{"_id":"6122b7468ebc3e79a8637bff","slug":"ignored-traffic-light-system-stalled-for-six-months-lives-of-people-at-risk-rohtak-news-rtk6216810130","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनदेखी : छह माह से ट्रैफिक लाइट सिस्टम ठप, जोखिम में लोगों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनदेखी : छह माह से ट्रैफिक लाइट सिस्टम ठप, जोखिम में लोगों की जान
विज्ञापन
पावर हाउस चौक पर बंद पड़ी ट्रैफिक लाइट। अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के ट्रैफिक लाइट्स छह माह से बंद पड़े हैं। पुलिस व नगर निगम प्रशासन के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। नतीजतन शहर वासियों को जान-जोखिम में डालकर चौक व चौराहे पार करने पड़ रहे हैं। कब किस चौक पर वाहन आपस में टकरा जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। डीसी के साथ हुई मीटिंग में भी मामला रखने के बावजूद ट्रैफिक लाइट ठीक नहीं हो सकी। मेयर मनमोहन गोयल का कहना है कि अब मंडल आयुक्त के सामने पूरे मामले को रखा जाएगा।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए नगर निगम की तरफ से 11 जगह ट्रैफिक लाइट लगाई गई हैं। इसमें सोनीपत स्टैंड, अशोका चौक, पावर हाउस चौक, सुखपुरा चौक, शीला बाईपास चौक, जींद बाईपास चौक, हिसार चौक व झज्जर चुंगी व अन्य चौक शामिल हैं। छह माह से ये लाइट अक्सर बंद रहती हैं। सुबह व शाम को तो ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात होते हैं, तब वे ट्रैफिक को अपने तरीके से नियंत्रित करते हैं। जब जवान तैनात नहीं होते तो ट्रैफिक अनियंत्रित होकर चलता है। वाहन चालक एक-दूसरे से पहले निकलने के चक्कर में खतरा उठाते रहते हैं। इससे हादसा होने की आशंका रहती है। मेयर मनमोहन गोयल ने बताया कि डीसी की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय मीटिंग में पिछले माह मामले को रखा गया। डीसी ने निगम अधिकारियों को ट्रैफिक लाइट चालू करने की हिदायत दी थी। सोनीपत स्टैंड स्थित चौक पर ट्रैफिक लाइट एक दिन चालू रही, लेकिन अगले दिन फिर बंद हो गई। यही हाल दूसरे चौक व चौराहों का है।
ट्रैफिक सिग्नल खराब नहीं है। ट्रैफिक को अपने हिसाब से नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान लाइट बंद कर देते हैं, क्योंकि सिग्नल का टाइम पहले से तय है, जबकि ट्रैफिक कम या ज्यादा होती रहती है। अगर सिग्नल खराब हैं तो हमें बताएं, तत्काल ठीक करवाएंगे।
विज्ञापन
- नरहरि सिंह बांगड़, आयुक्त, नगर निगम
ट्रैफिक सिग्नल काम नहीं कर रहे हैं। सिग्नल काम करे तो ट्रैफिक पुलिस को ही आराम मिलेगा। ऐसे में ट्रैफिक कर्मी क्यों सिग्नल बंद करेंगे। हर मीटिंग में मामले को उठाया है, फिर भी ट्रैफिक लाइट ठीक नहीं की गई है।
- सज्जन सिंह, डीएसपी ट्रैफिक
डीसी के साथ मीटिंग में मामले को उठाया था। बावजूद इसके शहर की ट्रैफिक लाइट अब तक ठीक नहीं हुई हैं। इस संबंध में मंडल आयुक्त पंकज यादव से बात की है। उनके सामने अब पूरे मामले को रखा जाएगा।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
विज्ञापन
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए नगर निगम की तरफ से 11 जगह ट्रैफिक लाइट लगाई गई हैं। इसमें सोनीपत स्टैंड, अशोका चौक, पावर हाउस चौक, सुखपुरा चौक, शीला बाईपास चौक, जींद बाईपास चौक, हिसार चौक व झज्जर चुंगी व अन्य चौक शामिल हैं। छह माह से ये लाइट अक्सर बंद रहती हैं। सुबह व शाम को तो ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात होते हैं, तब वे ट्रैफिक को अपने तरीके से नियंत्रित करते हैं। जब जवान तैनात नहीं होते तो ट्रैफिक अनियंत्रित होकर चलता है। वाहन चालक एक-दूसरे से पहले निकलने के चक्कर में खतरा उठाते रहते हैं। इससे हादसा होने की आशंका रहती है। मेयर मनमोहन गोयल ने बताया कि डीसी की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय मीटिंग में पिछले माह मामले को रखा गया। डीसी ने निगम अधिकारियों को ट्रैफिक लाइट चालू करने की हिदायत दी थी। सोनीपत स्टैंड स्थित चौक पर ट्रैफिक लाइट एक दिन चालू रही, लेकिन अगले दिन फिर बंद हो गई। यही हाल दूसरे चौक व चौराहों का है।
विज्ञापन
ट्रैफिक सिग्नल खराब नहीं है। ट्रैफिक को अपने हिसाब से नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान लाइट बंद कर देते हैं, क्योंकि सिग्नल का टाइम पहले से तय है, जबकि ट्रैफिक कम या ज्यादा होती रहती है। अगर सिग्नल खराब हैं तो हमें बताएं, तत्काल ठीक करवाएंगे।
विज्ञापन
- नरहरि सिंह बांगड़, आयुक्त, नगर निगम
ट्रैफिक सिग्नल काम नहीं कर रहे हैं। सिग्नल काम करे तो ट्रैफिक पुलिस को ही आराम मिलेगा। ऐसे में ट्रैफिक कर्मी क्यों सिग्नल बंद करेंगे। हर मीटिंग में मामले को उठाया है, फिर भी ट्रैफिक लाइट ठीक नहीं की गई है।
- सज्जन सिंह, डीएसपी ट्रैफिक
डीसी के साथ मीटिंग में मामले को उठाया था। बावजूद इसके शहर की ट्रैफिक लाइट अब तक ठीक नहीं हुई हैं। इस संबंध में मंडल आयुक्त पंकज यादव से बात की है। उनके सामने अब पूरे मामले को रखा जाएगा।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम