{"_id":"56e877af4f1c1b05428b49c4","slug":"jaat-andolan-in-rohtak-riots-rohtak-rohtak-administration-strict-jaat-ultimatum","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाहरी लोगों को नहीं घुसने देंगे शहर में, 50 से ज्यादा नाके तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाहरी लोगों को नहीं घुसने देंगे शहर में, 50 से ज्यादा नाके तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Wed, 16 Mar 2016 02:37 AM IST
विज्ञापन
प्रेस वार्ता में बोलते रोहतक उपायुक्त अतुल कुमार।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आरक्षण की मांग पर जाटों की ओर से दिए गए 72 घंटे के अल्टीमेटम पर प्रशासन सख्त हो गया है। जाट आरक्षण के बाद शुरू हुए उपद्रव में शहर को लावारिस छोड़ने वाले प्रशासन ने इस बार कड़े संकेत दिए हैं। अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी ने जाम लगाया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। उपद्रवियों से निपटने के लिए भी पुलिस कर्मियों को खास ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं केंद्र से फोर्स की 10 कंपनियां मांगी गई हैं। गृह सचिव पी. के. दास और डीजीपी यशपाल सिंघल हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मंगलवार को प्रेसवार्ता में डीसी अतुल कुमार ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर रोहतक शहर को सील किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है। शहर में आने वाले सभी रास्तों पर 50 से ज्यादा नाके लगाए जा रहे हैं। यहां सभी उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। शहर के अंदर आने वालों की सघन चेकिंग की जाएगी और आपत्तिजनक सामान मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। शहर के अंदर भी सभी इलाकों में चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार शिक्षण संस्थाओं, खाप प्रतिनिधियों और अन्य वर्गों के लोगों के साथ बैठक कर रहा है।
धारा 144 का करवाया जाएगा पालन
डीसी अतुल कुमार ने कहा कि सुरक्षा के लिए यदि जिले में धारा 144 या कर्फ्यू लगाया जाता है तो उसे पूरी तरह से लागू भी कराया जाएगा। किसी को उसमें छूट नहीं दी जाएगी। उसका उल्लंघन करने वालों को सेना सीधी गोली भी मार सकती है।
विज्ञापन
शिक्षण संस्थानों में होगी कार्रवाई
डीसी ने यह भी साफ कर दिया है कि शिक्षण संस्थान भी छात्रों पर हर तरह से नजर रखें। विवादित गतिविधि पर नियंत्रण रखा जाए तुरंत प्रशासन को सूचना दी जाए। अगर शिक्षण संस्थान में किसी तरह की असामाजिक गतिविधि होती है तो उस संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर शिक्षण संस्थानों को बंद कराया जाएगा। इंटरनेट सेवा भी दोबारा से बंद कराई जा सकती है। लेकिन यह सब कुछ स्थिति को देखते हुए होगा।
लोगों से मिलकर काम करें अधिकारी
डीसी अतुल कुमार ने एडीसी अमित खत्री, एसपी शशांक आनंद, वरिष्ठ आईपीएस हिमांशु गर्ग, एसडीएम दलबीर सिंह फौगाट व शालिनी चेतल, सीटीएम कैप्टन मनोज खत्री, डीडीपीओ नरेंद्र सारवान समेत सभी डीएसपी, बीडीपीओ, थाना प्रभारी के साथ बैठक की। बैठक में पिछले दिनों हुई हिंसा के कारणों की समीक्षा की गई। उसके बाद कहा गया कि सभी वर्गों के लोगों से अफसरों के समय-समय पर मिलते रहने से सौहार्द बना रहता है। इसलिए अधिकारियों को आम लोगों से मिलकर उनसे बातचीत करनी चाहिए।
भड़काने वाले नेताओं पर होगा देशद्रोह का मुकदमा
आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए इस बार पूरी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस-प्रशासन की नेताओं और शिक्षण संस्थानों पर नजर है। कोई नेता भडकाऊ भाषण देता है तो उसको नोटिस देकर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शरारती तत्वों की कॉल रिकार्ड हो रही हैं। जमानत पर बाहर चल रहे हिस्ट्रीशीटरों पर भी नजर रखी जा रही है।
बेकसूर को नहीं पकड़ेंगे, उपद्रवियों को छोड़ेंगे नहीं
उपद्रव में दर्ज सभी मुकदमों को रद करने की मांग पर अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि पुलिस किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं करेगी और उपद्रव के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। डीसी ने कहा कि पुलिस इस समय अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। वे अफवाह फैला रहे हैं कि बेकसूर लोगों को पकड़ा जा रहा है। किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर पुलिस किसी को परेशान करती है और उनके परिजनों को वह निर्दोष लगता है तो इसके लिए पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर बात रख सकते हैं। लेकिन उपद्रवी को नहीं बख्शा जाएगा। किसी को उनके पकड़े जाने पर भी आपत्ति है तो वह अधिकारियों के पास जाकर सबूत देख सकते हैं।
