रहा है। उम्मीद है कि दीपावली के बाद यह शुरू हो जाएगी। पहले व दूसरे फेज की तुलना में अधिक वालंटियर होने के चलते रिसर्च सेंटरों की संख्या भी इस बार बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि देश भर में रिसर्च सेंटरों की संख्या 12 से 21 की जा सकती है। गौरतलब है कि देशभर में चल रही कोवाक्सिन की रिसर्च में रोहतक का पीजीआईएमएस भी शामिल है। इसकी प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा व को इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा व डॉ. ध्रुव चौधरी हैं। पहले फेज में 325 व दूसरे फेज में 750 को ह्यूमन ट्रायल में शामिल किया जा चुका है। इसमें विभिन्न आयु वर्ग के अलावा महिला वर्ग भी शामिल है।
नीति आयोग के निर्देशों पर तैयार हो रही लिस्ट
नीति आयोग के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग लिस्ट तैयार कर रहा है कि कोरोना की वैक्सीन आने पर किसे प्राथमिकता से पहले इसकी डोज देनी है। इसके लिए डाटा एकत्रित करने के साथ वैक्सीन को रखने व उसकी सुरक्षा के लिए भी खाका तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि पहले गंभीर रोगियों व स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी।
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