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अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में जुटे देश-विदेश के वैज्ञानिक
रोहतक/ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2013 11:09 PM IST
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी समेत एडवांस्ड विज्ञान का उपयोग मानव कल्याण के लिए किया जाना चाहिए।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास ने जीवन की गुणवत्ता बढ़ाई है, मानवीय जीवन के विकास में नए क्षितिज छुए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग मानवीय जीवन को और बेहतर बनाने, स्वास्थ्य समस्याओं के निदान में और जनकल्याण में किया जाए।
रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स आफॅ इंडिया (एएमआई) के 54वें वार्षिक सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। संगोष्ठी का विषय फ्रंटियर डिस्कवरीज एंड इनोवेशंस इन माइक्रोबायोलॉजी एंड इट्स इंटर डिसीप्लीनरी रेलीवेंस रहा। इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन मदवि के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा किया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि हरियाणा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए कई इनोवेटिव कार्यक्रम शुरू किए हैं। युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिभा खोज कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। हरियाणा को विज्ञान एवं शिक्षा का हब बनाने के लिए शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तारण किया गया है।
तीन पुस्तकों का विमोचन किया
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. रामधन के योगदान को याद किया और संगोष्ठी स्मारिका का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मदवि माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रत्युष शुक्ला ने संगोष्ठी की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। मदवि कुलपति एचएस चहल ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यातिथि ने समारोह में तीन पुस्तकों-एंजाइम बायोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी रिसोर्स मैनेजमेंट और कंप्यूटेशनल स्ट्रेटजी टूवार्ड्स इम्प्रूव्ड प्रोटीन फंक्शन (स्प्रिंगर प्रकाशन) का लोकार्पण किया।
इन्होंने भाग लिया
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक प्रो. जूलियो पोलैना ने माइक्रोबायोलॉजी के नवीनतम रुझानों व एडवास्ंड पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अमेरिकन सोसायटी आफ माइक्रोबायोलॉजी के प्रो. विक्टर डी रीटा, एएमआई के अध्यक्ष प्रो. रूप लाल, महासचिव एएमआई प्रो. टीके अध्या, एएमआई के संस्थापक प्रो. आरसी कुहाड़ ने भी संबोधित किया। समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह, प्राध्यापिका डॉ. दिव्या मल्हान और डॉ. राजीव कुमार कपूर ने भी योगदान दिया। इस दौरान विधायक आनंद सिंह दांगी, भारत भूषण बतरा, शकुंतला खटक, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, संत कुमार, जगदीप धनखड़, जिला प्रशासन के आला अधिकारी, विवि के अधिकारी आदि मौजूद रहे।
गणित और मनोविज्ञान ब्लॉक का उद्घाटन
सीएम ने रविवार को एमडीयू में नवनिर्मित गणित और मनोविज्ञान ब्लॉक उद्घाटन किया। गणित ब्लॉक 8 करोड़ 70 लाख रुपये से बना है। इस दो मंजिला भवन में विभागाध्यक्ष कक्ष, प्राध्यापक कक्ष, 6 लेक्चर थिएटर, समिति कक्ष, पुस्तकालय, सेमिनार हाल, शोधार्थी कैबिन आदि बनाए गए हैं। साथ ही तीन कंप्यूटर लैब का भी प्रावधान है। मनोविज्ञान ब्लॉक 7 करोड़ 15 लाख 10 हजार रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। इस दो मंजिला भवन में विभागाध्यक्ष कक्ष, प्राध्यापक कक्ष, प्रयोगशालाएं, समिति कक्ष, कंप्यूटर लैब, लेक्चर थियटर, शोधार्थी कैबिन आदि बनाए गए हैं।
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास ने जीवन की गुणवत्ता बढ़ाई है, मानवीय जीवन के विकास में नए क्षितिज छुए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग मानवीय जीवन को और बेहतर बनाने, स्वास्थ्य समस्याओं के निदान में और जनकल्याण में किया जाए।
रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स आफॅ इंडिया (एएमआई) के 54वें वार्षिक सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। संगोष्ठी का विषय फ्रंटियर डिस्कवरीज एंड इनोवेशंस इन माइक्रोबायोलॉजी एंड इट्स इंटर डिसीप्लीनरी रेलीवेंस रहा। इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन मदवि के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा किया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि हरियाणा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए कई इनोवेटिव कार्यक्रम शुरू किए हैं। युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिभा खोज कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। हरियाणा को विज्ञान एवं शिक्षा का हब बनाने के लिए शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तारण किया गया है।
तीन पुस्तकों का विमोचन किया
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. रामधन के योगदान को याद किया और संगोष्ठी स्मारिका का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मदवि माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रत्युष शुक्ला ने संगोष्ठी की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। मदवि कुलपति एचएस चहल ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यातिथि ने समारोह में तीन पुस्तकों-एंजाइम बायोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी रिसोर्स मैनेजमेंट और कंप्यूटेशनल स्ट्रेटजी टूवार्ड्स इम्प्रूव्ड प्रोटीन फंक्शन (स्प्रिंगर प्रकाशन) का लोकार्पण किया।
इन्होंने भाग लिया
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक प्रो. जूलियो पोलैना ने माइक्रोबायोलॉजी के नवीनतम रुझानों व एडवास्ंड पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अमेरिकन सोसायटी आफ माइक्रोबायोलॉजी के प्रो. विक्टर डी रीटा, एएमआई के अध्यक्ष प्रो. रूप लाल, महासचिव एएमआई प्रो. टीके अध्या, एएमआई के संस्थापक प्रो. आरसी कुहाड़ ने भी संबोधित किया। समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह, प्राध्यापिका डॉ. दिव्या मल्हान और डॉ. राजीव कुमार कपूर ने भी योगदान दिया। इस दौरान विधायक आनंद सिंह दांगी, भारत भूषण बतरा, शकुंतला खटक, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, संत कुमार, जगदीप धनखड़, जिला प्रशासन के आला अधिकारी, विवि के अधिकारी आदि मौजूद रहे।
गणित और मनोविज्ञान ब्लॉक का उद्घाटन
सीएम ने रविवार को एमडीयू में नवनिर्मित गणित और मनोविज्ञान ब्लॉक उद्घाटन किया। गणित ब्लॉक 8 करोड़ 70 लाख रुपये से बना है। इस दो मंजिला भवन में विभागाध्यक्ष कक्ष, प्राध्यापक कक्ष, 6 लेक्चर थिएटर, समिति कक्ष, पुस्तकालय, सेमिनार हाल, शोधार्थी कैबिन आदि बनाए गए हैं। साथ ही तीन कंप्यूटर लैब का भी प्रावधान है। मनोविज्ञान ब्लॉक 7 करोड़ 15 लाख 10 हजार रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। इस दो मंजिला भवन में विभागाध्यक्ष कक्ष, प्राध्यापक कक्ष, प्रयोगशालाएं, समिति कक्ष, कंप्यूटर लैब, लेक्चर थियटर, शोधार्थी कैबिन आदि बनाए गए हैं।