सरकार का रुख सकारात्मक, आरक्षण बिल लाया जाएगा
डीसी ने कहा कि सरकार सभी वर्गों की मांगों को गंभीरता से ले रही है। उनके अनुसार अगले एक-दो दिन में सरकार विधानसभा में आरक्षण से संबंधित बिल लाने जा रही है। उसके बाद भी सरकार व प्रशासन बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। क्योंकि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जिले के सभी लोग अपने पास आने वाली सूचनाओं को क्रास चेक करें, जिससे अफवाहों से बचा जा सके।
विज्ञापन
मंगलवार को प्रेसवार्ता में डीसी अतुल कुमार ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर रोहतक शहर को सील किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है। शहर में आने वाले सभी रास्तों पर 50 से ज्यादा नाके लगाए जा रहे हैं। यहां सभी उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। शहर के अंदर आने वालों की सघन चेकिंग की जाएगी और आपत्तिजनक सामान मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। शहर के अंदर भी सभी इलाकों में चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार शिक्षण संस्थाओं, खाप प्रतिनिधियों और अन्य वर्गों के लोगों के साथ बैठक कर रहा है।
विज्ञापन
धारा 144 का करवाया जाएगा पालन
डीसी अतुल कुमार ने कहा कि सुरक्षा के लिए यदि जिले में धारा 144 या कर्फ्यू लगाया जाता है तो उसे पूरी तरह से लागू भी कराया जाएगा। किसी को उसमें छूट नहीं दी जाएगी। उसका उल्लंघन करने वालों को सेना सीधी गोली भी मार सकती है।
विज्ञापन
शिक्षण संस्थानों में होगी कार्रवाई
डीसी ने यह भी साफ कर दिया है कि शिक्षण संस्थान भी छात्रों पर हर तरह से नजर रखें। विवादित गतिविधि पर नियंत्रण रखा जाए तुरंत प्रशासन को सूचना दी जाए। अगर शिक्षण संस्थान में किसी तरह की असामाजिक गतिविधि होती है तो उस संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर शिक्षण संस्थानों को बंद कराया जाएगा। इंटरनेट सेवा भी दोबारा से बंद कराई जा सकती है। लेकिन यह सब कुछ स्थिति को देखते हुए होगा।
लोगों से मिलकर काम करें अधिकारी
डीसी अतुल कुमार ने एडीसी अमित खत्री, एसपी शशांक आनंद, वरिष्ठ आईपीएस हिमांशु गर्ग, एसडीएम दलबीर सिंह फौगाट व शालिनी चेतल, सीटीएम कैप्टन मनोज खत्री, डीडीपीओ नरेंद्र सारवान समेत सभी डीएसपी, बीडीपीओ, थाना प्रभारी के साथ बैठक की। बैठक में पिछले दिनों हुई हिंसा के कारणों की समीक्षा की गई। उसके बाद कहा गया कि सभी वर्गों के लोगों से अफसरों के समय-समय पर मिलते रहने से सौहार्द बना रहता है। इसलिए अधिकारियों को आम लोगों से मिलकर उनसे बातचीत करनी चाहिए।
भड़काने वाले नेताओं पर होगा देशद्रोह का मुकदमा
आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए इस बार पूरी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस-प्रशासन की नेताओं और शिक्षण संस्थानों पर नजर है। कोई नेता भडकाऊ भाषण देता है तो उसको नोटिस देकर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शरारती तत्वों की कॉल रिकार्ड हो रही हैं। जमानत पर बाहर चल रहे हिस्ट्रीशीटरों पर भी नजर रखी जा रही है।
बेकसूर को नहीं पकड़ेंगे, उपद्रवियों को छोड़ेंगे नहीं
उपद्रव में दर्ज सभी मुकदमों को रद करने की मांग पर अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि पुलिस किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं करेगी और उपद्रव के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। डीसी ने कहा कि पुलिस इस समय अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। वे अफवाह फैला रहे हैं कि बेकसूर लोगों को पकड़ा जा रहा है। किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर पुलिस किसी को परेशान करती है और उनके परिजनों को वह निर्दोष लगता है तो इसके लिए पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर बात रख सकते हैं। लेकिन उपद्रवी को नहीं बख्शा जाएगा। किसी को उनके पकड़े जाने पर भी आपत्ति है तो वह अधिकारियों के पास जाकर सबूत देख सकते हैं।
सरकार का रुख सकारात्मक, आरक्षण बिल लाया जाएगा
डीसी ने कहा कि सरकार सभी वर्गों की मांगों को गंभीरता से ले रही है। उनके अनुसार अगले एक-दो दिन में सरकार विधानसभा में आरक्षण से संबंधित बिल लाने जा रही है। उसके बाद भी सरकार व प्रशासन बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। क्योंकि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जिले के सभी लोग अपने पास आने वाली सूचनाओं को क्रास चेक करें, जिससे अफवाहों से बचा जा सके।