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मामा समझ बेटी को भेजा, पता चला तो लघु सचिवालय में अपहरण का हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 12 Jan 2016 02:39 AM IST
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लघु सचिवालय में सोमवार को 12 वर्षीय बेटी के अपहरण से हंगामा मच गया। मां को पता चलने पर वह बेसुध हो गई। इस बीच लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। अपहरण की सूचना मिलते ही डीएसपी बिजेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और महिला को पुलिसकर्मियों के साथ महिला थाने भेजा।
लघु सचिवालय के पास से बच्ची के अपहरण से पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। हालांकि एक घंटे बाद पता चला कि जो व्यक्ति बच्ची को बाइक से ले गया था उसने बसंतपुर में रहने वाले मामा के यहां उसे छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
निंदाना निवासी महिला संतोष बेटी प्रीति (12) और बेटे (5) के साथ लघु सचिवालय स्थित बैंक से एटीएम कार्ड लेने आई थी। सुबह संतोष घर से निकली तो बसंतपुर में रहने वाले भाई ने फोन करके कहा कि वह प्रीति को घर ले जाएगा। भाई ने सुखपुरा चौक पर मिलने के लिए कहा।
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संतोष पुराना बस स्टैंड पर उतरकर पैदल सुखपुरा चौक की तरफ चल दी। प्रीति ने मोबाइल से मामा को फोन करके लोकेशन पूछा तो उन्होंने चौक पर पहुंचने को कहा। इस बीच एक हेलमेट लगाकर बाइक सवार युवक वहां से गुजरा तो प्रीति ने मामा समझकर उसे हाथ दिया।
इस पर बाइक सवार ने भी उसे बैठा लिया और चल दिया। संतोष ने समझा कि प्रीति अपने मामा के साथ गई। लघुसचिवालय पहुंचने पर जब भाई ने पूछा कि प्रीति कहां है। इस पर संतोष बोली, कि वह तेरे ही साथ गई थी। मामा के इंकार करने पर संतोष अपहरण की आशंका के चलते बेसुध होकर गिर गई।
होश में आने पर वह बिलखने लगी। तभी डीएसपी हेड क्वार्टर बिजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला को अपनी गाड़ी से महिला थाने भेज दिया।
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लघु सचिवालय के पास से बच्ची के अपहरण से पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। हालांकि एक घंटे बाद पता चला कि जो व्यक्ति बच्ची को बाइक से ले गया था उसने बसंतपुर में रहने वाले मामा के यहां उसे छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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निंदाना निवासी महिला संतोष बेटी प्रीति (12) और बेटे (5) के साथ लघु सचिवालय स्थित बैंक से एटीएम कार्ड लेने आई थी। सुबह संतोष घर से निकली तो बसंतपुर में रहने वाले भाई ने फोन करके कहा कि वह प्रीति को घर ले जाएगा। भाई ने सुखपुरा चौक पर मिलने के लिए कहा।
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संतोष पुराना बस स्टैंड पर उतरकर पैदल सुखपुरा चौक की तरफ चल दी। प्रीति ने मोबाइल से मामा को फोन करके लोकेशन पूछा तो उन्होंने चौक पर पहुंचने को कहा। इस बीच एक हेलमेट लगाकर बाइक सवार युवक वहां से गुजरा तो प्रीति ने मामा समझकर उसे हाथ दिया।
इस पर बाइक सवार ने भी उसे बैठा लिया और चल दिया। संतोष ने समझा कि प्रीति अपने मामा के साथ गई। लघुसचिवालय पहुंचने पर जब भाई ने पूछा कि प्रीति कहां है। इस पर संतोष बोली, कि वह तेरे ही साथ गई थी। मामा के इंकार करने पर संतोष अपहरण की आशंका के चलते बेसुध होकर गिर गई।
होश में आने पर वह बिलखने लगी। तभी डीएसपी हेड क्वार्टर बिजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला को अपनी गाड़ी से महिला थाने भेज दिया।