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आयुष्मान मामले में जांच जारी, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी : मुख्यमंत्री

Mon, 17 Jul 2023 02:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jul 2023 02:07 AM IST
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Investigation continues in Ayushman case, culprits will not be spared: Chief Minister
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। पीजीआईएमएस (स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान) के आयुष्मान मामले में जांच चल रही है। जांच के बाद परिणाम भी सामने आएंगे। इसे छिपाया या दबाया नहीं जाएगा। जांच दोषी पाए जाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। जांच हमारा काम है। यह हम कर रहे हैं। यह कहना है मुख्यमंत्री मनोहर लाल का। वे रविवार को भाजपा के प्रांतीय कार्यालय में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
बारिश के समय दिक्कत होती है। मेरे दौरे से पहले सड़कों पर पैचवर्क किया जाता है। यह नया नहीं है। मैने शहर ही नहीं, गांव के रास्ते भी देखे हैं। कहां सड़क टूटी हैं, कहां पैच वर्क है, सब जानता हूं। हमने छह माह पूर्व योजना बनाई थी। इसके तहत 2250 करोड़ रुपये से हरियाणा के सभी विधानसभा में सड़कें दुरुस्त करने के लिए निर्देश दिए थे। इसके तहत औसतन 25 करोड़ रुपये दिए गए। यह काम आधे से ज्यादा हो चुका है। ज्यादातर टैंडर हो चुके हैं। बारिश का पानी उतरते ही सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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प्राॅपर्टी आईडी संबंधी गड़बड़ियों को लेकर सीएम ने कहा कि जब तक त्रुटियां दूर नहीं होंगी, यह काम चलता रहेगा। गलत करने वाले को सजा मिलेगी। बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जल्दी यह काम पूरा हो जाएगा। इसकी 19 जुलाई तक सारी जानकारी साझा की जाएगी।
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बरसाती पानी की समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि वे जितना पानी लिफ्ट करके दक्षिणी हरियाणा में ले जा सकते हैं, ले जाएं। इसके लिए सारे चैनल, रजवाहे, नहरें खोल दो। इससे दक्षिणी हरियाणा में भूमिगत पानी भी रिचार्ज होगा। सूखे पड़े 4,000 तालाबों को भरा जा रहा है। राजस्थान में भी रास्ता बने तो पानी भेजा जा सकता है। इसके अलावा नए तालब, झीलें, रिचार्ज सेंटर बनाए जाएंगे। लिपिकों से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ है। फिलहाल बाढ़ का मामला गंभीर है।

कर्मचारियों की मांग सामान्य है। इसके लिए बाद में भी प्रयास किया जा सकता है। इसलिए लिपिकों ने बाढ़ ग्रस्त इलाके में हड़ताल न करके अन्य इलाकों में विरोध जारी रखने की बात कही है। बाढ़ के हालात से बाहर निकलते ही बातचीत की जाएगी। बातचीत के रास्ते खुले हैं। शहर में बरसाती पानी निकासी के मामले में प्रयास किया जा रहा है। व्यवस्था बेहतर बनाई जाएगी।
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