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जाट शिक्षा समिति की वोटर लिस्ट में बड़ा झोलझाल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 08 Jun 2015 02:46 AM IST
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जाट शिक्षा समिति की अंदरूनी कलह परत दर परत खुलती जा रही है।
प्रधान पक्ष ने कॉलेज में हुई आजीवन सदस्यों की बैठक को लेकर सवाल उठाए थे तो वहीं अब विपक्षी गुट खुलकर सामने आ गया। विपक्षी खेमे का कहना है कि प्रधान पक्ष वोटर लिस्ट को दुरुस्त कराने के लिए लोगों से मृत्यु प्रमाण पत्र तो मांग रहे हैं, लेकिन खुद प्रधान की पत्नी का नाम अभी तक भी वोटर लिस्ट में है, जिनकी करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है।
जाट शिक्षा समिति में आपसी विवाद की यह जड़ तीन दिन पहले आजीवन सदस्यों की बैठक में सामने आई।
बैठक में प्रधान पक्ष सुरेंद्र नांदल पर आरोप लगाए गए तो प्रधान पक्ष ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया।
दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर लगातार जारी है।
रविवार को कॉलेजियम सदस्य प्रेम सिंह हुड्डा, आजीवन सदस्य चंचल नांदल, विकास हुड्डा, जोगेंद्र नांदल और नरेश कुमार आदि ने आरोप लगाया कि प्रधान पक्ष आजीवन सदस्यों पर सवाल उठाकर झूठी बयानबाजी कर रहा है। बैठक में दो कॉलेजियम मैंबर के साथ-साथ सभी आजीवन सदस्य मौजूद थे, जिन्हें अपनी बात रखने का पूरा हक है। विपक्षियों ने प्रधान पक्ष द्वारा वोटर लिस्ट दुरुस्त कराने के बयान पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रधान वोटर लिस्ट को ठीक करने के लिए मृत लोगों के प्रमाण पत्र मांग रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी जयश्री का नाम अभी भी वोटर लिस्ट में है, जबकि उनकी दो साल पहले मौत हो चुकी है। उनका नाम फिर भी नहीं हटाया जा रहा। विपक्षी पक्ष का कहना है कि वोटर लिस्ट को तत्काल ठीक कराया जाए और नए सदस्यों को जोड़ा जाए।
कुछ ऐसी है वोटर लिस्ट में गड़बड़ी
जाट शिक्षा समिति में वोटरों की संख्या लगभग 15 हजार है। कॉलेजियम सदस्य प्रेम सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में क्रमांक संख्या 10835 में विमला पुत्री प्रहलाद और 10897 में विमला देवी पत्नी वजीर सिंह के नाम से वोट बनी है। यानि दो अलग-अलग वोट दर्शाई गई हैं, जबकि हकीकत में ये दोनों एक ही वोट हैं। जो एक पुत्री के नाम पर बनाई गई और दूसरी पत्नी के नाम पर। 10828 नंबर पर अतर सिंह पुत्र प्यारेलाल और 10829 नंबर पर भी अतर सिंह पुत्र प्यारेलाल की ही वोट है। इसके अलावा भी वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी हैं।
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वर्जन : यूं बोले प्रधान
चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को ठीक करा दिया जाएगा। इसके लिए सभी से मृत लोगों के प्रमाण पत्र मांगे गए हैं, लेकिन अभी तक किसी ने प्रमाण पत्र नहीं दिया है। मेरी पत्नी का नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।
- सुरेंद्र नांदल, प्रधान जाट शिक्षा समिति।
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प्रधान पक्ष ने कॉलेज में हुई आजीवन सदस्यों की बैठक को लेकर सवाल उठाए थे तो वहीं अब विपक्षी गुट खुलकर सामने आ गया। विपक्षी खेमे का कहना है कि प्रधान पक्ष वोटर लिस्ट को दुरुस्त कराने के लिए लोगों से मृत्यु प्रमाण पत्र तो मांग रहे हैं, लेकिन खुद प्रधान की पत्नी का नाम अभी तक भी वोटर लिस्ट में है, जिनकी करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है।
जाट शिक्षा समिति में आपसी विवाद की यह जड़ तीन दिन पहले आजीवन सदस्यों की बैठक में सामने आई।
बैठक में प्रधान पक्ष सुरेंद्र नांदल पर आरोप लगाए गए तो प्रधान पक्ष ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया।
दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर लगातार जारी है।
रविवार को कॉलेजियम सदस्य प्रेम सिंह हुड्डा, आजीवन सदस्य चंचल नांदल, विकास हुड्डा, जोगेंद्र नांदल और नरेश कुमार आदि ने आरोप लगाया कि प्रधान पक्ष आजीवन सदस्यों पर सवाल उठाकर झूठी बयानबाजी कर रहा है। बैठक में दो कॉलेजियम मैंबर के साथ-साथ सभी आजीवन सदस्य मौजूद थे, जिन्हें अपनी बात रखने का पूरा हक है। विपक्षियों ने प्रधान पक्ष द्वारा वोटर लिस्ट दुरुस्त कराने के बयान पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रधान वोटर लिस्ट को ठीक करने के लिए मृत लोगों के प्रमाण पत्र मांग रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी जयश्री का नाम अभी भी वोटर लिस्ट में है, जबकि उनकी दो साल पहले मौत हो चुकी है। उनका नाम फिर भी नहीं हटाया जा रहा। विपक्षी पक्ष का कहना है कि वोटर लिस्ट को तत्काल ठीक कराया जाए और नए सदस्यों को जोड़ा जाए।
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कुछ ऐसी है वोटर लिस्ट में गड़बड़ी
जाट शिक्षा समिति में वोटरों की संख्या लगभग 15 हजार है। कॉलेजियम सदस्य प्रेम सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में क्रमांक संख्या 10835 में विमला पुत्री प्रहलाद और 10897 में विमला देवी पत्नी वजीर सिंह के नाम से वोट बनी है। यानि दो अलग-अलग वोट दर्शाई गई हैं, जबकि हकीकत में ये दोनों एक ही वोट हैं। जो एक पुत्री के नाम पर बनाई गई और दूसरी पत्नी के नाम पर। 10828 नंबर पर अतर सिंह पुत्र प्यारेलाल और 10829 नंबर पर भी अतर सिंह पुत्र प्यारेलाल की ही वोट है। इसके अलावा भी वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी हैं।
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चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को ठीक करा दिया जाएगा। इसके लिए सभी से मृत लोगों के प्रमाण पत्र मांगे गए हैं, लेकिन अभी तक किसी ने प्रमाण पत्र नहीं दिया है। मेरी पत्नी का नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।
- सुरेंद्र नांदल, प्रधान जाट शिक्षा समिति।