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Rohtak News: साधन है सर्जन नहीं, कैसे होगा लिवर ट्रांसप्लांट

Thu, 20 Apr 2023 02:05 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 20 Apr 2023 02:05 AM IST
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Instrument is not surgeon, how will liver transplant be done
पीजीआई  निदेशक कार्यालय। अमर उजाला
माई सिटी रिपोर्टररोहतक। पीजीआईएमएस में लिवर ट्रांसप्लांट की उम्मीद फिर जगी है। वर्ल्ड लिवर डे पर अंबाला में एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पीजीआईएमएस रोहतक में एक साल में लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करवाने की घोषणा की है। हालांकि सर्जन की कमी बाधा बनकर सामने खड़ी है।
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दरअसल, जो डॉक्टर इस कार्य के लिए प्रशिक्षण लेकर आए थे, वह विभाग शुरू होने से पहले ही संस्थान छोड़ कर निजी अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को सर्जन की नियुक्ति करनी होगी। सुविधा शुरू होने पर मरीजों को दिल्ली, गुरुग्राम या बाहर नहीं जाना पड़ेगा। पीजीआईएमएस रोहतक में किडनी, हार्ट, स्किन व लिवर ट्रांसप्लांट का होना सपना बना हुआ है। गौरतलब है कि संस्थान में राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन है। ये लोगों को अंग दान करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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लिवर ट्रांसप्लांट है कठिन सर्जरी
विशेषज्ञ बताते हैं कि हार्ट व किडनी ट्रांसप्लांट आसान है, क्योंकि इनकी नसें मोटी होती हैं। जबकि लिवर की नसें काफी महीन होती है, इसलिए इसके ट्रांसप्लांट में करीब आठ से दस घंटे का समय लगता है।
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डॉ. राजेश गोदारा छोड़ चुके चुके संस्थान
पीजीआईएमएस में सर्जरी विभाग, ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू, मॉड्यूलर ओटी व एक्सपर्ट स्टाफ जैसी सभी सुविधाएं हैं। यहां बस ट्रांसप्लांट के लिए सर्जन नहीं हैं। गौरतलब है कि सर्जरी विभाग के डॉ. राजेश गोदारा सीनियर प्रोफेसर बनने के बाद संस्थान को छोड़ चुके हैं। उनके पास इस कार्य के लिए प्रशिक्षण था। अब संस्थान व सरकार को नया सर्जन तलाशना होगा।

नेफ्रोलॉजी विभाग को मिल रहा एक्सपर्ट
संस्थान के बंद पड़े नेफ्रोलॉजी विभाग को इस माह के अंत तक एक्सपर्ट मिल रहा है और यह विभाग फिर कार्य करेगा। इसमें डॉ. अंकुर गोयल इस माह के अंत तक ज्वाइन कर लेंगे। डॉ. गोयल के पास 600 किडनी ट्रांसप्लांट का अनुभव है।

लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए बनी कमेटी
पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने बताया कि संस्थान ने हरियाणा सरकार व कुलपति डॉ. अनिता सक्सेना के मार्गदर्शन में लिवर ट्रांसप्लांट सेंटर खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मेडिसन विभागाध्यक्ष, सर्जरी, एनेस्थीसिया , बॉयोकैमिस्ट्री, पैथोलॉजी, बीटीटीएम, माइक्रोबॉयोलोजी विभागाध्यक्षों के साथ डॉ. तराना गुप्ता, डॉ. संदीप गोयल, डॉ. सुखबीर बराड व दो बाहरी लिवर ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट की कमेटी का गठन कर दिया है। इनके साथ बुधवार को बैठक भी की गई। कमेटी पूरा डिटेल प्रपोजल तैयार करेगी, इसमें मैनपावर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी का डाटा बनाकर सरकार को डिमांड भेजेगी। कमेटी ऐसे अस्पतालों का निरीक्षण कर जानकारी जुटाएगी, जहां पर अभी लिवर ट्रांसप्लांट हो रहे हैं।
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